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अगर घर साफ-सुथरा है तो उससे सकारात् मक ऊर्जा उत् पन् न होती है और कबाड़ नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करता है। घर की सफाई करते वक्त हमें घर में कहीं भी कबाड़ नहीं रखना चाहिए। किसी भी प्रकार के पुराने, कपड़े, इलैक्ट्रिक गैजेट, टूटे बर्तन, किताबें, खिलौने आदि जिनका हम उपयोग नहीं करते उन्हें घर से निकाल देना चाहिए। घर की छत पर भी किसी भी प्रकार का कबाड़ इकट्ठा नहीं करना चाहिए।
प्रकाश का दीपावली में विशेष महत्व है।यह समृद्धि को सक्रिय करता है। यह माना जाता है कि जिन घरों में अच्छी रोशनी होती है वह हमेशा धन-धान्य से भरे रहते हैं। दीपावली के दिन उत्तर दिशा में नीले और पीलेबल्ब लगाने से घर में लक्ष्मी का आगमन होता है।
दीयों का भी विशेष महत्व है। दीये की संख्या का ध्यान देना बहुत जरूरी है। 1121-51 यह शुभ संख्या मानी जाती है। इस संख्या में दीये जलायें और लक्ष्मी मां का पूजन करते समय 11 घी के दीये अवश्य जलाने चाहिए। इससे घर हमेशा धन धान्य से भरपूर रहता है। दीये में थोड़ी सी फुलियां अवश्य डालें।
उत्तर दिशा कुबेर दिशा मानी जाती है। इस दिशा को साफ-सुथरा कर यहां पानी से भरा कटोरा या फव् वारा आदि रखें। इससे घर में कभी भी धन की कमी नहीं होगी।
मां लक्ष्मी को आमंत्रित करने के लिए घर के द्वार को तोरण या बन् दनवार से सजाएं। आम के पत्तों या अशोक के पत्तों से बनी तोरण शुभ मानी जाती है।
मुख्य द्वार पर चावल और सिंदूर के मिश्रण से तैयार किए मां लक्ष्मी के पैरों के चिन्ह जरूर अंकित करें। इनकी दिशा घर के अंदर की तरफ होनी चाहिए।
दरवाजे पर हल्दी से ॐ का स्वास्तिक का चिन्ह जरूर बनाएं।
नकदी के प्रवाह को तेज करने के लिए और सुख, समृद्धि को बढ़ाने वाली वस्तुएं जैसे तिजोरी, सेफ आदि को उत्तर दिशा में रखना चाहिए।
दरवाजों में तेल डालें ताकि वह आवाज न करें।
नकारात्मक ऊर्जा को हटाने के लिए ईशान कोण में चांदी के या स्टील के कटोरे में पानी या पीले फूल डाल कर रखें।
कुछ चीजें घर में रखने से मां लक्ष् मी की असीम कृपा मिलती है। पूजा में इस्तेमाल किए गए सिक्कों को लाल कपड़े में सुनहरे धागे के साथ तिजोरी या अलमारी में रखना चाहिए।
सेंधा नमक को पानी में मिला कर छिड़काव करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है।
दीपावली में लक्ष्मी पूजन का विधान है। आपके घर में सम्त्ति धन हमेशा बना रहे, इसलिए लक्ष् मी गणेश के पूजन में कौडिय़ां अवश्य रखनी चाहिए।
दीपावली के दिन नई झाड़ू से घर की सफाई करने से बरकत बनी रहती है।
दीपावली में रंगों से बनी रंगोली का अपना महत्व है। घर में खुशनुमा वातावरण हमेशा बना रहे, जिसमें रंगों का सही चुनाव बहुत महत्वपूर्ण होता है। हरा रंग खुशहाली का, पीला रंग समृद्धि का, लाल रंग ऊर्जा का, पिंक कलर प्रेम का, जामुनी रंग राजसी ठाठ का प्रतीक है। दीपावली में रंगोली बनाते वक्त इन रंगों का इस्तेमाल करेंगे तो जीवन एवम भाग्य की वृद्धि होगी।
अगर आपके घर के आसपास कोई महालक्ष्मी का मंदिर हो तो दिवाली की रात वहां गुलाब की सुगंध वाली अगरबत्ती का दान करें। इससे महालक्ष्मी के कृपा स्वरूप आपके जीवन में सुख-समृद्धि का वास होगा।
दिवाली की रात तेल के दीपक में एक लौंग डालकर उस दीपक से हनुमानजी की आरती करें, या फिर किसी हनुमान मंदिर में जाकर ऐसा दीपक जलाएं।
दिवाली की रात किसी शिव मंदिर जाएं और वहां पर स्थित शिवलिंग पर अक्षत चावल चढ़ाएं। ध्यान रहें कि सभी चावल पूरे होने चाहिए, चावल का कोई दाना खंडित नहीं चाहिए।