निर्मल के सिर से पिता का साया बचपन में ही उठ गया था। पिता के असमय गुजर जाने के बाद उसके परवरिश की पूरी जिम्मेदारी उसकी मां निरूपा जी के कंधों पर आ गई। दुख के इस भंवर में अचानक घिर आई उनकी जीवन नौका बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गई थी, परंतु निर्मल के उज्जवल भविष्य को देखते हुए अपनी इस टूटी हुई नौका को फिर से जोडऩे में वे पूरे प्राणपन से लग गईं।
Author Archives: Poonam rawat
रंगों की रंगोली से सजाएं आंगन
भारत में मनाये जाने वाले सभी त्यौहारों में से सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार होता है दिवाली। दिवाली का पर्व भगवान लक्ष्मी के स्वागत में मनाया जाता है और रंगोली उनके स्वागत के लिए मनाई जाती है। रंगोली शब्द संस्कृत के शब्द ‘रंगवाली से लिया गया है, जो रंग और आवली (जिसका अर्थ होता है कतार) से मिलकर बना है।
इन तरीकों से घर के अंदर और बाहर पानी का बचाव करें
आज पूरे वर्ल्ड में पानी की समस्याएं दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। लेकिन फिर भी हम इस समस्या का निवारण निकालने के बजाय, पानी की समस्या को और भी बढ़ा रहे हैं। भले हमारे घर में पानी समय से आ जाता है लेकिन जिस दिन हमारे घर पानी ना आए उस दिन हम हाहाकार मचा देते हैं। आपने कहावत जरूर सुनी होगी ‘अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत’, इसलिए समय रहते हमें पानी का सही उपयोग करना और पानी के महत्व को दूसरों को समझाना जरूरी है। आइए जानें कैसे पानी को घर और बाहार इन टिप्स के जरिए बचाया जा सकता है:
मुझे माफ़ कर देना- भाग 3
महीने भर बाद हमारा विवाह हो गया। मुझे वो दिन अभी भी याद हैं जब मैंने आखिरी बार तेरा चेहरा देखा था, तूने कोई रोष व्यक्त नहीं किया था, कोई प्रतिवाद नहीं किया था। तूने हम दोनों को मुबारकबाद दी थी और तेरे चेहरे पर खुशी के रंग थे। पर क्या तू वाकई भीतर से खुश थी? नहीं, तुझे बहुत दु:ख हुआ था रवीन्द्र की बेवफाई पर, पर जैसा कि तेरा स्वभाव रहा है, तूने उफ्फ तक नहीं की। अपना दु:ख, अपनी पीर अपने अंदर ही जज़्ब कर ली। विवाह के बाद हम मुम्बई आ गए। पहले रवीन्द्र अपने पिता और भाइयों के संग मिलकर कारोबार करता रहा, फिर उसने अपना बिजनेस अलग कर लिया।
मुझे माफ़ कर देना- भाग 2
फिल्म और साहित्य को लेकर वह अक्सर बातें करता था। विशेषकर वे बातें जो स्त्री-पुरुष के बीच की अंतरंग बातों को व्याख्यायित करती थीं। मेरे भीतर एक औरत भूखी रहने लगी थी। मैं उसकी भूख को कुचलने की कोशिश करती, तो वह और अधिक भड़क उठती। मैं सोचती कि वह भूख रवीन्द्र के सानिध्य में कम हो जाएगी, उसके स्पर्श से वह शांत हो उठेगी, पर ऐसा न होता। वह और अधिक तेज़ हो जाती। फिर सोचती, रवीन्द्र्र की अनुपस्थिति में यह भूख शांत हो जाएगी, पर जब वह मेरे करीब न होता तो इस भूख को जैसे दौरा-सा पड़ जाता। मुझे वह रवीन्द्र के पास दौड़ा ले जाना चाहती। अभी मैं अपने भीतर की औरत की इस भूख से दो-चार हो ही रही थी कि मुझे यह अहसास होने लगा कि रवीन्द्र की दिलचस्पी मुझमें खत्म होती जा रही है, वह अब तेरी तरफ झुक रहा है।
