मेष– मेष राशि के स्वामी मंगल वर्षारंभ के समय लग्न भाव में स्वराशिगत हैं जो रूचक योग बना रहे हैं यह योग आपके लिये सफलता देने वाला रहेगा | इस वर्ष को मंगलकारी बनाने के लिये, आप श्री हनुमान जी की पूजा करके नववर्ष की शुरुआत करें। आने वाला समय आपके लिये लाभकारी रहेगा।
वृषभ– आप मां लक्ष्मी की आराधना करके नव वर्ष का शुभारंभ कर सकते हैं। अपने मित्र को इत्र का दान करना भी आपके लिये शुभ है। आपके राशि स्वामी शुक्र हैं,जोकि वर्षारंभ में मंगल के घर पर विराजमान हैं इसलिए वैवाहिक जीवन में पार्टनर के साथ रिश्ते बहुत अच्छे रहेंगे |
मिथुन– मिथुन राशि के स्वामी बुध वर्षारंभ में धनु राशि में सूर्य के साथ गोचर कर रहे हैं। चंद्रमा आपकी राशि से धन स्थान में रहेंगें जो कि आपके लिये उन्नति के, पदोन्नति के योग बना रहे हैं। आप बुध देव के देवता श्री नारायण भगवान के पूजन से नववर्ष की शुरुआत करें। श्रीमननारायण की कृपा पूरे वर्ष रहेगी |
कर्क– कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा वर्षारंभ में कर्क राशि में रहेंगे जो कि शुरूआती समय में आपके अंदर गजब के उत्साह का संचार करेंगे, स्वराशि चन्द्रमा जो आपको नये-नए अवसर प्रदान कर सकते हैं। आपको नववर्ष का आरंभ भगवान शिव और माता गौरी की पूजा के साथ करना चाहिए।
सिंह– सिंह राशि के स्वामी सूर्य वर्षारंभ में धनु राशि में बुध के साथ गोचर कर रहे हैं। सूर्य और बुध के योग से बुधादित्य योग बन रहा है जो कि इस साल आपको ख्याति दिला सकता है। इस वर्ष आपके सरकारी नौकरी योग भी बन रहे हैं। आप भगवान शिव की आराधना के साथ नये साल की शुरूआत करें।
कन्या– कन्या राशि के स्वामी बुध हैं जो धनु राशि में सूर्य के साथ गोचर कर रहे हैं और बुधादित्य योग बना रहे हैं। यह साल आपके लिये सफलताएं देने वाला हो सकता है। नये साल की शुरूआत श्रीमननाराय़ण की पूजा-अर्चना के साथ करें।
तुला– वर्षारंभ में तुला राशि के स्वामी शुक्र दूसरे स्थान में बैठे हैं जो कि आपके लिए आकस्मिक धन लाभ मिलने के प्रबल योग बना रहे हैं। वहीं आपकी राशि से चौथे भाव में शनि बृहस्पति का योग बन रहा है जो इस साल आपको सफलता और यात्राओं का य़ोग बना रहा है। आपको नववर्ष का प्रारंभ मां लक्ष्मी की आराधना के साथ करना चाहिए।
वृश्चिक– वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं जो वर्षारंभ में स्वराशि मेष में राशि से छठे भाव पर विराजमान होकर विपरीत राजयोग बना रहे हैं जिसकी वजह से आपको करियर में उन्नति मिल सकती है। किंतु सेहत का ध्यान रखना होगा आपको नये साल की शुरूआत भगवान शिव की पूजा-अर्चना के साथ करनी चाहिए।
धनु– धनु राशि के स्वामी बृहस्पति मकर राशि में राशि स्वामी शनि के साथ गोचर करेंगे। शनि के स्वराशि में होने की वजह से नीचभंग राजयोग बन रहा है। इस योग के कारण आपके अंदर नई ऊर्जा का संचार होगा। आपको भगवान विष्णु की पूजा करके नव वर्ष का शुभारंभ करना शुभ होगा।
मकर– मकर राशि के स्वामी शनि इस वर्ष अपनी स्वराशि मकर में गोचर करेंगे। स्वराशि में शनि का होना आपके लिए शनि का शश महायोग बनाएगा, जिससे आपके कार्यक्षेत्र की स्थिति में काफी अच्छे परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। इसलिए शनि देव या भगवान शिव के पूजन से ही वर्ष का आरंभ करें। नव वर्ष मंगलमयी रहने की उम्मीद कर सकते हैं।
कुंभ– कुंभ राशि के स्वामी शनि वर्षारंभ में बारहवें भाव में देवगुरू बृहस्पति के साथ गोचर कर रहे हैं जिससे आपको मनपसंद जगह घूमने का अवसर मिलेगा आप शनिदेव के पूजन से ही वर्ष का आरंभ करें।
मीन– मीन राशि का स्वामी बृहस्पति लाभ भाव पर नीचभंग राजयोग बना रहे हैं, जिससे आपको पदोन्नति मिल सकती है। इस साल आपकी राशि से कर्म के स्थान पर सूर्य, बुध एक साथ विराजमान हैं जो कि बुधादित्य योग बना रहे हैं। इसके प्रभाव से करियर में आपको नये-नये अवसर मिलेंगें। आपको भगवान श्री गणेश की आराधना के साथ आपको नववर्ष का आरंभ करना चाहिए |
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