चेन्नई की अलीशा अब्दुल्ला भारत की पहली और एकमात्र महिला सुपरबाइक रेसर हैं। साथ ही वह भारत की सबसे फास्टेस्ट महिला कार रेसर भी हैं। इन्होंने महज 13 साल की उम्र में नेशनल गो-कार्टिंग चैपिंयनशिप जीतकर अपना सिक्का जमा लिया था। जितनी निडर वो अपने काम को लेकर हैं उतनी ही अपने प्रति भी। अलीशा रेसिंग क्वीन के साथ-साथ खूबसूरत और मल्टी टेलेंटेड भी हैं। वो फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं। आइए जानते हैं कैसा रहा अलीशा का ये सफर –

 
चुनैतीपूर्ण था मेरे प्रोफेशन का चुनाव 
 
जब मैंने इस प्रोफेशन को चुना तो मुझे बहुत निगेटिव कमेंट फेस करने पड़े। उन्हें लगता था कि एक लड़की रेसर कैसे हो सकती है। जिस जगह लड़कियां अगर लड़कों को ओवरटेक कर दें तो मैन ईगो हर्ट हो जाता है उस जगह मेरा ये प्रोफेशन लोगों के गले नहीं उतर रहा था। लेकिन समय के साथ लोगों की सोच बदली और उन्होंने मेरी प्रतिभा को सराहा।
 
मेरे पिता हैं मेरी प्रेरणा
 
मैं आज जो भी हूँ अपने पिता की वजह से हूँ। वो सात बार नेशनल चैंपियनशिप जीत चुके हैं। ये जुनून मुझे उनसे ही विरासत में मिला है। उन्होंने ही सुपर बाइक रेसिंग करने के लिए प्रोत्साहित किया उनके अनुभव ने ही मुझे टिकना सिखाया है। यही कारण है कि स्पीड मेरे खून में है।
 
 
परिवार और करियर में मेरे लिए कोई अंतर नहीं
 
मुझे परिवार और करियर के बीच में कभी भी संतुलन नहीं बनाना पड़ा। क्योंकि ये दोनों मेरे लिए एक ही हैं। मेरा परिवार और मेरे पति मुझे बहुत सपोर्ट करते हैं। और ये महसूस ही नहीं होने देते कि ये दोनों चीजें अलग-अलग हैं। इस मामले में मैं अपने आप को बहुत लकी समझती हूँ।
 
अपने बुरे वक्त को कभी भूलिए मत
 
मेरा मानना है कि अपनी खुशी के लिए कभी किसी पर निर्भर मत रहिए। ऐसा करने से सिर्फ आपको दु:ख होगा। और एक बात और जो मैंने सीखी है कि अपने स्ट्रगल के समय को कभी भूलिए मत, यही आपको आगे बढ़ने की कुछ करने की प्रेरण देगा। यही कारण है कि मैं जब रेस ट्रेक पर होती हूँ तो मेरा टारगेट सिर्फ जीतना होता है और कुछ हद तक मैं वो हासिल भी कर लेती हूँ।
 
मुसीबतों के आगे नहीं थमी मेरी रफ्तार
 
साल 2010 में मेरा बाइक से एक्सिडेंट हो गया था उसके बाद से मैंने बाइक चलानी छोड़ दी लेकिन रेसिंग नहीं। मैंने फोरव्हीलर रेसिंग शुरू की। साल 2014 में टोयोटा विओज कप में मैंने अपना शानदार प्रदर्शन दिया। पर इसके बावजूद भी मेरा बाइक पैशन अब तक बरकरार है।
 
 
अपने लिए नियम तय करना बेहद जरूरी है
 
मैं रोज सुबह वर्कआउट करती हूँ और ये मेरी जिंदगी का सबसे पहला और बड़ा नियम है। उसके बाद रेसिंग की प्रैक्टिस करती हूँ साथ ही अपनी अलीशा अब्दुलाह ऐकडमी चलाती हूँ जो कि लड़िकयों को इस प्रोफेशन को अपनाने के लिए प्रेरित करती है।
 
खाना बनाना है बेहद पसंद
 
बहुत कम लोगों को पता है कि मैं एक रेसर के साथ-साथ होम शेफ भी हूं और साथ फूड लवर भी।
 
मेहनत ही सफलता की कुंजी है
 
मेरे हिसाब से तो मेहनत ही इंसान को सफलता तक पहुँचाती है। अगर आप के अंदर किसी भी काम को कर दिखाने का पागलपन है तो आप की प्रतिभा जरूर रंग लाती है।
 
 
 
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