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मकर राशिफल – Makar Rashifal 2022 – 8 नवम्बर से 15 नवम्बर
Capricorn Horoscope

भो, जा, जी उत्तराषाढ़ा‒3

जू, जे, जो, खा अभिजित-4

खा खी, खू, खे, खो श्रवण‒4

गा, गी धनिष्ठा‒2


ग्रह स्थिति

मासारम्भ में चंद्रमा+शनि मकर राशि का लग्न में, बृहस्पति मीन राशि का तृतीय भाव में, राहु मेष राशि का चतुर्थ भाव में, मंगल मिथुन राशि का षष्ठम भाव में, शुक्र+सूर्य+केतु+बुध तुला राशि का दशम भाव में चलायमान है।


8 नवम्बर से 15 नवम्बर तक

8 नवम्बर को शत्रु व विरोधी हावी होंगे। व्यापार व कारोबार में हानि होने की संभावना है। परिवार में गलतफहमियां व मनमुटाव उत्पन्न होगा। आपको मुंह की खानी पड़ सकती है। 9 से 11 के मध्य कुशलता व समझदारी का अद्भुत प्रदर्शन करेंगे। सरकारी नौकरी से जुड़े लोगों को लाभ की प्राप्ति होगी। येन-केन-प्रकारेण आप अपना काम निकलवा ही लेंगे। आप दिलों को जोड़ने का काम करेंगे। 12 व 13 नवम्बर को आपको शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आप कम मेहनत पर भी ज्यादा लाभ प्राप्त करेंगे। 14 व 15 को आप कोई नया हुनर हासिल करेंगे। करियर के प्रति आप पहले से अधिक जागरूक रहेंगे। बच्चों से नम्रता से पेश आएं। आप किसी की भलाई का कोई काम करेंगे।

मकर राशि की शुभ-अशुभ तारीख़ें

2022शुभ तारीख़ेंसावधानी रखने योग्य अशुभ तारीख़ें
जनवरी4, 5, 8, 9, 27, 28, 311, 2, 11, 12, 20, 21, 22, 29, 30
फरवरी1, 4, 5, 23, 24, 287, 8, 16, 17, 18, 26
मार्च3, 4, 5, 22, 23, 27, 28, 316, 7, 8, 16, 17, 25
अप्रैल1, 19, 20, 23, 24, 27, 283, 4, 12, 13, 14, 21, 22, 30
मई16, 17, 20, 21, 22, 24, 25, 261, 9, 10, 11, 18, 19, 27, 28, 29
जून12, 13, 17, 18, 21, 226, 7, 8, 15, 23, 24, 25
जुलाई10, 11, 14, 15, 18, 19, 203, 4, 5, 12, 13 20, 21, 22, 30, 31
अगस्त6, 7, 11, 12, 14, 15, 161, 9, 17, 18, 26, 27, 28
सितम्बर2, 3, 4, 7, 8, 11, 12, 305, 6, 13, 14, 15, 23, 24, 25
अक्टूबर1, 4, 5, 6, 8, 9, 27, 282, 3, 11, 12, 20, 21, 22, 30, 31
नवम्बर1, 2, 4, 5, 6, 23, 24, 28, 297, 8, 16, 17, 18, 26
दिसम्बर2, 3, 21, 22, 25, 26, 29, 304, 5, 6, 14, 15, 16, 23, 24

