Summary: रसोई में माँ अन्नपूर्णा की तस्वीर लगाने का महत्व और सही तरीका
रसोई घर में माँ अन्नपूर्णा की तस्वीर लगाने से घर में अन्न-समृद्धि बनी रहती है और भोजन में सात्विकता आती है। यह परंपरा एक पौराणिक कथा और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी हुई है।
Maa Annapurna in the kitchen: हिंदू धर्म में सभी देवी-देवताओं का अपना स्थान होता है। इनमें माँ अन्नपूर्णा को अन्न और पोषण की देवी माना जाता है। माँ अन्नपूर्णा का नाम दो शब्दों के मेल से बना है, जिसमें अन्न (भोजन) और पूर्णा (पूर्णता) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ होता है भोजन की पूर्णता प्रदान करने वाली देवी। रसोई घर में माँ अन्नपूर्णा की तस्वीर लगाने की परंपरा सदियों पुरानी है। आइए जानते हैं कि क्यों रसोई घर में माँ अन्नपूर्णा की तस्वीर लगाई जाती है और क्या है इसके पीछे का कारण।
रसोई घर में माँ अन्नपूर्णा की तस्वीर लगाने की पौराणिक कथा

एक बार भगवान शंकर और माता पार्वती के बीच विवाद हुआ कि संसार का आधार क्या है। तब भगवान शंकर ने कहा कि सब कुछ माया है, जबकि माता पार्वती ने अन्न को जीवन का आधार बताया। भगवान शंकर के उत्तर से क्रुद्ध होकर माता पार्वती ने अन्न को संसार से हटा दिया, जिसकी वजह से चारों तरह भूखमरी और त्राहि-त्राहि मच गई। लोग बेहाल होने लगे और माता को पुकारने लगें, उनकी पुकार सुनकर माता ने अन्नपूर्णा अवतार लिया और काशी में अन्न का वितरण किया।
रसोई घर में माँ अन्नपूर्णा की तस्वीर लगाने का धार्मिक महत्व

रसोई घर वह स्थान होता है, जहां पर खाना तैयार किया जाता है, जो जीवन का मुख्य आधार है। रसोई घर में माँ अन्नपूर्णा की तस्वीर लगाने का मतलब है कि घर में कभी भी अन्न की कोई कमी नहीं होगी। रसोई घर में उनकी उपस्थिति रहने से रसोई घर हमेशा अन्न से भरा रहेगा और भोजन में सात्विकता आती रहेगी।
रसोई घर में माँ अन्नपूर्णा की तस्वीर लगाने के लाभ
- भोजन में सात्विकता व पवित्रता बनी रहती है।
- खाना बनाते समय मन में किसी भी तरह के अपवित्र सोच, नकारात्मक विचार और क्रोध का भाव नहीं आता है।
- माँ अन्नपूर्णा की तस्वीर से घर में बरकत बनी रहती है।
- पारिवारिक रिश्तों में सरसता और संबंधों में मधुरता बनी रहती है।
रसोई घर में माँ अन्नपूर्णा की तस्वीर कैसे लगाएं

रसोई घर में माँ अन्नपूर्णा की तस्वीर लगाने के लिए किसी भी गुरुवार या शुक्रवार के दिन सुबह जल्दी उठकर दैनिक कार्यों को करने के बाद रसोई घर की अच्छे से साफ-सफाई करें। इसके बाद रसोई घर में गंगाजल का छिड़काव कर रसोई घर को पवित्र करें। उस दीवार पर भी गंगाजल छिड़के जहाँ तस्वीर लगानी है। फिर खाना बनाने वाले गैस, चूल्हे या स्टोव की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करें और माँ अन्नपूर्णा की प्रार्थना करें। इसके बाद माँ अन्नपूर्णा के मंत्र, स्तोत्र, आरती और कथा का वाचन करके तस्वीर को किचन के उत्तर या पूर्व दिशा में लगाएं।
अब भोजन पकाने वाले चूल्हे का हल्दी, कुमकुम, चावल, पुष्प, धूप और दीपक जलाकर पूजन करें। अंत में माँ अन्नपूर्णा की तस्वीर के सामने परिवार के हर सदस्य को हाथ जोड़कर 11 बार प्रार्थना करने के लिए कहें कि हे माँ हमारे घर-परिवार में सदैव आपकी कृपा बनी रहे और घर में कभी भी अन्न जल की कोई कमी ना हो।
