नॉर्थ ईस्ट का वो शहर जो प्रकृति और इतिहास दोनों से रूबरू कराता है, नाम है शिलांग। शिलांग का नाम सुनकर ही रोमांच और सुकून का अनुभव होने लगता है। इस जगह की ट्रिप करने की प्लानिंग आप कर रही हैं तो पहले इस जगह के बारे में जान लें। जान लें कि कौन-कौन सी जगह आपके घूमने के लिए मुफीद हैं। वो कौन सी जगह हैं जो आपकी ट्रिप को सफल बना सकती हैं।  

ब्रिटिश स्कॉटलैंड की कहानी-

मेघालय की राजधानी शिलांग को ब्रिटिश लोग स्कॉटलैंड भी कहते थे। इसकी वजह थीं इस शहर को घेरे हुए खड़ी पहाड़ियां। ये पहाड़ियां कुछ अलग तरह से घुमावदार तरीके से खड़ी हैं। इनका यही घुमावदार लुक ब्रिटिश लोगों को स्कॉटलैंड की याद दिलाता था। उन्होंने शिलांग को इसीलिए स्कॉटलैण्ड ऑफ द ईस्ट  का नाम दिया था।

उमीयम झील सबसे सुंदर-

 

शिलांग से 15 किलोमीटर दूर बनी ये उमीयम झील ईस्ट खासी हिल के पास बनी है और बेहद सुंदर नजारा देती है। इस झील के पास ही एक पार्क है जहां अक्सर लोग पिकनिक मनाने भी आते हैं। सिर्फ यात्री ही नहीं यहां के लोकल लोग भी इस झील और पार्क में घूमने आ ही जाते हैं। इस झील में कई सारे वॉटर स्पोर्ट्स भी होते हैं जैसे स्कीइंग, रीवर बस आदि। शिलांग एयरपोर्ट इस झील की सिर्फ 25 किलोमीटर दूर है तो आप शिलांग आते हुए भी इस झील पर आ सकते हैं। ये झील 1965 में उमीयम नदी पर बनाई गई थी, तब ही से यात्रियों की पहली पसंद बनी हुई है। यहां आने का सही समय मार्च से जून तक है क्योंकि इस वक्त यहां का मौसम बेहद अच्छा होता है।

एलीफेंटा फॉल्स नहीं भूलेंगी आप-

 

एलीफेंटा फॉल्स शिलांग की पहचान जैसा है। इस फॉल में तीन लेयर हैं, जो इसे बेहद सुंदर बनाती हैं। ब्रिटिश लोगों ने इस फॉल को एलीफेंट नाम इसलिए दिया था क्योंकि इसके एक ओर हाथी के आकार का बड़ा पत्थर पड़ा था। हालांकि ये पत्थर 1897 में आए तूफान के बाद ही नष्ट हो गया। इस फॉल में 3 स्टेप भी हैं जिस वजह से इसे स्टेप फॉल्स भी कहा जाता है। दरअसल तीन स्टेप के चलते ये फॉल तीन अलग-अलग फॉल जैसा नजर आता है। इसका पहला फॉल घने पेड़ों के बीच हैं। दूसरा भी कम नजर आता है लेकिन तीसरे स्टेप का फॉल सबसे ज्यादा दिखता है और ऐसा लगता है मानो दूध की धारा पत्थरों पर गिर रही है। ये फॉल शिलांग से 12 किलोमीटर ही दूर है इसलिए शिलांग से इस फॉल तक आने के लिए ज्यादा समय नहीं लगता है। यहां वैसे तो पूरे साल कभी भी आया जा सकता है। लेकिन फिर भी जाड़े के मौसम में यहां आने से बचना चाहिए क्योंकि तब वॉटर लेवल कम होता है। मॉनसून के ठीक पहले यहां आने पर आपको बेहद खुशनुमा मौसम मिलेगा। ये बिलकुल अच्छा मौसम है शिलांग आने के लिए।

मस्ती भरी शाम पुलिस बाजार में-

 

शिलांग आएं और पुलिस बाजार ना जाएं ये तो हो ही नहीं सकता है। इसलिए अपनी ट्रिप की एक शाम कम से कम यहां जरूर गुजारें। यहां पर स्ट्रीट शॉपिंग मिलेगी तो ब्रांडेड स्टोर भी। खाने-पीने के ठिकाने हैं और मेघालय के हैंडीक्राफ्ट भी। शहर के बेस्ट होटल भी आपको इसी इलाके में मिलेंगे। इस इलाके में आमतौर पर गाड़ियों आ जाना बैन होता है इसलिए यहां सड़क पर टहलते हुए मस्ती करना और आसान हो जाता है। यहां आएं तो चावल से बनी डिश जादोह जरूर खाएं। इसके साथ मोमोज और सोयाबीन से बनी डिश टंग्रिमबाई का स्वाद भी जरूर लें।

शिलांग की सबसे ऊंची चोटी-

 

समुद्र तल से 6449 फीट की ऊंचाई पर बना ये पीक शिलांग की सबसे ऊंची चोटी है। यहां से पूरा शहर नजर आता है। यहां से शहर के साथ हिमालय दिखते हैं तो वॉटर फॉल के साथ दूसरे देश बांग्लादेश के नजारे भी दिखते हैं। इस सेमी सर्कुलर शिलांग पीक पर लोग ट्रेकिंग का रोमांच भी महसूस करते हैं। यहां पर टूरिस्ट के लिए टेलीस्कोप भी लगाया गया है। जिसमें से बेहतरीन और हैरान करने वाला नजारा दिखता है। लेकिन इसके लिए थोड़ी फीस देनी होती है। इसकी चोटी पर देवी भी विराजमान हैं जिसकी बहुत मान्यता है। शहर से यहां पहुंचने में तकरीबन 20 मिनट का समय लगता है क्योंकि शहर से ये जगह सिर्फ 10 किलोमीटर दूर है।

साफ-सुथरीदेवकी

 

देवकी ऐसी नदी है जिसके पानी के नीचे की धरती भी बाहर से ही नजर आ जाती है। इस नदी की तस्वीर आपने कहीं न कहीं जरूर देखी होगी। ये दुनिया की सबसे साफ नदियों में से एक यूंहीं नहीं है। इस साफ नदी में बोटिंग कर सकते हैं और नाव में बैठे हुए ही पानी के नीचे की दुनिया को भी देखा जा सकता है। जब देवकी नदी के पानी में सूरज की किरणें पड़ती हैं तो इसकी चमक देखने वाली होती है। बोटिंग के बाद देवकी मार्केट से शॉपिंग जरूर कीजिए। ये जगह शिलांग से सिर्फ 2 घंटे की दूरी पर है।

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