मकर राशि का वार्षिक भविष्यफल

मकर राशिफल – Makar Rashifal 2022 – 8 नवम्बर से 15 नवम्बर
मकर राशि

इस वर्ष मकर राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है। इस वर्ष 29 अप्रैल तक शनि आपकी राशि में गतिशील रहेंगे। शनि का यह परिभ्रमण स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव तो रखेगा, परंतु व्यापार व कामकाज में सफलता के संकेत इस दौरान मिल रहे हैं। इस वर्ष आपको मेहनत व परिश्रम पहले की अपेक्षा कुछ अधिक ही करना पड़ेगा। आप पूरी तरह से तल्लीन होकर काम में जुट जाएंगे। यह वर्ष आपके लिए काफी चुनौतियों से परिपूर्ण रहेगा। समस्याएं भी एक के बाद एक लगी रहेंगी। आप कठोर परिश्रम, बुद्धि, विवेक व होशियारी से हर समस्या, हर मुश्किल का हल खोज ही लेंगे। इस वर्ष व्यापार व कामकाज को पटरी पर लाने के लिए भरसक मेहनत, प्रयास व परिश्रम करना पड़ेगा। इन संघर्ष पूर्ण स्थितियों के बीच लाभ की भी बरसात होगी। परंतु आपको कई मामलों में बहुत सजग व होशियार रहना पड़ेगा। भागीदार पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करें व ग्राहकों के साथ सीधा संवाद में रहें। इस वर्ष धन प्राप्ति की संभावनाएं प्रबल हैं। एकादश स्थान में वर्षारंभ में मंगल+चंद्रमा की युति धनदायक रहेगी, लेकिन इस वर्ष खर्च की भी प्रबल संभावनाएं हैं। धन का प्रवाह बना रहेगा, पैसा पास में टिक नहीं पाएगा।
इस वर्ष शनि आपकी राशि में तथा दूसरे भाव (कुंभ राशि) में वर्षपर्यंत परिभ्रमण करेंगे। अतः व्यापार में विस्तार की जो योजना पिछले काफी समय से लम्बित चल रही थी, उस पर काम होगा। बुध वर्षारंभ में शनि के साथ है। अतः बुद्धिमत्ता व विवेक से आप हर मुश्किल समस्या का हल निकाल ही लेंगे। यह वर्ष आपके लिए उपलब्धियों से परिपूर्ण रहेगा। 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य शनि वक्रस्थिति में चलायमान रहेंगे। अतः इस दौरान कभी-कभार मन में निराशाजनक व नकारात्मक विचारों की स्थिति बन सकती है। व्यापार व कार्यक्षेत्र में कुछ महत्त्वपूर्ण सूचनाएं व व्यापारिक जानकारी लीक हो सकती है। भागीदार व कर्मचारी की हर गतिविधि पर पैनी निगाह आपको बड़े से बड़े खतरे से बचा सकती है। शत्रु व विरोधी हावी होंगे, सम्पत्ति के रख-रखाव पर खर्चा होगा। 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य शनि के वक्रत्व काल में स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव रहेंगे। पेट से सम्बंधित समस्या, जोड़ों का दर्द, दीर्घकालिक बीमारियां हार्ट डिजीज, ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी रहेंगी। व्यापार में नए अनुबंधन व करार इस वर्ष जून के पश्चात होंगे। आपको सलाह दूंगा कि आप किसी भी दस्तावेज पर बिना पढ़े हस्ताक्षर नहीं करें। नौकरी में जो समस्याएं चली आ रही थीं वह समाप्त हो जाएंगी। विभागीय जांच व अन्य नौकरी से सम्बंधित जांच का निर्णय आपके पक्ष में आएगा। नौकरी से सम्बंधित परीक्षा का परिणाम आपके पक्ष में आएगा। प्रतियोगी परीक्षा, इंटरव्यू, साक्षात्कार का परिणाम आपके पक्ष में आएगा। मित्रों से सहयोग मिलेगा। इस वर्ष आप जो काम करने की एक बार मन में ठान लेंगे, उसे पूरा करके ही दम लेंगे। इस वर्ष मनोनुकूल तबादला, पदोन्नति व वेतन वृद्धि के अवसर मिल सकते हैं। काम में लापरवाही नहीं करें। इस वर्ष व्यापार विस्तार को लेकर लोन ले सकते हैं। शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है। अतः वाहन सावधानी पूर्वक चलाएं। अजनबी व अपरिचित व्यक्तियों से व्यवहार में पूरी सावधानी रखें। अपने अध्ययन के प्रति समर्पित रहेंगे। आत्मविश्वास व मनोबल आप में गजब का रहेगा। जून से अक्टूबर के मध्य शनि के वक्रत्व काल में किसी रिश्तेदार से सम्बंधित कोई अशुभ या अप्रिय समाचार प्राप्त होंगे। वर्ष के अंत में घर में किसी शुभ या मांगलिक प्रसंग की रूपरेखा बन सकती है।

मकर राशिकैसी रहेगी 2022 में आपकी सेहत?

