सकारात्मक सोच, जुनून और मेहनत अगर एक साथ मिल जाएं तो बन जाती है किस्मत। ऐसी खूबियां जिनमें मिलती हैं, वो रच देते हैं इतिहास। ऋतु ग्रोवर एक ऐसा ही नाम है, जो 18 साल से ‘द ग्लोबल हैल्प डेस्क चला रही हैं और इसके जरिए बहुत कुछ रचनात्मक और सकारात्मक कर रही हैं।

हम में बड़ा है… दम

इंटीरियर डिजाइनर से उद्यमी तक

आर्मी स्कूल में पढ़ी ऋतु ग्रोवर ने न्यूयॉर्क स्कूल ऑफ इंटीरियर डिजाइनिंग से इंटीरियर डिजाइनिंग का कोर्स किया । इस दौरान अनेक अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने उनकी सराहना की, लेकिन ऋतु का सपना कुछ और ही हासिल करने का था।

उद्यमी की सोच
ऋतु ग्रोवर का मानना है कि व्यवसाय की सफलता को एक उद्यमी के नजरिये से पांच साल के सफर के रूप में देखना चाहिए। किसी भी ब्रांड की दीर्घकालिता के लिए ग्राहकों की संतुष्टि और वफादारी सबसे महत्वपूर्ण है। ग्राहक हमारे व्यवसाय के लिए इंर्धन के समान हैं और हमें मुलाकात के जरिए उनमें अवश्य ही निवेश करना चाहिए।

ग्लोबल हेल्प डेस्क की शुरुआत
ऋतु ने देखा कि कॉरपोरेट सेक्टर में किस तरह देर रात तक शिफ्ट में काम होता है, जो उनके लिए संभव नहीं था। नौकरियों में बढ़ रहे दबाव और समस्याओं को देखते हुए ऋतु ने लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत बनकर और अपने घर और ऑफिस के तालमेल के लिए अपना काम शुरू करने का निर्णय किया। ऋतु ने 1998 में अपनी बेटी के जन्म के बाद ‘द ग्लोबल हैल्प डेस्क की शुरुआत कर दी।Update and publish

अंतराष्ट्रीय कंपनियों की सराहना
आज ऋतु ग्रोवर इंडियन फैसिलिटी मैनेजमेंट कंपनी में उच्च पद पर आसीन हैं। वह अपनी कंपनी ‘दि ग्लोबल हैल्प डेस्क 18 साल से अकेले चला रहीं हैं और 400 से ज्यादा कंपनियों को विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराती हैं।

सफलता के मंत्र

  •  कड़ी मेहनत करें।
  •  सकारात्मक सोच रखें।
  •  ईमानदार रहें।
  •  जिंदगी में पीछे मुड़कर कभी न देखें।