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कन्या राशिफल – Kanya Rashifal 2022- 24 September To 30 September
Virgo Horoscope 2022

टो, पा, पी उत्तराफाल्गुनी‒3

पू, ष, ण, ठ हस्त‒4

पे, पो चित्रा‒3


ग्रह स्थिति

मासारम्भ में बुध कन्या राशि का लग्न में, केतु+चंद्रमा तुला राशि का द्वितीय भाव में, शनि मकर राशि का पंचम भाव में, गुरु मीन राशि का सप्तम भाव में, राहु मेष राशि का अष्टम भाव में, मंगल वृषभ राशि का नवम भाव में,सूर्य+शुक्र सिंह राशि का बारहवें भाव में है।


16 सितम्बर से 23 सितम्बर तक

दिनांक 16, 17 को आपके व्यवहार में विनम्रता आएगी। अपनी लोकप्रियता, साख में वृद्धि करने और एक नई छवि बनाने में सफल रहेंगे। मंगल ऊर्जा का ग्रह है और मंगल का भाग्य में परिभ्रमण आपकी सोच में व सभी कामों में एकाग्रचित्तता, कार्योन्मुखता और सकारात्मकता पैदा करेगा। नतीजतन आपके साथ अच्छी चीजें होंगी और आप अच्छे कदम उठाएंगे। 18 से 20 के मध्य आपकी पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। यह एक उम्मीद भरा समय है और अच्छा समय शुरू होने जा रहा है। खानपान, फैशन, वित्त, तीन प्रमुख चीजें होंगी। 21, 22 को सर्वलाभकारी समय है। यह एक प्रगति का समय रहेगा। आपके जीवन में यह समय नया सवेरा और रोशनी लेकर आएगा। आपकी आस्था दृढ़ होगी। जीवनसाथी से प्रेमभाव बढ़ेगा। आप एक-दूसरे का ख्याल रखेंगे। 23 को समय ठीक नहीं है। अचानक चिंता की स्थिति बनेगी।

कन्या राशि की शुभ-अशुभ तारीख़ें

2022शुभ तारीख़ेंसावधानी रखने योग्य अशुभ तारीख़ें
जनवरी18, 19, 23, 24, 27, 282, 3, 10, 11, 12, 21, 29, 30
फरवरी14, 15, 19, 20, 23, 246, 7, 8, 17, 18, 26, 27
मार्च13, 14, 15, 18, 19, 20, 22, 236, 7, 8, 16, 17, 25, 26
अप्रैल10, 11, 15, 16, 19, 202, 3, 4, 13, 21, 22, 29, 30
मई7, 8, 12, 13, 16, 171, 10, 11, 18, 19, 27, 28, 29
जून3, 4, 5, 9, 10, 12, 13, 306, 7, 15, 16, 23, 24, 25
जुलाई1, 2, 6, 7, 10, 11, 28, 293, 4, 12, 13, 20, 21, 22, 31
अगस्त2, 3, 6, 7, 24, 25, 29, 30, 319, 10, 17, 18, 27, 28
सितम्बर2, 3, 4, 20, 21, 22, 26, 27, 305, 6, 13, 14, 15, 23, 24
अक्टूबर1, 18, 19, 23, 24, 27, 28, 292, 3, 10, 11, 12, 21, 30, 31
नवम्बर14, 15, 19, 20, 21, 23, 247, 8, 17, 18, 26, 27
दिसम्बर11, 12, 13, 17, 18, 21, 224, 5, 6, 14, 15, 23, 24, 31