मकर राशि के जातकों के लिए यह साल शारीरिक सुख एवं स्वास्थ्य की दृष्टि से ढीला रहेगा। इस वर्ष शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है। हालांकि, किसी गंभीर व घातक बीमारी की संभावना व आशंका बनी हुई है। बुरी आदतों शराब, गुटका, तम्बाकू आदि का त्याग कर दें। खान-पान का विशेष रूप से ध्यान रखें। इस वर्ष परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव के चलते आपको अस्पताल के चक्कर भी काटने पड़ सकते हैं। मौसमी बीमारियों से भी कष्टानुभूति रहेगी। नियमित व्यायाम, योग, प्राणायाम, खान-पान से आप हर स्वास्थ्य की समस्या का समाधान कर पाएंगे।

मकर राशिव्यापार, व्यवसाय व धनके लिए कैसा रहेगा आने वाला साल 2022 ?

व्यापार, कारोबार की दृष्टि से यह साल 2022 कुछ चुनौतियों को देने वाला साल है। व्यापार में विस्तार की योजना जो पिछले काफी समय से रुकी हुई या अटकी हुई थी वह अल्प प्रयास से ही पूरी हो जाएगी। उत्पादन व मार्केटिंग पर आपका ज्यादा जोर रहेगा। इस वर्ष 29 अप्रैल से 12 जुलाई के मध्य व्यापार को पटरी पर लाने के लिए आप नए अनुबंधन या करार कर सकते हैं। लेकिन अनुबंधन व करार की शर्तों को अच्छी तरह से पढ़ लें। इस अनुबंधन व करार के परिणाम दूरगामी रहेंगे। रुपयों व पैसों की आवक होगी लेकिन पैसा आने से पहले फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें। 13 अप्रैल तक दूसरे भाव का बृहस्पति धन संचय में बाधक है। फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें। 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य व्यापार में कोई गलत निर्णय हो जाएगा। गलत जगह पर धन का निवेश हो जाएगा। इस दौरान आपके साथ कोई विश्वासघात या धोखा भी हो सकता है। उधार देने से बचें। अगर आप नौकरी में हैं तो इस समय आपके विरुद्ध कोई षड्यंत्र या गुप्त योजना कारित हो सकती है। व्यावसायिक प्रतिद्वंद्वी व प्रतिस्पर्धी भी आपके खिलाफ कोई गुप्त योजना रच सकते हैं। लेन-देन व रुपयों पैसों के मामले में किसी पर भी भरोसा नहीं करें। अत्यधिक विश्वास हानि का कारण बनेगा। भूमि, भवन, वाहन आदि की खरीद-फरोख्त से पूर्व कागजात व दस्तावेजों की भली प्रकार जांच कर लें। भागीदार व कर्मचारियों की गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखें।

जानिए कैसा रहेगा 2022 में आपका घर-परिवार, संतान व रिश्तेदार के साथ सम्बन्ध ?

