आपको हार्ट अटैक के बाद भी वर्क आउट करना चाहिए। 

यह सत्य है। हार्ट अटैक के मरीज वर्क आउट न करने का बहाना हार्ट अटैक रोग को बना लेते है। बल्कि यह जो आपको करना चाहिए उससे उल्टा है। आपको रोजाना 20 से 30 मिनट तक वर्क आउट करना चाहिए। आप अपने वर्क आउट रूटीन के बारे में डॉक्टर से भी सलाह के सकते हैं। 

 डिम लाइट में पढ़ने से आपकी आंखों को नुक़सान पहुंच सकता है। 

यह कथन झूठ है। डिम लाइट में पढ़ने से आपकी आंखों को थका सकता है परन्तु इसके द्वारा आंखों को कोई नुक़सान पहुंचने का कोई प्रमाण नहीं है। लाइट सीधी आपके स्टडी टेबल पर पड़नी चाहिए न कि आपके शरीर के किसी हिस्से जैसे कंधे आदि पर। इससे लाइट टेबल तक नहीं पहुंच पाती। 

 ज्यादा खांसने से आपको उल्टी हो सकती है। 

यह बिल्कुल सच है। छोटे बच्चो को ज्यादा देर तक खासी होने पर उनको उल्टी हो सकती है। क्योंकि बच्चे ज्यादा सेंसिटिव होते हैं परन्तु यह कभी कभार बच्चो के साथ साथ बड़ों में भी हो जाती हैं । यह ज्यादा सीरियस समस्या नहीं है पर यदि आप चाहे तो डॉक्टर को दिखा सकते है। 

 अपनी उंगलियां चटकाने से आपको गठिया हो सकता है। 

यह झूठ है। रिसर्च में यह कही भी नहीं पाया गया है कि जोड़ो के चटकने से गठिया को समस्या हो सकती है। परंतु यदि आप अपनी उंगलियों के पोरों को चटकाते है तो आपके कुछ मुलायम टिश्यू टूट सकते है।

  जर्म्स साबुन से लिपटे रहते हैं। 

यह झूठ है। हालांकि यह सच है कि साबुन से जर्म्स एक इंसान से दूसरे इंसान में ट्रांसफर हो सकते हैं परंतु वह ज्यादा देर तक नहीं टिकते।  स्टडीज ने साबित किया है कि ये ट्रांसफर होने वाले कीटाणु एक से दो मिनट में में जाते है और इनसे कोई बीमारी फैलने का डर नहीं होता। 

 आपको हर रोज 8 गिलास पानी पीने की जरूरत नहीं है। 

यह सत्य है। किसी भी शोध में यह सिद्ध नहीं हुआ है कि आपको 8 गिलास पानी की ही आवश्कता होती है। आपको 8 से ज्यादा या कम पानी की जरूरत भी हो सकती है। यह आपके शरीर व क्लाइमेट पर निर्भर करता है। परंतु आपको पूरे दिन पानी पीना चाहिए। 

 सीधे बैठने से आपकी कमर को नुक़सान पहुंच सकता है। 

यह कथन बिल्कुल सत्य है। बहुत देर तक एक ही जगह पर बैठना आपकी कमर के लिए अच्छा नहीं होता। इससे आपकी रीढ़ की हड्डी को भी नुक़सान पहुंच सकता हैं इसलिए यदि आपको कई देर तक बैठना पड़ता है तो अपने पैरो को घुटनों पर चढ़ा कर न बैठें व थोड़ी देर के गैप के बाद थोड़ा सा घूम फिर लें। 

 सांवली त्वचा वाले लोगो को कैंसर नहीं होती। 

यह एक झूठ है। डार्क स्किन जलती नहीं है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यूवी जैसी हानिकारक किरणों से गहरे रंग की त्वचा पर कोई नुक़सान नहीं होगा। सभी तरह की स्किन टोन को सनस्क्रीन लगाने की जरूरत होती है। 

 जैसे जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, आपकी कम नींद की जरूरत है। 

यह एक झूठ है। बड़ी उम्र वाले व्यक्तयों को अपनी दवाइयों व स्थिति के कारण कम नींद आती है पर इसका यह मतलब नहीं है कि उनको कम नींद की जरूरत है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए बुजुर्गो को कम से कम 7 घंटों की नींद लेनी चाहिए हालांकि नींद की पर्याप्त मात्रा हर व्यक्ति के लिए अलग अलग हो सकती है।

 छींक को रोकना अनहेल्दी है। 

यह बात सच है। जब आपकी बॉडी छीकने को तैयार होती है तो आपको फेफड़ों में एक तरह का प्रेशर बनता है। जब आप छींकने की कोशिश करते है तो उस हवा को बाहर जाने का रास्ता चाहिए होता है लेकिन अगर आप अपने नाक व मुंह को बन्द कर लेते है तो वह कानों की तरफ जाने लगती है जोकि खतरनाक हो सकता है। 

 आपको एक सीजन में एक से अधिक बार फ्लू हो सकता है। 

यह एक सत्य है। एक बार बीमार होना आपको दूसरी बार बीमार होने से नहीं बचा सकता। इसलिए बीमारियों के मौसम में आपको अपना बचाव करना चाहिए जैसे आपको अपने मुंह व नाक को एक टिश्यू से ढक लेना चाहिए। हाथो को बार बार साबुन से धोना चाहिए। 

अंडे आपके हृदय के लिए खतरनाक हैं। 

यह एक झूठ है। लोगो की ऐसी सोच है कि खाने में मौजूद कोलेस्ट्रॉल आपको ब्लड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है जो की हृदय रोग से जुड़ा रिस्क है। पर हाल ही में कि गई रिसर्च के मुताबिक 4 लाख लोगों में जो रोज अंडा खाते है उनका कोलेस्ट्रॉल लेवल अच्छा होता है और उनमें हृदय रोग होने की सम्भावना भी 18 प्रतिशत कम होती है।

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