कन्या राशि का वार्षिक भविष्यफल

Kanya Rashifal 2022
कन्या राशि

यह वर्ष आपके लिए शानदार सफलता का वर्ष रहेगा। शनि इस वर्ष पंचम व षष्ठम स्थान में गतिशील रहेगा। इस वर्ष स्वास्थ्य में सुधार होगा। पुराने रोगों से सुधार की स्थिति बनेगी। पेट की बीमारी, पाचनतंत्र के रोग आदि से परेशानी रहेगी। यद्यपि इस वर्ष भाग्योदय व उन्नति में कई बार अवरोध आयेंगे। बृहस्पति अप्रैल तक छठे स्थान में रहेंगे। अतः गुप्त शत्रु व षड्यंत्र हावी रह सकते हैं। तीसरे स्थान में वर्षारंभ में केतु़़मंगलचंद्रमा का योग है, जो इस वर्ष पराक्रम में बढ़ोतरी के योग दिखला रहा है। व्यापार व कारोबार में नवीन संभावना का उदय होगा। 13 अप्रैल तक बृहस्पति आठवें स्थान में स्थित है, अतः विद्यार्थियों को पढ़ाई में आशा के विपरीत परिणाम मिलेंगे। कहीं न कहीं एकाग्रचित्तता का अभाव रहेगा। ध्यान में भटकाव रहेगा। शत्रु और विरोधी बिना बात ही आपकी आलोचना व निंदा करेंगे, आलोचना या निंदा से घबराने की बिलकुल भी आवश्यकता नहीं है। आप अपने काम को पूरी मेहनत, ईमानदारी व संजीदगी से अंजाम दें, इस वर्ष लेन-देन व रुपयों से संबंधित मामलों में विशेष सावधानी रखें।
मंगल वर्षारंभ में तीसरे स्थान में हैं। अतः भाइयों से लेन-देन बटवारे व सम्पति सम्बंधी विवाद तूल पकड़ सकता है। आपको अपनी वाणी, क्रोध व आवेश को काबू में रखना चाहिए। संतान से सम्बंधित कार्य पर धन एक ओर जहां खर्च होगा वहीं दूसरी ओर जरूरत खड़ी हो सकती है। आप इस वर्ष अपने ऐशो आराम पर खर्चा करेंगे। अपने व्यावसायिक
प्रतिद्वन्दियों व प्रतिस्पर्धियों से आपको कड़ी चुनौती मिल सकती है। आप अपनी योग्यता व क्षमताओं का भरपूर इस्तेमाल व उपयोग करेंगे, हालांकि शुरुआत में एकदम परिणाम उसके पक्ष में नहीं आयेंगे लेकिन धीमे-धीमे आपको प्रतिफल प्रभावी ढंग से मिलेंगे। काम-काज में काम को योजनाबद्ध व सुनियोजित ढंग से करने की आवश्यकता है। इस वर्ष जुलाई से नवम्बर के मध्य अध्ययन क्षमता में कुछ कमी आयेगी। आपका ध्यान भटक सकता है। घर के किसी वरिष्ठ सदस्य का गिरता हुआ स्वास्थ्य आपकी चिंता का कारण बनेगा। बिना पढ़े किसी भी कागज या दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं करें, अन्यथा लेने के देने पड़ सकते हैं। किसी कानूनी समस्या का समाधान आप सूझबूझ, होशियारी व विवेक से निकालेंगे। नौकरी में बेहतर परिणाम भी इस वर्ष उत्तरार्द्ध में प्राप्त होंगे। बॉस व अधिकारी आपके काम से संतुष्ट रहेंगे। आपकी प्राथमिकता आपका करियर, आपका काम होगा। इस वर्ष घर में किसी नवीन वस्तु की खरीददारी होगी। धार्मिक कार्यक्रम व कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेंगे। भागीदार व पार्टनर से सम्बन्धों में सुधार आयेगा, हालांकि एकदम से उस पर भरोसा नहीं करें।

कन्या राशिकैसी रहेगी 2022 में आपकी सेहत?

इस वर्ष स्वास्थ्य की स्थिति उत्तम रहेगी। पुराने रोगों व कष्टों से छुटकारा मिलेगा। बृहस्पति छठे भाव में वर्षारंभ में विद्यमान हैं। अतः रोग व शत्रु का शमन करेंगे तथा अप्रैल के पश्चात् सप्तम आकर आपकी राशि को पूर्ण दृष्टि से देखेंगे, अतः इस समय स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। लेकिन स्वास्थ्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं करें अन्यथा परिणाम घातक हो सकते हैं। जुलाई से नवम्बर के मध्य गुरु के वक्रत्व काल में मौसमी बीमारियों पाचनतंत्र के रोग आदि की स्थिति रह सकती है। यात्रा में खान-पान का विशेष ध्यान रखें, तीखा व गरिष्ठ भोजन से परहेज करें। योग, व्यायाम, पैदल चलना, ध्यान आदि अपनी दिनचर्या में समाहित करें।

कन्या राशिव्यापार, व्यवसाय व धनके लिए कैसा रहेगा आने वाला साल 2022 ?