इस वर्ष घर-परिवार का वातावरण काफी अनुकूल रहेगा। दाम्पत्य सम्बंधों में कभी-कभार हल्का-फुल्का तनाव व गलफहमियों की दीवार बन सकती है, लेकिन धीमे-धीमे गलतफहमियों का निराकरण हो जाएगा। आप यह महसूस करेंगे कि हर मुश्किल परिस्थितियों में आपका परिवार मजबूती से आपके साथ खड़ा है। हालांकि जून से अक्टूबर के मध्य शनि के वक्रत्व काल में परिवार के किसी वरिष्ठ व बुजुर्ग सदस्य का स्वास्थ्य गड़बड़ हो सकता है, जिस कारण आपको अस्पताल के चक्कर काटने पड़ सकते हैं। 13 अप्रैल के बाद बृहस्पति के तीसरे स्थान में होने के कारण संतान के अध्ययन, करियर, नौकरी से सम्बंधित शुभ संदेश व समाचार प्राप्त होगा। रिश्तेदारों से कोई खास सहयोग की अपेक्षा नहीं है। संतान की शिक्षा, विषय का चयन, कॉलेज में दाखिला, शादी-विवाह से सम्बंधित चिंता का निराकरण हो जाएगा।

जानिए कैसा रहेगा 2022 में आपका विद्याध्ययन, पढ़ाई व करियर ?

13 अप्रैल को देवगुरु बृहस्पति तीसरे स्थान (मीनराशि) में प्रवेश करेंगे। अतः विद्याध्ययन में पूरी तरह से एकाग्रचित्तता बनेगी। विद्यार्थियों को परीक्षा में वांछित सफलता मिलेगी। करियर व नौकरी से सम्बंधित परीक्षा, विभागीय परीक्षा में सफलता 13 अप्रैल के बाद मिलेगी। प्रेम-प्रसंग, आलतू-फालतू कामों व सोशल मीडिया से थोड़ी दूरी बनाकर रखें। जुलाई से नवम्बर के मध्य बृहस्पति वक्री रहेंगे। अतः इस दौरान नौकरी में आपके विरुद्ध कोई शिकायत हो सकती है। आपके वरिष्ठ उच्चाधिकारी आपकी कार्यशैली से नाराज रहेंगे। नौकरी में अजनबी व अपरिचित व्यक्तियों से लेन-देन से बचें। हालांकि कानूनी शिक्षा, इंजीनियरिंग, मेडिकल के क्षेत्र में प्रयासरत विद्यार्थियों को सफलता मिल जाएगी। नौकरी में इंटरव्यू-साक्षात्कार में आत्मविश्वास में थोड़ी कमजोरी रहेगी। पढ़ाई में एकाग्रचित्तता का अभाव रहेगा।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 में आपके प्रेम-प्रसंग व मित्रता सम्बन्घ ?

यह वर्ष प्रेम-प्रसंगों के लिहाज से अच्छा रहेगा। प्रेमी-प्रेमिका से मुलाकात होगी। हालांकि 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य शनि के वक्रत्व काल में प्रेम-प्रसंगों के उजागर होने का खतरा बना हुआ है।सावधान, उसका नकारात्मक प्रभाव आपके परिवारिक जीवन पर भी पड़ सकता है। मकर राशि के जातक भावुक प्रवृत्ति के होते हैं और भावुकता के आवेश में आपसे कोई गलत निर्णय हो सकता है। किसी जरूरतमंद या संकट में फंसे हुए मित्र की तरफ आप मदद का हाथ बढ़ाएंगे। मित्र भी संकट के समय किए गए कार्य को कभी नहीं भूल पाएगा।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 में आपकेवाहन, खर्च व शुभ कार्य?

इस वर्ष वाहन से आपको परेशानी हो सकती है। शनि आपकी राशि में वर्षारंभ में स्थित है। शनि की साढ़ेसाती के कारण वाहन बार-बार खराब होगा तथा बार-बार उस पर हो रहे खर्चों से भी आप परेशान रहेंगे। वाहन चलाते समय शराब का सेवन नहीं करें। मोबाइल से भी, ड्राइव करते समय दूरी बनाकर रखें, कोई दुर्घटना या अप्रिय घटना घटित हो सकती है। अकारण व फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें, अन्यथा आपको लोन लेना पड़ सकता है। जहां तक शुभकार्य की बात है, इस वर्ष संतान के करियर व उसकी शिक्षा पर खर्च होगा। परंतु इसे शुभ खर्च ही कहा जाएगा। इसी पर भविष्य की मजबूत व सशक्त ईमारत खड़ी होगी। वर्ष के अंत में किसी शुभ व मांगलिक प्रसंग की गूंज सुनाई दे रही है।

मकर राशि वाले कैसे बचेहानि, कर्ज व अनहोनी से?