मुझे माफ़ कर देना- भाग 1
डाक में कुछ चिट्ठियाँ आई पड़ी हैं। निर्मल एकबार उन्हें उलटपलट कर देखती है, पर पढऩे को उसका मन नहीं कर रहा। वह जानती है कि ये सभी चिट्ठियाँ पाठकों की तरफ से ही आई हैं, जो नि:संदेह अभी हाल ही में एक पत्रिका में छपे उसके आत्मकथा-अंश को लेकर ही होंगी। अधिकांश में उसकी तारी$फ होगी, कुछ में उसके साथ सहानुभूति दिखाने की कोशिश की गई होगी और हो सकता है, एक-आध चिट्ठी में आलोचना भी हो। पता नहीं क्यों, आजकल पाठकों के आए खतों को वह उतनी बेसब्री से नहीं पढ़ती जितनी बेसब्री से पहले पढ़ा करती थी। उसकी रचना पर यदि कोई खत आता था तो वह सारे काम छोड़कर उसे पढऩे बैठ जाया करती थी। कई-कई बार पढ़ती थी, खुश होती थी। दिनभर एक नशा-सा तारी रहता था उस पर।
दिवाली के ये उपाय लाएंगे सुख समृद्धि
अगर घर साफ-सुथरा है तो उससे सकारात् मक ऊर्जा उत् पन् न होती है और कबाड़ नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करता है। घर की सफाई करते वक्त हमें घर में कहीं भी कबाड़ नहीं रखना चाहिए। किसी भी प्रकार के पुराने, कपड़े, इलैक्ट्रिक गैजेट, टूटे बर्तन, किताबें, खिलौने आदि जिनका हम उपयोग नहीं करते उन्हें घर […]
राउंड शेप फेस को दें अट्रैक्टिव लुक
राउंड शेप फेस बहुत ही फेमिनिन है लेकिन फिर भी इसे कुछ एंगल्स देने पड़ते हैं ताकि फीचर्स हाईलाइट हो सके। एल्पस कॉस्मेटिक क्लीनिक की फांउडर व डॉयरेक्टर भारती तनेजा जी के अनुसार चेहरे का मेकअप और हेयस्टाइल से आपका लुक परफेक्ट दिखे इससे पहले आपको अपने चेहरे के शेप के बारें में जानना बहुत जरूरी होता है कि आपके चेहरे का आकार क्या है? ताकि आप फेस शेप के हिसाब से मेकअप कर सकें तो सबसे पहले फेस शेप को डिफाइन करें और अपने माथे के आकार को मापने के लिए आइब्रो के बीच से लेकर हेयरलाइन से सीधे अपने माथे के एक तरफ से दूसरी तरफ तक की दूरी को मापें और इस माप को नोट कर लें।
प्रतीक्षित लम्हा- भाग 2
वह उन्हें देख कर कह उठे- ‘भावी! कितनी प्यारी है ये पहाडिय़ां और कितनी सुंदर है इन पर बर्फ से ढकी चादर। बिल्कुल तुम्हारी तरह। जी चाहता है बस तुम्हें इसी तरह निहारता रहूं। बड़ा सुख और संतोष है तुम्हारे सौंदर्य को देखने और निहारने में। और मैं मन ही मन पुलकित हो उठती। आलोग ने बताया था कि उसके घर वाले भी शादी के लिए तैयार हैं। यह कहते हुए उसने मेरे मुंह में एक टॉफी डाल दी थी, आधी अपने दांतों से काटकर। फिर हम दोनों मुस्कुराते हुए आगे बढ़ चले थे। एक साथ एक ही डगर पर।
6 टिप्स आजमाएं पानी बचाएं
दिन पर दिन जल का स्तर गिरता जा रहा है, जोकि हमारे आने वाले समय में पानी की समस्याएं बढ़ती जाएगी। यह तो आपने सुना ही होगा ‘जल ही जीवन है’, जल नहीं तो हम नहीं। इसलिए जरूरी है कि छोटे-छोटे उपाय के जरिए पानी को बचाया जाया। यह हमारे जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं कि कैसे आप अपनी छोटी पहल के जरिए पानी का संरक्षण कर सकते हैं:-