इस साल व्यापार व कारोबार में दिन- प्रतिदिन बेहतर स्थितियां निर्मित हो रही हैं। काम में आप नए-नए प्रयोग करेंगे, नवीन लोगों से आपकी मुलाकात भी आपकी उन्नति के रास्ते खोल देगी। एक ओर जहां व्यापार व कारोबार में विस्तार को लेकर नई योजना बनाएंगे, वहीं दूसरी ओर उस योजना को कार्यान्वित भी करेंगे। 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य शनि के वक्रत्व काल में काम का दवाब रहेगा। इस समय आप दूसरों के कार्य तो अच्छे ढंग से सम्पन्न करवा देंगे, लेकिन जहां आपके काम की बात आयेगी तो उसे उतने अच्छे तरीके से नहीं करवा पायेंगे। गलत इन्वेस्टमैंट से बचें, किसी की चिकनी-चुपड़ी बातों व लुभावनी बातों में आकर धन का निवेश नहीं करें। व्यापार में कोई बड़ी डील जून से पूर्व हो सकती है, आर्थिक हालात बेहतर तो बनेंगे, परंतु लाभांश चंद्रमा नीच का होने के कारण धन का संग्रह नहीं हो पायेगा। भागीदार व पार्टनर की हरकतों व गतिविधियों पर नजर रखें, नौकरी में बॉस व अधिकारी आप पर मेहरबान रहेंगे। सरकार में जो पैसा फंसा हुआ है या जो राजकीय विषय फंसा हुआ है, वह इस वर्ष पूर्णता की ओर चलेगा। आत्मविश्वास तो गजब का रहेगा, परंतु अति आत्मविश्वास व अति विश्वास से बचें। समाज में वर्चस्व व पराक्रम बढ़ेगा। कुछ राजनीतिक महत्त्व के लोगों से मेल-मुलाकात होगी।

जानिए कैसा रहेगा 2022 में आपका घर-परिवार, संतान व रिश्तेदार के साथ सम्बन्ध ?

माता-पिता व घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद आपको प्राप्त होगा, घरेलू पारिवारिक परिस्थितियां आपके पक्ष में रहेंगी। भाइयों से जो सम्पति सम्बंधी विवाद चल रहा था, उसका निदान आपसी सहमति से होगा। मंगल स्वगृही है। वर्षारंभ में ही आपको परिवार से सम्बंधित कोई खुशी हासिल हो सकती है। संतान से सम्बंधित किसी महत्त्वपूर्ण निर्णय की स्थिति रह सकती है, संतान की शिक्षा, करियर, विवाह आदि से सम्बंधित विशेष निर्णय रह सकता है। अप्रैल के पश्चात सास-बहू, पति-पत्नी, ननद-भौजाई में मतभेद की स्थिति बन सकती है। अविवाहितों के विवाह सम्बंधी प्रस्ताव मिल सकते हैं। समाज में आपकी प्रतिष्ठा व वर्चस्व बढ़ेगा। रिश्तेदार आपके प्रभुत्व से लाभ लेने हेतु प्रयासरत रहेंगे।। रिश्तेदारों से सहयोग व लाभ की अपेक्षा बेमानी है।

जानिए कैसा रहेगा 2022 में आपका विद्याध्ययन, पढ़ाई व करियर ?

2022 विद्यार्थियों के लिए उन्नति का समय है। आप पूर्ण रूप से एकाग्रचित्त होकर अपने अध्ययन पर ध्यान केंद्रित करेंगे। प्रोफेशनल स्टडीज के लिए प्रयासरत विद्यार्थियों को करियर में सफलता मिलेगी। प्लेसमेंट या ऑफर मिल सकता है। नौकरी से सम्बंधित परीक्षा विभागीय परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा के लिए आपको खूब मेहनत करनी पड़ेगी। अप्रैल के पश्चात करियर व जॉब से सम्बंधित परीक्षा में सफलता मिल ही जायेगी। मैं आपको यह सलाह दूंगा कि प्रेम-प्रसंगों से दूरी बनाकर रखें, लक्ष्य को अपनी आंखों से ओझल नहीं होने दें।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 में आपके प्रेम-प्रसंग व मित्रता सम्बन्घ ?

