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Twins Problem
4 Problems That Twins Face

Twins Problem: हर बच्चे को अपने साथ खेलने के लिए घर में एक भाई-बहन की जरूरत होती है। जिस तरह से मां बच्चों की पहली गुरु होती है वैसे ही भाई-बहन भी बच्चों के पहले साथी होते हैं जो ताउम्र साथ निभाते हैं। वे भले ही उम्र में कितने भी बड़े हों या छोटे हों लेकिन जो अहसास दो भाई-बहनों को आपस में जोड़े रखता है वैसा अहसास किसी अन्य रिश्ते में नहीं दिखता। बचपन में तो भाई-बहन ही एक-दूसरे के दुख और सुख के साथी होते हैं। लेकिन जब ये सुख-दुख का साथी ट्विन्स हो तो मस्ती के साथ कॉम्प्लीकेशन्स भी पैदा हो जाते हैं। कई बार तो गलती एक करता है और उसके जगह पिटाई दूसरे को मिल जाती है। यहां तक की घर में मां भी दुविधा में आकर एक की गलती की सजा दूसरे को दे देती। स्कूल में मास्टर के होमवर्क ना करने की सजा हो या पड़ोस के अंकल की बाइक ठोकने के लिए सजा हो, जुड़वा भाई-बहनों में कभी भी गलती की सजा गलती करने वाले को नहीं मिलते। इससे कई बार गंभीर स्थितियां भी पैदा हो जाती हैं।
अगर आपके भी जुड़वा बच्चे या भाई-बहन हैं तो आज हम ऐसे ही पांच समस्याओं के बारे में बात करेंगे जिसका सामान्य तौर पर जुड़वा भाई-बहनों को सामना करना पड़ता है।  

नोट- यहां हम पैटर्नल ट्विन्स के बारे में बात नहीं कर रहे हैं। यहां हम आइडेंटिकल ट्विन्स के बारे में बात करेंगे जो बिल्कुल हुबहु एक दूसरे की तरह दिखते हैं। जिनकी पहचान शायद किसी ना दिखने वाले दाग से होती है। फेटर्नल ट्विन्स एक ही डीएनए शेयर नहीं करते हैं और एक-दूसरे से अलग दिखते हैं। जबकि आइडेंटिकल ट्विन्स गर्भावस्था के दौरान एक ही फर्टिलाइज्ड अंडे के दो भाग में बंटने से पैदा होते हैं। ये एक डीएनए शेयर करते हैं और एक-दूसरे की तरह दिखते हैं।
तो चलिए अब समस्याओं के बारे में बात करते हैं।

Twins Problem
No one recognizes

पहली समस्या: कोई पहचान नहीं पाता

जुड़वा बच्चों के जन्म लेते ही सबसे बड़ी समस्या पहचानने की शुरू हो जाती है। पैदा होने के एक-दो साल तक तो बिल्कुल भी पहचान में नहीं आते। वैसे भी सामान्य बच्चे भी लगभग पैदा होने के छह महीने तक एक ही जैसे लगभग दिखते हैं। फिर ट्विन्स के बारे में तो समस्या पैदा होगी ही। भले ही इनके बड़े होने पर किसी दाग या तिल की वजह से पहचानने की समस्या सुलझ जाए लेकिन शुरुआती तीन-चार साल तो गड़बड़ी में ही बीत जाते हैं।

ये ना करें- अक्सर पैरेंट्स भी इस पहचान की दुविधा को और बढ़ा देते हैं। मानते हैं कि बच्चों को एक-जैसी ड्रेस पहनाना अच्छा लगता है। लेकिन ट्विन्स को एक-जैसी ड्रेस ना पहनाएं तो ज्यादा अच्छा है। क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि पहचान की दुविधा में आप एक ही बच्चे को दो-तीन बार दूध पिला देती हैं या खाना खिला देती हैं और दूसरा भूखा रह जाता है। तो एक-जैसी ड्रेस, एक जैसी टोपी या एक जैसे जूतों के चक्कर में ना पड़े।

ये करें- ट्विन्स बच्चे एक जैसे ही दिखते हैं। इसलिए उन्हें ज्यादा एक जैसा मत दिखाने की कोशिश करें और अलग-अलग तरह के या कम से कम अलग-अलग रंग के कपड़े पहनें। यह बच्चों के लिए ही अच्छा होगा।

दूसरी समस्या : तुलना करना

सामान्य तौर पर तो यह हर बच्चे की समस्या होती है। हर कोई अपने बच्चे की तुलना पड़ोस के बच्चे से जरूर करता है। शायद ही कोई ऐसे मां-बाप होते हैं जो अपने बच्चे से खुश होते हैं। ऐसे में ट्विन्स की समस्या तो पैदा होने के साथ ही शुरू हो जाती है। खासकर तो तब जब ट्विन्स में से कोई एक बच्चा पढ़ने में अच्छा हो और दूसरा औसत हो। ऐसे में तो तुलना की शुरुआत प्री-स्कूल से ही शुरू हो जाती है। सामान्य बच्चों के मामले में तो ये तुलना स्कूल खत्म होने के बाद खत्म हो भी जाती है लेकिन ट्विन्स के मामले में तो यह समस्या हर सेकेंड चलती रहती हैं।

