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आवरण – गृहलक्ष्मी की कहानियां

गृहलक्ष्मी की कहानियां – हफ्ते भर की मेहनत के बाद पूरा घर सेट हुआ था, बिजेन्द्र के आॅफिस जाते ही मैंने सोचा आज अदरक वाली गरमागरम चाय पीते हुए अपनी मनपसंद पत्रिकाएं पढूंगी, जो पिछले कई दिनों से नहीं पढ़ पा रही थी। तभी डोरबेल की आवाज सुनकर दरवाजा खोला तो सामने 4-5 महिलाएं खड़ी […]

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