Summary: बगीचे, बालकनी और छत के लिए गर्मियों की परफेक्ट बेलें
गर्मियों में बगीचे को सुंदर और ताजगी से भरने के लिए बेल वाले पौधे सबसे अच्छे विकल्प हैं।
मधुमालती, गुड़हल, अपराजिता, आलमंड वाइन और चमेली जैसी बेलें कम देखभाल में भी भरपूर फूल और सुगंध देती हैं।
Colorful Flower Gardening: गर्मियों का मौसम आते ही बगीचे में हरियाली बनाए रखना एक चुनौती बन जाता है। तेज़ धूप और गर्म हवाएँ कई पौधों को झुलसा देती हैं लेकिन कुछ ऐसे पौधे होते हैं जो गर्मियों की तपिश को सहन करने के साथ-साथ भरपूर फूल भी देते हैं। खासतौर पर बेल वाले पौधे जो अपनी लंबी शाखाओं के सहारे किसी भी सतह पर फैल सकते हैं और बगीचे, बालकनी या छत को प्राकृतिक सुंदरता से भर देते हैं। ये बेलें न केवल हरियाली बनाए रखती हैं बल्कि उनके रंग-बिरंगे फूल और भीनी-भीनी खुशबू पूरे वातावरण को ताजगी से भर देती है। ऐसे में यदि आप अपने बगीचे को गर्मियों में भी जीवंत बनाए रखना चाहते हैं तो इन खूबसूरत बेलों को जरूर अपनाएँ।
मधुमालती: प्राकृतिक सुगंध से भरी बेल
मधुमालती एक ऐसी बेल है जो अपनी तेज़ी से बढ़ने की क्षमता और सुगंधित फूलों के कारण हर गार्डन में खास जगह पाती है। इसके फूल शुरुआत में सफेद रंग के होते हैं फिर गुलाबी और बाद में लाल हो जाते हैं। इनका रंग बदलने का यह अनोखा गुण इसे अन्य पौधों से अलग बनाता है। गर्मियों में यह बेल भरपूर फूल देती है और इसकी भीनी-भीनी खुशबू दूर तक फैलती है। इस बेल को बढ़ने के लिए खुली धूप चाहिए होती है। इसे दीवारों, गेट या किसी आर्च पर चढ़ाकर लगाया जा सकता है।
गुड़हल की बेल: चमकीले फूलों की बेल

गुड़हल को आमतौर पर एक झाड़ी के रूप में जाना जाता है लेकिन इसकी कुछ प्रजातियाँ बेल के रूप में भी विकसित हो सकती हैं। इस बेल के फूल बड़े और चमकीले होते हैं जिनके रंग लाल, पीले, गुलाबी और सफेद हो सकते हैं। गर्मियों में जब अधिकांश पौधे मुरझा जाते हैं तब भी गुड़हल की बेल खिले-खिले फूलों से अपनी सुंदरता बनाए रखती है। इसे तेज़ धूप पसंद होती है इसलिए इसे खुले स्थान पर लगाना चाहिए। जैविक खाद देने से यह और अधिक फूल देती है। साथ ही, इसे नियमित देखभाल करने से इसकी ग्रोथ अच्छी होती है।
अपराजिता: औषधीय गुणों का संगम

अपराजिता न केवल अपने सुंदर नीले या सफेद फूलों के लिए जानी जाती है बल्कि यह एक औषधीय पौधा भी है। इसकी बेल गर्मी के मौसम में भी हरी-भरी रहती है और भरपूर फूल देती है। यह बेल मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाने में भी सहायक होती है और इसके फूलों का उपयोग आयुर्वेद में विभिन्न औषधीय गुणों के लिए किया जाता है। यह बेल तेज़ धूप में भी अच्छी तरह से बढ़ती है और बहुत कम पानी में भी जीवित रह सकती है। इसे दीवारों, रेलिंग या किसी अन्य सहारे के साथ चढ़ाने से यह और अधिक सुंदर लगती है। जैविक खाद डालने से इसके फूलों की संख्या बढ़ जाती है।
आलमंड वाइन: पीले फूलों की बेल

आलमंड वाइन अपने चमकीले पीले फूलों के कारण किसी भी बगीचे को आकर्षक बना सकती है। इसके फूल घंटी के आकार के होते हैं और गर्मियों में भी यह लगातार खिलती रहती है। यह बेल तेजी से बढ़ती है और इसे किसी भी ऊँचे स्थान पर चढ़ाकर लगाया जा सकता है। इस बेल को पूरी धूप चाहिए होती है, लेकिन इसे नियमित रूप से पानी देने की जरूरत होती है। मिट्टी में अच्छी जल निकासी होनी चाहिए ताकि इसकी जड़ें सड़ने न लगें। यदि इसे सही पोषण दिया जाए तो यह पूरी गर्मी भर खिली रहती है।
चमेली: खुशबू से भरपूर बेल
चमेली की बेल अपने सुगंधित सफेद फूलों के लिए मशहूर है। गर्मियों में जब हवा में रूखापन बढ़ जाता है तब भी इसकी भीनी-भीनी खुशबू वातावरण में ताजगी घोल देती है। यह बेल बहुत जल्दी फैलती है और इसे बगीचे की दीवारों, छत या बालकनी में लगाया जा सकता है। इसे पूरी धूप और हल्की छाया में भी उगाया जा सकता है। यह बेल अधिक पानी पसंद नहीं करती इसलिए हफ्ते में 2-3 बार पानी देना ही पर्याप्त होता है। समय-समय पर इसे ट्रिमिंग करने से यह अधिक फूल देती है।
