चाणक्य प्राचीन भारत के महान विद्वान और राजनीतिज्ञ थें, जिन्होने अपनी नीतियों के जरिए राजा से लेकर आम जनता का मार्गदर्शन किया। चाणक्य ने व्यक्ति के दैनिक जीवन से लेकर उसके आचार-विचार हर चीज के लिए आदर्श प्रस्तुत किया है। चाणक्य की ये नीतियां आज के समय में भी पुरूष और महिला दोनों के लिए बेहद उपयोगी है, अगर इनका पालन किया जाए तो दुनियादारी की कई समस्याओं से बच सकते हैं। जैसे कि , चाणक्य ने बताया है कि कुछ लोगों को सोते वक्त भूलकर भी नहीं जगाना चाहिए।
अहिं नृप च शार्दूल वराटं बालकं तथा।
परश्वानं च मूर्ख च सप्तसुप्तान्न बोधयेत् ।।7।।
इस श्लोक का अर्थ है कि साप, राजा, शेर, बर्र, बच्चे, दूसरे व्यक्ति का कुत्ता और मूर्ख अगर ये सात सो रहे हैं तो इन्हें सोने देना चाहिए। इन्हें भूलकर भी उठाना नहीं चाहिए।
