Summary : गेंदा के पौधे के सामने आने वाली चुनौतियाँ
सर्दियों में गेंदा सबसे पसंदीदा फूलों में से एक होता है लेकिन शीतलहर और पाले के कारण इसके पौधे अक्सर मुरझाने लगते हैं।
Winter Marigold Care: सर्दियों में गेंदा सबसे पसंदीदा फूलों में से एक होता है लेकिन शीतलहर और पाले के कारण इसके पौधे अक्सर मुरझाने लगते हैं। ठंडी हवा, कम धूप और अचानक गिरता तापमान फूलों की संख्या और गुणवत्ता दोनों को प्रभावित करता है। अच्छी बात यह है कि थोड़ी-सी समझदारी और सही देखभाल से गेंदा सर्द मौसम में भी लगातार खिलता रह सकता है। अगर आप चाहते हैं कि आपके बगीचे में ठंड के दिनों में भी गेंदा रंग और खुशबू बिखेरता रहे तो ये उपाय बेहद काम के हैं।
पौधों को ठंडी हवा और पाले से बचाएँ

शीतलहर में सबसे बड़ा खतरा पाले का होता है जो गेंदा के पत्तों और कलियों को जला सकता है। रात के समय पौधों को सीधे ठंडी हवा से बचाना ज़रूरी है। इसके लिए शाम होते ही गमलों या क्यारियों को बोरी, सूती कपड़े या पुराने चादर से हल्के से ढक दें। ध्यान रखें कि ढकाव पौधे को दबाए नहीं, बस ऊपर से सुरक्षा दे। सुबह धूप निकलते ही कपड़ा हटा दें ताकि नमी जमा न हो। अगर पौधे गमले में हैं तो उन्हें दीवार या बरामदे के पास रखें, जहाँ ठंडी हवा का असर कम पड़े।
धूप का पूरा इंतज़ाम करें
गेंदा धूप पसंद करने वाला पौधा है और सर्दियों में इसे कम से कम 5–6 घंटे सीधी धूप चाहिए। शीतलहर के दिनों में धूप वैसे ही कम मिलती है इसलिए यह देखना ज़रूरी है कि पौधे सबसे धूप वाले स्थान पर रखे हों। अगर बगीचे में ऊँचे पेड़ या दीवारें हैं तो गेंदा को वहाँ से हटाकर खुली जगह में लगाएँ। पर्याप्त धूप मिलने से पौधा मज़बूत रहता है और फूल झड़ने की समस्या कम होती है।
पानी देने में बरतें संतुलन

सर्दियों में गेंदा को ज़्यादा पानी की ज़रूरत नहीं होती। ठंड में मिट्टी देर तक गीली रहती है और ज़्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं। पानी तभी दें जब मिट्टी की ऊपरी सतह सूखी लगे। बेहतर होगा कि सुबह के समय पानी दिया जाए ताकि दिन में अतिरिक्त नमी सूख सके। रात में पानी देने से ठंड और पाले का असर बढ़ सकता है, जिससे पौधा कमजोर हो जाता है।
जैविक खाद से पौधे को मज़बूती दें
ठंड के मौसम में गेंदा को हल्की लेकिन पोषक खाद की ज़रूरत होती है। हर 15–20 दिन में वर्मी कम्पोस्ट, सड़ी हुई गोबर खाद या सरसों खली का घोल दें। इससे पौधे को ज़रूरी पोषण मिलता है और फूल लगातार आते रहते हैं। बहुत ज़्यादा रासायनिक खाद देने से बचें क्योंकि ठंड में पौधे उसे ठीक से अवशोषित नहीं कर पाते। जैविक खाद न केवल फूलों की संख्या बढ़ाती है बल्कि पौधे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाती है।
सूखे फूल और पीली पत्तियाँ समय पर हटाएँ

सर्दियों में पौधे की ऊर्जा सीमित होती है। अगर सूखे फूल और पीली पत्तियाँ पौधे पर लगी रहेंगी, तो वे अनावश्यक रूप से पोषण खींचती रहेंगी। इसलिए नियमित रूप से मुरझाए फूलों और खराब पत्तियों को तोड़ते रहें। इससे पौधे को नई कलियाँ बनाने का संकेत मिलता है और वह ज़्यादा फूल देता है। यह छोटी-सी आदत गेंदा को लंबे समय तक खिला हुआ रखने में बहुत मददगार होती है।
इन पाँच आसान उपायों को अपनाकर आप शीतलहर के बावजूद अपने गेंदा पौधों को स्वस्थ और खिला हुआ रख सकते हैं। थोड़ी-सी देखभाल और सही समय पर किया गया संरक्षण आपके बगीचे को सर्दियों में भी रंग-बिरंगा और खुशबूदार बनाए रखेगा।
