बच्चा क्यों करता है सबके सामने बदतमीजी, वजहें जानें और सुधारिए: Understand Child Misbehavior
Understand Child Misbehavior

बच्चा नहीं करेगा सबके सामने बदतमीजी

बच्चा अक्सर ही ऐसा व्यवहार करता है कि आपको शर्मिंदगी महसूस होने लगती है। कई बार दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाता है कि बच्चा इतना ख़राब व्यवहार क्यों कर रहा है?इसलिए जरूरी है कि बच्चों के व्यव्हार को सुधारा जाए लेकिन कैसे?

Understand Child Misbehavior: घर पर मेहमान आए हुए हैं लेकिन बच्चा इतनी सी बात पर चिढ़चिढ़ा रहा है कि नाश्ता पहले उसको क्यों नहीं दिया गया। उसकी उम्र 3 या 4 साल नहीं है। बल्कि अब वो इतना बड़ा है कि दिक्कतें समझ ले और फिर परिस्थिति के हिसाब से बदलाव भी कर ले। मगर वो ऐसा नहीं करता है तो जरूरत है कि आप इसके पीछे की वजह को समझें और इसमें सुधार करने की कोशिश करें। लेकिन ये होगा कैसे? समस्या का आसान हल ये रहा-

मारपीट से नहीं चलेगा काम

Child Misbehavior
Don’t Beat your kid

अक्सर जब बच्चा खराब व्यवहार कर रहा होता है, चिल्ला रहा होता है और बात बिल्कुल नहीं मानता है तो पेरेंट्स सबसे पहले उसे मारने की तैयारी कर लेते हैं। बच्चे के साथ मारपीट करके उन्हें लगता है कि उन्होंने हल निकाल लिया है। लेकिन यह स्थिति खराब करने की वजह हो सकता है। बच्चा और भी ज्यादा खराब व्यवहार करने लग सकता है। इस वक्त दिक्कत की जड़ में जाने की जरूरत होती है, ना कि उसे डराकर बदलने की।   

आप अपना व्यवहार देखिए

Behavior
Behavior

याद रखिए, बच्चे अपने पेरेंट्स से ही सबकुछ सीखते हैं। अगर बच्चा घर में पेरेंट्स को झगड़ते हुए ही देखता है तो वह वैसा ही उग्र व्यवहार खुद भी करता है। इसलिए ध्यान दीजिए कि बच्चा घर में प्यार और सम्मान वाला व्यवहार देखे। वो देखे कि सब एक दूसरे का सम्मान कर रहे हैं और उससे भी प्यार से बात कर रहे हैं। इस तरह के व्यवहार से उन्हें समझाना भी आसान हो जाता है।  

तुलना से नहीं बनेगी बात

Comparison
Comparison

याद रखिए, अगर आप अपने बच्चे की तुलना अक्सर ही दूसरे बच्चों से करती हैं तो आप गलत हैं क्योंकि ऐसे में बच्चे का आत्मविश्वास टूटने लगता है। उसको लगता है कि हर जगह बस वो ही गलत है। तो फिर उसका मिजाज चिढ़चिढ़ा हो जाता है। वो आपकी बात माना बंद कर देता है और दिक्कतें बढ़ती जाती हैं।

स्क्रीन टाइम कैसे और कितना

स्क्रीन टाइम

बच्चा मोबाइल पर कितना समय गुजारता है और क्या कंटेंट देखता है इसका असर भी बच्चे के मन पर पड़ता है। वो अगर मारपीट वाले या संवेदनशील वीडियो गेम खेल रहा है या वीडियो देख रहा तो उसका मन शांत नहीं होगा। बच्चा सिर्फ गलत बातें ही सीखेगा और बोलेगा भी. उसको धीरे-धीर बदलाव करने के लिए कहिए और समझाइए कि खराब वीडियो गेम या कंटेंट उसके लिए कैसे हानिकारक है और वह ऐसा करना नहीं बंद करेगा तो दिक्कत उसे ही होगी। अक्सर दूसरों के सामने उसे शर्मिंदा भी होना पड़ सकता है। उसे डांट कर ऐसा करने के लिए बिल्कुल न कहिए, इस तरह से वो आपकी बात नहीं मानेंगे।