इस वर्ष प्रेम-प्रसंगों से दूरी बनाकर रखें, अन्यथा आपके करियर व अध्ययन में बाधक बन सकता है। यद्यपि इस वर्ष शुक्र वर्षारंभ में चौथे स्थान में है तथा पंचमेश शनि पंचम में है। अतः प्रेम प्रस्ताव आपको इस वर्ष प्राप्त होते रहेंगे। जून से अक्टूबर के मध्य वक्री शनि के कारण यही प्रेम सम्बंध आपकी बदनामी, कलंक का कारण बन सकते हैं, विवाहेत्तर प्रेम सम्बंधों से आपको बचना चाहिए। जहां तक मित्रों की बात है, सही और सच्चे मित्रों को तलाश करना सबसे बड़ी चुनौती रहेगी। मतलब परस्त मित्र जरूर मिल जायेंगे।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 में आपकेवाहन, खर्च व शुभ कार्य?

अप्रैल के पश्चात् किसी शुभ कार्य व मांगलिक प्रसंग की स्थिति मैं साफ-साफ देख पा रहा हूं। बृहस्पति सप्तम स्थान में आकर विवाह सम्बंधी शुभ प्रसंग की भूमिका बनाएगा। इसमें पर्याप्त खर्च की स्थिति व संभावना है। जहां तक वाहन की बात है, नवीन वाहन के योग तो थोड़े कमजोर ही हैं। हालांकि वाहन के रखरखाव, मरम्मत आदि पर खर्चा होगा। फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें अन्यथा अचानक आप अर्थ संकट में पड़ सकते हैं।

कन्या राशि वाले कैसे बचेहानि, कर्ज व अनहोनी से?

अगर आप सरकारी नौकरी में हैं, तो आपको एक-एक कदम सोच-समझकर फूंक-फूंक कर रखने की आवश्यकता है। आप किसी गुप्त योजना, साजिश व षड्यंत्र का शिकार हो सकते हैं। वाणी व क्रोध पर भी नियंत्रण रखें। अन्यथा बना-बनाया काम बिगड़ सकता है। लोग बोली की वजह से ही आपसे शत्रुता गांठ लेंगे। जहां तक अनहोनी की बात है, जून से अक्टूबर के मध्य वक्री शनि के कारण कोई आर्थिक धोखा व बैंकिंग फ्रॉड आपके साथ हो सकता है। ऑनलाईन पेमेंट व ऑनलाइन फ्रॉड से बचें। वर्ष पर्यन्त ऋण ग्रस्तता की स्थिति रहेगी।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 मेंआपका यात्रा योग?

राहु अप्रैल तक नवम स्थान में हैं। अतः काम-काज को लेकर यात्राओं की स्थिति रहेगी। यात्राओं से विशेष लाभ की उम्मीद करना फिजूल है। अप्रैल के पश्चात् की गई यात्राएं कष्ट कारक रहेंगी।

कैसे बनाये कन्या राशि वाले 2022 को लाभकारी ?

बुधवार को गाय को पालक खिलाएं। पेरीडॉट युक्त बुधयंत्र गले में धारण करें। ‘संकट नाशन गणेश स्तोत्र’ का नित्य पाठ करें। बुधवार को ही एक मुट्ठी मूंग अपने ऊपर से 7 बार उसार कर पक्षियों को चुगाएं।

