patiala

पंजाब अपने आप में एक हरा-भरा राज्य है। इस राज्य में खाने के तरह—तरह की वैरायटी मिल जाती है, जैसे छोले—कुल्चे, मक्के की रोटी और सरसों का साग। खाने के साथ—साथ इस राज्य में घूमने की भी कई फेमस जगह है। पंजाब का पटियाला शहर, वैसे तो स्पोर्ट्स एकेडमी के लिए ज्यादा जाना जाता है। हाल ही में ओलंपिक खेलों में गोल्ड जीतने वाले नीरज चोपड़ा ने भी यहीं अपनी ट्रेनिंग पूरी की है। ये शहर उन जगहों के लिए भी जाना जाता है जिनको देखने लोग दूर-दूर से आते हैं। ये वो ऐतिहासिक जगहें हैं जहां जाकर आप भी अच्छा महसूस करेंगी और ढेरों यादें अपने साथ ले जाएंगी। इन जगहों में से भी कुछ खास जगहों को चुनना होगा। सिर्फ 1 दिन की यात्रा में पटियाला की कौन-कौन सी जगहें आपको देख लेनी चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा जगहों का नजारा आप ले सकें, आइए जान लेते हैं।

गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब पटियाला

पटियाला आएं तो कोशिश करें कि शुरुआत गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब पटियाला से हो। जैसा कि नाम से ही पता चलता है, इस गुरुद्वारे में आते ही दुखों का हल मिल जाता है। माना जाता है कि यहां के तालाब में डुबकी लगाने भर से किसी भी तरह की बीमारी से छुटकारा मिल जाता है। बसंत पंचमी और गुरुनानक जयंती जैसे मौकों पर तो यहां खूब भीड़ लगती है। अपनी यात्रा जरूर यहां से शुरू करें।

किला मुबारक कॉम्प्लेक्स

पटियाला का किला मुबारक कॉम्प्लेक्स 1100-1200 AD  में बना एक सुंदर किला है। इसमें मुगल और राजपूत स्टाइल आर्किटेक्चर का इस्तेमाल हुआ है। इस किले में कई सारे सेक्शन हैं जैसे रन बास, दरबार हॉल, किला अंदरून और किला बहादुर गढ़। इन सभी को देखकर शायद आप खुद भी राजसी महसूस करने लगें। ये किला आपका दिल जरूर जीत लेगा।

शीश महल

जैसा कि नाम से ही पता चलता है कि इस महल में ढेरों शीशे हैं। इसको पुराने मोती बाग पैलेस के हिस्से के तौर पर 19वीं शताब्दी में बनाया गया था। महाराजा नरेंद्र सिंह के कार्यकाल में यहां कई सारे भित्ति चित्र भी बनाए गए हैं, जो काफी आकर्षक हैं। इस पैलेस में आना इसलिए भी अच्छा लगता है क्योंकि इसके सामने एक सुंदर झील है। इस झील पर लक्ष्मण झूला नाम का पुल भी है। ये नजारा आप शायद ही कभी भूल पाएं। खासियत सिर्फ इतने पर खत्म नहीं होती है बल्कि इसके साथ में एक दुनियाभर के मेडल से सजा म्यूजियम भी है, जो आपको इतिहास के गलियारे में जरूर ले जाएगा।

बहादुर गढ़ फोर्ट

असल में नवाब सैफ खान की ओर से बनवाए गए इस फोर्ट को 1837 में महाराजा करम सिंह ने दोबारा रेनोवेट करवाया था। 21 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैले इस फोर्ट को नवे सिख गुरु तेग बहादुर के नाम पर रखा गया था। इसको गोलाई के आकार में बनाया गया था। इसका आकार काफी आकर्षक है। फोर्ट के क्षेत्र में ही आपको एक गुरुद्वारे के दर्शन करने को भी मिलेंगे। इतना ही नहीं यहां पर एक मस्जिद भी है। इस पूरे क्षेत्र के एक हिस्से को पंजाब पुलिस कमांडो ट्रेनिंग स्कूल के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।

बारादरी गार्डन

बारादरी गार्डन महाराजा रजिन्दर सिंह के कार्यकाल में बनवाया गया था। उनका यहां पर स्टेचू भी है। इस गार्डन में कई तरह के फूल लगे हैं, जो कि यहां की सुंदरता कई गुना बढ़ाते हैं।ये जगह शाही निवास और क्रिकेट स्टेडियम के साथ में बनी है। इतना ही नहीं बारादरी गार्डन के पास ही रजिन्दर कोठी भी बनी है, जो पहले एक छोटा महल था लेकिन अब हेरिटेज होटल के तौर पर काम करता है।

मोती बाग पैलेस

ये एक ऐसी जगह है, जहां बहुत टूरिस्ट आते हैं। ये असल में पटियाला के महाराजा की ओर से 1840 में बनवाया गया। इसका बाद में महाराजा भूपिंदर सिंह के राज्यकाल में 1920 में विस्तार किया गया। इस एक पैलेस में 15 डाइनिंग हॉल हैं। बाद में इस पैलेस के एक हिस्से को म्यूजियम बना दिया गया और बाकी हिस्से को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स को दे दिया गया। ये जगह आर्किटेक्चर का अनोखा अजूबा है।

रंगों वाली शॉपिंग

पटियाला अपने बाजार और वहां मिलने वाली रंग-बिरंगी चीजों के लिए भी जाना जाता है जैसे पटियाला सलवार, परांदा, जूती, चुन्नी और न जाने क्या-क्या। पटियाला आएं तो इनको देखे बिना तो आप वापस जाना ही नहीं चाहेंगी। वैसे तो शहर में अब कई मॉल खुल चुके हैं लेकिन यहां के लोकल बाजार आपको जरूर ही पसंद आएंगे। अदालत बाजार इन्हीं में से एक हैं। यहां शादी से जुड़े तकरीबन सभी आइटम आसानी से मिल जाते हैं। इसकी पतली गलियों में खरीदारों के लिए बहुत कुछ छुपा हुआ है। इसके साथ ही छोटी बारादरी भी ऐसा ही एक मार्केट है। यहां पर मौजूद फुलकारी इम्पोरियम आपको जरूर ही पसंद आएगा। इसे पंजाब सरकार की ओर से ही चलाया जाता है।

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