इस वर्ष शनि की साढ़ेसाती के कारण व्यापार में नुकसान 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य वक्री शनि के कारण हो सकता है। शेयर्स, लॉटरी, जुआ, सट्टा आदि से उचित दूरी बनाकर रखें, आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करें। व्यापार में विस्तार, भूमि, भवन, वाहन आदि के लिए लोन की स्थिति रह सकती है। 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य वक्री शनि के कारण कोई अनहोनी हो सकती है। किसी पारिवारिक सदस्य से सम्बंधित कोई अनहोनी घटित हो सकती है।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 मेंआपका यात्रा योग?

इस वर्ष यात्राएं कोई खास लाभप्रद नहीं रहेंगी। हालांकि छोटी-मोटी कई यात्राएं होंगी। सपरिवार यात्रा का कार्यक्रम अप्रैल से जून के मध्य बन सकता है।

कैसे बनाये मकर राशि वाले 2022 को लाभकारी ?

वर्ष के अधिक शुभ परिणाम प्राप्त करने हेतु कटैला युक्त शनियंत्र गले में धारण करें। “ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः श्नैश्चराय नमः” की माला नित्य नियमित करें। शनिवार को एक मुट्ठी काले उड़द अपने ऊपर से 7 बार उसार कर पक्षियों को चुगाएं शनिवार को शनि मंदिर में तिल व तेल चढ़ाएं। बैंगनी रंग का सुगंधित रूमाल पास में रखें।