कन्या राशि की चारित्रिक विशेषताएं

कन्या राशि का स्वामी बुध है। यह बुद्धि व ज्ञान का परिचायक ग्रह है तथा वाणी का ओज, वाक् चातुर्यता को परिलक्षित करता है।
कन्या राशि में उत्पन्न जातक अध्ययनशील होते हैं तथा कई विषयों के ज्ञानार्जन में उनकी रुचि रहती है। अतः समाज में सामान्यतया विद्वान के रूप में इनकी छवि रहती है। ये गुणवान व्यक्ति होते हैं, परन्तु स्त्रियों के प्रति इनके मन में अधिक आकर्षण रहता है। इनका भाग्य प्रबल रहता है तथा अल्प परिश्रम से ही इनके सांसारिक महत्त्व के कार्य सफल हो जाते हैं, जिससे भौतिक सुख-संसाधन एवं धनैश्वर्य की इनके पास प्रचुरता रहती है। ये अत्यंत बुद्धिमान होते हैं तथा अपनी तीक्ष्ण बुद्धि के द्वारा कठिन-से-कठिन समस्या का समाधान करने में समर्थ रहते हैं। अतः सरकारी कार्यों में प्रशासन के क्षेत्र में ये अपना योगदान प्रदान करते हैं तथा वहां सम्मानित एवं आदरणीय रहते हैं। ये भावुकता की अपेक्षा बुद्धि से कार्य लेते हैं, जिससे इनकी उन्नति का मार्ग सर्वदा प्रशस्त रहता है।
पिता के प्रति आपके मन में पूर्ण श्रद्धा होगी तथा उनकी सेवा करने में सर्वदा तत्पर रहेंगे। बाल्यावस्था में आपका समय संघर्षपूर्ण रहेगा। परन्तु मध्य अवस्था के बाद आप पूर्ण सुखी रहेंगे। पुत्र संतति से आप युक्त होंगे तथा इनसे आपको पूर्ण सुख सहयोग प्राप्त होगा। आप एक पराक्रमी पुरुष होंगे तथा स्वपराक्रम एवं योग्यता से सांसारिक कार्यों में सफलता अर्जित करेंगे। आप में तेजस्विता का भाव भी विद्यमान रहेगा। अतः अवसरानुकूल आपको उग्रता के भाव का यत्नपूर्वक परित्याग करना चाहिए। अन्य जनों के प्रति आपके मन में उदारता का भाव भी रहेगा। लेखन या कला संबंधी कार्यों में आपको सफलता मिलेगी।
धर्म के प्रति आपकी सामान्य श्रद्धा रहेगी तथा अल्प मात्रा में ही धार्मिक कार्यकलापों को संपन्न करेंगे। मित्र वर्ग में आपका प्रभाव रहेगा तथा सभी लोग आपको सहयोग प्रदान करेंगे। आप अपने पराक्रम, तेजस्विता, बुद्धिमत्ता तथा योग्यता से इच्छित मान-सम्मान प्राप्त करेंगे तथा सुखपूर्वक जीवन व्यतीत करेंगे। कन्या राशि पिंगल वर्ण व स्त्रीसंज्ञक राशि है। (कन्या राशि वाले पुरुषों में स्त्रियोचित, सुंदरता, कोमलता, लज्जा एवं वाणी माधुर्यता पाई जाती है।)
बुध एक साम्यवादी ग्रह है, अतः इस राशि वाले व्यक्ति पर सोहबत व वातावरण का असर पड़े बिना नहीं रहता। बुरी संगति इनको बुरा बना देती है व अच्छी संगति में ये अच्छे बन जाते हैं। आप गन्दे, बदचलन मित्र-मण्डली से बचें। क्योंकि दूसरे लोगों के प्रभाव, आकर्षण केन्द्र में आ जाना, आपकी सबसे बड़ी कमज़ोरी है।
कन्या राशि द्विस्वभाव, द्विपद व वायु तत्त्व प्रधान राशि है। इसका प्राकृतिक गुण विद्याध्ययन व शिल्पकला है। इनकी विशेषता है कि ये अपनी उन्नति व मान का पूर्ण ध्यान रखने की कोशिश करते हैं। कन्या राशि का स्वभाव व मूल गुण मिथुन जैसे ही हैं, परन्तु यदि जन्म कुण्डली में बुध की स्थिति ख़राब है तथा हाथ में बुध पर्वत पदच्युत हो, कनिष्ठिका कुछ टेढ़ी-मेढ़ी हो, तो ऐसे जातक में पुरुषार्थ शक्ति की न्यूनता पाई जाती है। ऐसे जातकों में शुक्राणुओं की कमी रहती है तथा इनकी दाढ़ी कभी भरपूर नहीं आती।
यदि आपका जन्म कन्या राशि में ‘उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र’ के (टो, पा, पी) अक्षरों में है, तो आपका जन्म छः वर्ष की सूर्य की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-गौ, गण-मनुष्य, वर्ण-वैश्य, हंसक-भूमि, नाड़ी-आद्य, पाया-चांदी, प्रथम चरण का वर्ग-श्वान एवं अंतिम दो चरण का वर्ग-मूषक है। इस नक्षत्र में जन्मे जातक धनी व सुखी होते हैं। जातक आकर्षक व्यक्तित्व का धनी एवं शत्रुओं का नाश करने में दक्ष होता है। ‘उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र’ में जन्मे व्यक्ति की पुरुषार्थ शक्ति तेज़ रहेगी। आप मूलतः समझौतावादी व्यक्ति हैं। झगड़े व व्यर्थ के तर्क-वितर्क में आपका विश्वास नहीं, अपितु आप प्रेम व शांति से किसी विवाद को सुलझाना पसंद करेंगे।
यदि आपका जन्म कन्या राशि में ‘हस्त नक्षत्र’ के (पू, ष, ण, ठ) अक्षरों में है, तो आपका जन्म 10 वर्ष की चंद्र की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-भैंस, गण-देव, वर्ण-वैश्य, हंसक-भूमि, नाड़ी-मध्य, पाया-चांदी, प्रथम चरण का वर्ग-मूषक, द्वितीय चरण का वर्ग-मेढ़ा और अंतिम दो चरणों का वर्ग-श्वान है। हस्त वाले महत्त्वाकांक्षी होते हैं तथा अपनी बुद्धि एवं विद्याबल से ख़ूब सम्पत्ति अर्जित करते हैं।
यदि आपका जन्म कन्या राशि में ‘चित्रा नक्षत्र’ के प्रथम, द्वितीय चरण (पे, पो) में है, तो आपका जन्म सात वर्ष की मंगल की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-व्याघ्र, गण-राक्षस, वर्ण-वैश्य, नाड़ी-मध्य, हंसक-भूमि, पाया-चांदी, वर्ग-मूषक है। चित्रा नक्षत्र के जातक विचित्र वेशभूषा पहनते हैं। इनमें स्त्रियोचित वस्त्राभूषण पहनने का शौक होता है। ये लोग बहुत बुद्धिमान होते हैं तथा अपनी सुविधाओं में कटौती स्वीकार नहीं करते।
बुध सूर्य का सर्वाधिक निकटवर्ती ग्रह है। उदीयमान व अस्तांचल की ओर जाते हुए सूर्यकाल के समय ही इसके दर्शन संभव हैं। सूर्य के निकट होने से इनमें सूर्य के समान तेजस्विता होती है। कन्या राशि वाले जातक बहुत ही सुंदर व चतुर होते हैं। बुध कन्या राशि में उच्च का होता है। प्रायः कन्या राशि वाले व्यक्ति उच्च कोटि के विद्वान व लेखक होते हैं।