ये ना करें- इसलिए पेरेंट्स को समझना चाहिए कि बार-बार तुलना कर के आप दो दोस्त जैसे भाई-बहन को एक-दूसरे का दुश्मन बना रहे हैं। इसके बारे में तो कई फिल्में भी बन चुकी हैं। हो सकता है कि जो पढ़ने में औसत है वह किसी और चीज में अच्छा हो। अगर किसी भी चीज में अच्छा नहीं भी है तो भी दोनों की तुलना हर बात में करना ठीक नहीं है।

ये करें- दोनों को अपनी-अपनी लाइफ जीने दें और भूलकर भी ये नहीं बोलें कि तुम्हारा साथ का ही है तुम्हारा भाई, लेकिन पढ़ने में या खेलने में तुमसे अच्छा है। एक बार कही गई बात उसे अपने ट्विन्स भाई-बहन का दुश्मन बना सकती है। बल्कि दोनों को साथ में खेलने दें और पढ़ने के लिए एक-दूसरे को प्रोत्साहित करने के लिए कहें।

Twins Problem
Don’t Compare

तीसरी समस्या: वह अच्छा है और तुम बुरे

यह एक सबसे सामान्य समस्या है जिसके बारे में हमलोगों ने शुरुआत में ही बात की थी। ट्विन्स में यह अक्सर होता है कि गलती कोई और करता है और मार कोई और खाता है। इसी तरह बदनामी भी दूसरे को मिलती है। ऐसे में अच्छे-बुरे की तुलना तो ना ही करें और यह धारणा ना बनाएं कि वह अच्छा है और यह बुरा। ऐसा ट्विन्स में होता है कि लोग एक को बहुत अच्छा मानने लगते हैं और दूसरे को बुरा। इस अच्छे-बुरे से ही अक्सर लोग ट्विन्स की पहचान करते हैं। सोसायटी के साथ अक्सर मां-बाप भी इसी पहचान को अपना लेते हैं।

ये ना करें- किसी का अच्छा व्यवहार है या अच्छे से बात-चीत करता है तो उसे आदर्श का ठप्पा दें देते हैं और दूसरे को खराब होने का ठप्पा दे देते हैं। जब कोई गलती करता है तो तुरंत बिना पूरी बात जानें डांटना शुरू कर देते हैं। ऐसा तो बिल्कुल भी नहीं करें। जब आप दोनों में किसी एक को पहचान ही नहीं पा रहे हैं तो यह कैसे मालूम कर रहे हैं कि गलती किसने की है।

ये करें- जब भी कोई गलती करे और आप वहां ना हों तो बिना बात जानें किसी को भी नहीं डांटे और समझाएं कि ऐसा करना गलत है। अगर कुछ दिनों के बाद पता चलता है कि गलती किसकी है तो सजा भी दें और समझाएं भी।

Twins Problem
Don’t compare good and bad

चौथी समस्या: करियर की परेशानी

सामान्य तौर पर माना जाता है कि एक-जैसे दिखने वाले बच्चों की पसंद-नापसंद भी एक जैसी ही होती है। वह तो अच्छा है फिल्म और सीरियल्स को जिसने यह धारणा तोड़ी है कि जुड़वा एक जैसे होते हैं। ऐसा असल में भी होता है क्योंकि प्रकृति का यह नियम है कि हर छोटी से छोटी चीज एक-दूसरे से बिल्कुल अलग होती है। तो अपने जुड़वा बच्चों को एक ना मानें और यह ना सोचें कि अगर एक अपने करियर में उस राह में जाना चाहता है तो दूसरा भी उसी राह में जाएगा।

ये ना करें- दोनों एक ही फील्ड में करियर बनाएंगे। दोनों एक ही सब्जेक्ट पढ़ेंगे। दोनों एक ही जैसा सोचते हैं। ये सारी चीजें बिल्कुल भी ना सोचें।

ये करें- दोनों की पसंद-नापसंद को समझें और जानें कि दोनों बच्चे किस फील्ड और विषय को पसंद करते हैं। फिर उन्हें सपोर्ट करें। अगर एक का करियर च्वायस बहुत अच्छा है तो उसे दूसरे के ऊपर ना थोपें क्योंकि करियर एक दिन की बात नहीं है बल्कि पूरी जिदंगी की बात है जो उसके जीवन के अंत तक साथ देगा।

पांचवीं समस्या: पसंद-नापसंद

अक्सर माता-पिता एक की पसंद की चीज लाते हैं और उससे दूसरे को भी खेलने के लिए कहते हैं। अगर ऐसा बार-बार होगा तो दूसरा बच्चा कुंठा से भर जाएगा। वह तो अच्छा है कि अधिकतर जुड़वा बच्चे बड़े होने के दौरान इस दुविधा को समझते हैं इसलिए बारी-बारी से एक-दूसरे की पसंद की चीज मंगाते हैं। लेकिन आप अपनी तरफ से भी बच्चों की पसंद-नापसंद को जानने की कोशिश करें और दोनों को बराबर दुलार दें। तो इस तरह से अपने जुड़वा बच्चों की परवरिश करें और उन्हें बराबर-बराबर प्यार दें।

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