सुकांत एक साधारण गायक का पुत्र था। पिता की मंडली के लोग अक्सर अभ्यास के लिए उसके यहाँ एकत्र होते। इस मौके पर उसे बड़ा आनन्द आता था। वह ध्यान से पूरे समय तक गाना-बजाना सुनता। खासकर सारंगी से निकलने वाली धुन उसे बड़ी प्यारी लगती थी। खाली समय में वह भी सारंगी बजाने की […]