कन्या राशि वालों के लिए उपाय

4 1/4 रत्ती का ‘ओनेक्स’ रत्न ‘बुध यंत्र’ में जड़वाकर धारण करें। संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करें। तुलसी के पौधे को रोज़ाना सींचे। गणपति जी को प्रत्येक बुधवार 11 दूर्वा चढ़ाएं। ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का जाप करते हुए प्रत्येक दूर्वा गणपति जी को अर्पित करें।

कन्या राशि की प्रमुख विशेषताएं

  1. राशि ‒ कन्या
    1. राशि चिह्न ‒ हाथ में धान व अग्नि लिए हुए कुंवारी कन्या
    2. राशि स्वामी ‒ बुध
    3. राशि तत्त्व ‒ पृथ्वी तत्त्व
    4. राशि स्वरूप ‒ द्विस्वभाव
    5. राशि दिशा ‒ दक्षिण
    6. राशि लिंग व गुण ‒ स्त्री
    7. राशि जाति ‒ वैश्य
    8. राशि प्रकृति व स्वभाव ‒ सौम्य स्वभाव, वात प्रकृति
    9. राशि का अंग ‒ उदर (पेट)
    10. अनुकूल रत्न ‒ पन्ना
    11. अनुकूल उपरत्न ‒ मरगज, जबरजद
    12. अनुकूल रंग ‒ हरा
    13. शुभ दिवस ‒ बुधवार, रविवार
    14. अनुकूल देवता ‒ गणपति
    15. व्रत, उपवास ‒ बुधवार
    16. अनुकूल अंक ‒ 5
    17. अनुकूल तारीख़ें ‒ 5/14/23
    18. मित्र राशियां ‒ मेष, मिथुन, सिंह, तुला
    19. शत्रु राशियां ‒ कर्क
    20. शुभ धातु ‒ सोना
    21. व्यक्तित्व ‒ दोहरा व्यक्तित्व, विद्वान, युद्धभीरु, आलोचक, लेखक
    22. सकारात्मक तथ्य ‒ निरन्तर क्रियाशीलता, व्यावहारिक ज्ञान
    23. नकारात्मक तथ्य ‒ अतिछिद्रान्वेषी, बुराई ढूंढना, कलहप्रियता, अशुभ चिन्तन, नपुंसकता

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