आध्यात्मिक नगरी अमृतसर के कण-कण में वीरता, पराक्रम और समृद्ध विरासत की खुशबू महकती है। यूं तो यहां की एतिहासिक इमारत और गुरूद्वारे पर्यटन के हिसाब से दुनियाभर में मशहूर है। मगर साथ ही यहां का अमृतसरी कुल्चा भी किसी मायने में कम नहीं है। यहां नाश्ते में आमतौर पर आपको अमृतसरी कुल्चा, मक्खन, प्याज की चटनी, चने की सब्जी और लस्सी का गिलास परोसा जाता है, जो शाम तक आपकी भूख को शांत रखने का काम करता है। कुल्चा मतलब भरवा रोटी, जिसे देसी घी लगाकर तंदूर में तैयार किया जाता है। अमृतसर में आपको कुल्चे की कई किस्में आसानी से मिल जाएंगी जैसे आलू वाला कुल्चा, गोभी वाला कुल्चा, ड्राई फ्रूट वाला कुलचा, पनीर वाला कुलचा मक्खन आदि। वैसे तो आलू का कुलचा देश में ज्यादातर जगहों पर मिलता है, लेकिन जो स्वाद और लज्ज़त अमृतसर में बने कुचले की है, वैसी कहीं और मिल पाना मुमकिन नहीं है।
अमृतसरी कुल्चा या अंबरसरी कुल्चा
