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कन्हैया – 21 श्रेष्ठ युवामन की कहानियां महाराष्ट्र

वह विरल दृश्य था। सड़क पर एक युवक बांसुरी बजाता जा रहा था। सैकड़ों कान उसका पीछा कर रहे थे और मुग्ध हो रहे थे। पचासों आंखें उसे खोज रही थीं और व्याकुल लग रही थीं। जिस सड़क से वह गुजर रहा था उसके दोनों तरफ बहमंजिली इमारतें थीं। इन इमारतों में नवधनाढ्य वर्ग था, […]

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