मकर राशि की चारित्रिक विशेषताएं

मकर राशि का स्वामी शनि है। शनि प्रधान व्यक्ति मेहनत से नहीं घबराते हैं। मकर राशि के जातक व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) तथा बलवान होते हैं, परंतु पैरों में कभी-कभार तकलीफ रहती है।
शनि पाप ग्रह है तथा उनका रंग काला है। इस राशि वाले व्यक्ति प्रायः काले, नाक चपटी, पैनी आंखें, शरीर से ये पतले, फुर्तीले तथा कुछ लम्बे कद के होते हैं। यह चर संज्ञक व पृथ्वी तत्त्व प्रधान राशि है। इसका प्राकृतिक भाव उच्च पदाभिलाषी प्रकृति की होती है। क्रोध इनको धीरे-धीरे आता है व शांत भी ये देरी से होते हैं। जहां ये अपना पक्ष कमजोर देखते हैं, वहां पर ये नम्र हो जाते हैं।
मकर राशि में उत्पन्न जातक शान्त तथा उदार प्रवृत्ति के होते हैं तथा अन्य जनों के प्रति उनके मन में प्रेम तथा सहानुभूति का भाव विद्यमान रहता है। इनके मुखमंडल पर विचारशीलता, शांति एवं गंभीरता सदैव बनी रहती है। ये अत्यंत ही कर्मशील एवं परिश्रमी होते हैं। फलतः सांसारिक महत्त्व के कार्यों को सम्पन्न करके उनमें सफलता अर्जित करते हैं। इनमें कार्य करने की क्षमता प्रबल होती है तथा यही इनकी सफलता का रहस्य होता है। समाज एवं देशसेवा के प्रति ये उद्यत रहते हैं। ये साहसी एवं संघर्षशील होते हैं तथापि मन में यदा-कदा उदासीनता के भाव उत्पन्न होते हैं, जिससे सुख-दुःख में समान भाव की अनुभूति करते हैं। परिश्रमी एवं अध्ययनशील होने के कारण ये अनुसंधान विज्ञान या शास्त्रीय विषयों का ज्ञान अर्जित करके एक विद्वान के रूप में सामाजिक पहचान प्राप्त करते हैं। आप स्वस्थ एवं बलशाली पुरुष होंगे। आप में आदर्शवादिता का भाव होगा तथा अपने आदर्शों पर चलने के लिए आप स्वतंत्र होंगे। देश-सेवा का भाव भी आप में विद्यमान रहेगा तथा शत्रु एवं प्रतिद्वन्द्वियों से भी उदारता का व्यवहार करेंगे। फलतः वे भी आपसे प्रभावित होंगे।
आप बुद्धिमत्तापूर्वक अपने कार्यकलापों को सम्पन्न करके धनैश्वर्य, वैभव एवं सुख अर्जित करेंगे। संगीत के प्रति आपकी विशेष रुचि रहेगी तथा इस क्षेत्र में परिश्रमपूर्वक कोई विशिष्ट उपलब्धि भी अर्जित कर सकते हैं। आप श्रेष्ठ कार्यों को करने में रुचि लेंगे तथा एक चतुर व्यक्ति के रूप में जाने जाएंगे। आपकी पुत्र संतति प्रसिद्ध रहेगी तथा उनसे आपको इच्छित सुख एवं सहयोग मिलता रहेगा।
पिता के प्रति आपके मन में पूर्ण सम्मान तथा आदर की भावना होगी तथा उनकी सेवा करने में हमेशा तत्पर रहेंगे। आपकी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी तथा प्रचुर मात्रा में धन एवं लाभ अर्जित करके एक धनवान के रूप में सामाजिक प्रतिष्ठा प्राप्त करेंगे। आप युवावस्था में संघर्षशील रहेंगे और वृद्धावस्था में सुख एवं शांति प्राप्त करेंगे।
धर्म में आस्था होने के कारण समयानुसार धार्मिक कार्यकलापों को भी सम्पन्न करेंगे। इससे आपको मानसिक शांति प्राप्त होगी। मित्र एवं बंधु वर्ग के आप प्रिय होंगे तथा इनसे आपको पूर्ण लाभ एवं सहयोग प्राप्त होगा। आप किसी बात पर निर्णय सोच-विचार कर धीरे-धीरे लेंगे। आप ऊंची-ऊंची योजनाएं बनाने में सदा तत्पर रहते हैं। कमाते बहुत हैं पर धन पास में टिकता नहीं, हर समय द्रव्य का अभाव महसूस करते हैं। पत्नी व आपके विचारों में असमानताएं, आपके वैवाहिक सुख को कटुतर बनाने में सहायक हैं। आपकी राशि का चिह्न ‘मगरमच्छ’ है। ‘मगरमच्छ के आंसू’ वाली कहावत लोक-प्रसिद्ध है। ऐसे व्यक्ति दीन स्वरूप व दयनीय स्थिति का बोध कराते हैं, लेकिन कपटी होते हैं। ये बहुभोगी व विषयवासना में आसक्त रहने वाले व्यक्ति होते हैं। भोजन के बाद शीघ्र आराम करने की इच्छा रहती है। ये कहते कुछ हैं व करते कुछ हैं।
यदि आपका जन्म मकर राशि के ‘उत्तराषाढ़ा नक्षत्र’ के (भो, जा, जी) चरणों में हुआ है, तो आपका जन्म 6 वर्ष की सूर्य की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-नकुल, गण-मनुष्य, वर्ण-क्षत्रिय, हंसक-अग्नि, नाड़ी-अन्त्य, पाया-तांबा है। इस नक्षत्र का द्वितीय चरण का वर्ग-मूषक, अन्य दोनों चरणों का वर्ग-सिंह है। इस नक्षत्र में जन्मा जातक बहुत नम्र, बहुत मित्रों वाला, धार्मिक, कृतज्ञ, भाग्यशाली होता है। उत्तराषाढ़ा सूर्य का नक्षत्र है, जो कि चंद्रमा का मित्र है, इसलिए यह शुभ फल कहा जाता है।
यदि आपका जन्म मकर राशि के ‘श्रवण नक्षत्र’ (जू, जे, जो, खा) में हुआ है, तो आपका जन्म 10 वर्ष की चंद्रमा की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-कपि, गण-देव, वर्ण-वैश्य, हंसक-भूमि, नाड़ी-अन्त्य, पाया-तांबा तथा प्रथम तीन चरण का वर्ग-सिंह एवं अन्तिम चरण का वर्ग-बिलाव है। श्रवण नक्षत्र में जन्मे लोग अपने कार्यक्षेत्र में ऊंचा नाम कमाते हैं। परोपकार व धार्मिक कार्यों में धन, समय व श्रम का समुचित उपयोग करेंगे।
यदि आपका जन्म मकर राशि के ‘धनिष्ठा नक्षत्र’ के प्रथम व द्वितीय चरण (गा, गी) में हुआ है, तो आपका जन्म 7 वर्ष की मंगल की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-सिंह, गण-राक्षस, हंसक-भूमि, नाड़ी-मध्य, पाया-तांबा एवं वर्ग-बिलाव है। धनिष्ठा नक्षत्र में जन्मा व्यक्ति निडर व निर्भीक होता है। ये संगीत प्रेमी होते हैं और समाज में इनकी प्रतिष्ठा होती है।
मकर राशि वाले व्यक्ति प्रायः एकांतप्रिय व भीड़-भाड़ से दूर रहना पसन्द करते हैं। इनमें स्वार्थ की प्रवृत्ति कुछ विशेष रहने के कारण इनको धार्मिक व राजनैतिक क्षेत्र में सफलताएं कम मिलती हैं। ये अत्यधिक गोरे होंगे या काले। इसी प्रकार या तो ये कट्टर आस्तिक होंगे या फिर एकदम नास्तिक। आपके अनुकूल फलदायक रत्न ‘नीलम’ है।

