तकनीकी साधन-संसाधन हमेशा से मनुष्य की उन्नति का परिचायक रहे हैं। विकास के साथ आगे कदम बढ़ाता मनुष्य रोज नई खोज करता है, नये गैजेट्स ढूंढता है। लेकिन जब यही साधन हमारे रोजमर्रा के जीवन और रिश्तों पर बुरा असर डालने लगते हैं तो सवाल मन में कुलबुलाते हैं कि इनका होना फायदेमंद है या हानिकारक?