मकर राशि वालों के लिए उपाय

आपकी राशि का अधिपति शनि है। अतः 7 प्रकार के अनाज व दालों को मिलाकर पक्षियों को चुगाएं। काले कुत्ते को रोटी खिलाना भी आपके लिए लाभप्रद रहेगा। गहरे रंग के कपड़ों का प्रयोग करें। बैंगनी रंग व नीला रंग उपयुक्त रहता है। नीलम, नीली या शनि यंत्र धारण करें। शनिवार का व्रत करें।

मकर राशि की प्रमुख विशेषताएं

  1. राशि ‒ मकर
    1. राशि चिह्न ‒ मगरमच्छ
    2. राशि स्वामी ‒ शनि
    3. राशि तत्त्व ‒ पृथ्वी तत्त्व
    4. राशि स्वरूप ‒ चर
    5. राशि दिशा ‒ दक्षिण
    6. राशि लिंग व गुण ‒ स्त्री, तमोगुणी
    7. राशि जाति ‒ वैश्य
    8. राशि प्रकृति व स्वभाव ‒ सौम्य स्वभाव, वात प्रकृति
    9. राशि का अंग ‒ घुटना (टखने)
    10. अनुकूल रत्न ‒ नीलम
    11. अनुकूल उपरत्न ‒ कटेला
    12. अनुकूल धातु ‒ लोहा, त्रिलोह
    13. अनुकूल रंग ‒ नीला, आसमानी, काला
    14. शुभ दिवस ‒ शनिवार
    15. अनुकूल देवता ‒ शनिदेव
    16. व्रत, उपवास ‒ शनिवार
    17. अनुकूल अंक ‒ 8
    18. अनुकूल तारीख़ें ‒ 8/17/26
    19. मित्र राशियां ‒ कुंभ
    20. शत्रु राशियां ‒ सिंह
    21. व्यक्तित्व ‒ परोपकारी, दयालु, प्रशासक
    22. सकारात्मक तथ्य ‒ व्यावहारिक धरातल पर चलने वाला कठोर परिश्रमी, सही सलाह देने वाला
    23. नकारात्मक तथ्य ‒ सन्देहास्पद प्रवृत्ति, कठिनता से मानने वाला

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