जब आपके नन्हे ने पहली बार खिसकना शुरू किया था, तब आपकी खुशी को ठिकाना नहीं था। आपने उसकी कई तस्वीरें उतारी थी और वीडियो भी बना लिए थे। आपने वे तस्वीरें और वीडियो सबको भेजा और सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर अपलोड भी किया था। बच्चे का खिसकना एक बहुत बड़ी चीज है। ऐसे में जब आपका लाडला सही तरीके से नहीं खिसकता है तो बतौर माता- पिता यह आपके लिए गंभीर विषय बन जाता है। आगे खिसकने से बढ़िया है कि पीछे की ओर जाना, यही वजह है कि बच्चे कई बार पीछे खिसकना शुरू कर देते हैं। अगर बच्चे को लगता है कि उसकी बांहें पैरों से ज्यादा मजबूत हैं तो हो सकता है कि वह पीछे की ओर खिसकना शुरू कर देता है। यह नॉर्मल है, आपको इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। कुछ समय के बाद ही आपका नन्हा सही तरीके से खिसकना शुरू कर देगा।

हर बच्चे के खिसकने का अलग समय और अलग स्टाइल

यह जाने लें कि हर बच्चा एक ही समय पर खिसकना शुरू नहीं करता। हर बच्चे के खिसकने का अपना अलग समय होता है। कुछ बच्चे करीब सात महीने में खिसकना शुरू करते हैं तो कुछ बच्चे आठ या नौवें महीने में। सबके खिसकने का स्टाइल भी अलग- अलग तरह का होता है। कुछ शिशु अपने पूरे शरीर को एक साथ खिसकाते हैं तो कुछ बच्चे पैर को पहले और फिर हाथ को। कुछ थोड़ा सा खिसकते हैं और बैठ जाते हैं तो कुछ खिसकते- बैठते फिर खिसकते- बैठते जाते हैं। इसलिए यदि आप यह सोच रहे हैं कि बच्चे के खिसकने का आदर्श तरीका कुछ है तो ऐसा नहीं होता।

क्या है बैकवर्ड क्रॉलिंग

आपके बच्चे का खिसकने का तरीका कई बार पीछे से हो सकता है। इसे बैकवर्ड क्रॉलिंग कहते हैं। इस तरह से खिसकना आम नहीं है तो आप परेशान हो जाते हैं। लेकिन इसका यह मतलब भी नहीं है कि यह कोई बीमारी है। कई बच्चे सही तरीका नहीं समझते हैं और पीछे की ओर खिसकना शुरू कर देते हैं। लेकिन समय के साथ वह आगे की ओर सही तरीके से खिसकना शुरू कर ही डटे हैं। कई पेडियाट्रिशियन का कहना है कि बच्चे के क्रॉलिंग पर ही ध्यान देना चाहिए। यही वजह समय है, जब एक बच्चा अपने अंगों की कार्यप्रणाली को समझता है और यह जानता है कि किस तरह से सबका इस्तेमाल साथ में करना चाहिए। यह बच्चे के मोटर स्किल के विकसित होने का सही तरीका है। लेकिन कई बार बच्चा इस चीज को समझ नहीं पाता और परिणाम स्वरूप वह बैकवर्ड क्रॉलिंग करना शुरू कर देता है।

क्रॉलिंग की कार्यप्रणाली को समझने में लगता है समय

बच्चा बड़ा होने के दौरान अपने हाथों का प्रयोग सबसे ज्यादा करता है ताकि वह खुद को सपोर्ट कर सके। बांहों पर उसकी यह निर्भरता ही खिसकने में बदलती है और वह इस दौरान भी अपनी बांहों की मदद लेता है। वह अपनी बांहों को खींचने की बजाय धक्का देने लगता है, जिसकी वजह से वह आगे की बजाय पीछे की ओर खिसकने लगता है। कई मांएं अपने नन्हे को पेट के बल रहने देती हैं ताकि वह अपनी बांहों की मदद से खुद को ऊपर कर सके और अपनी गर्दन को भी सहारा दे सके। इस तरह से बच्चे के शरीर के ऊपरी हिस्से को जरूरी मजबूती मिलती है। इस लिहाज से देखा जाए तो शुरुआती खिसकना बच्चे के शरीर के ऊपरी हिस्से पर निर्भर करता है, न कि पैरों पर। इसलिए संभव है कि आपके लाडले को क्रॉलिंग की कार्यप्रणाली को समझने में थोड़ा समय लगे और वह अपने शरीर को पैरों की मदद से आगे बढ़ाने लगे। यह बैकवार् मूवमेंट अच्छा भी हो सकता है, इससे आपके नन्हे को वहां पहुंचने में मदद मिलती है जहां वह जाना चाहता है। लेकिन जल्दी ही वह आगे खिसकने की जरूरत को समझने लगेगा क्योंकि उसके पैर मजबूत होने लगते हैं।

ऐसे सिखाएं उसे फॉरवर्ड क्रॉलिंग

 

कुछ बच्चे स्वयं ही आगे खिसकने लगते हैं तो कुछ सीधे चलना शुरू कर देते हैं। लेकिन यदि आप चाहते हैं कि आपके नन्हे को सही तरह से क्रॉलिंग करना आना चाहिए तो इसकी कोशिश आपको ही करनी होगी। इसका सबसे अच्छा तरीका है उसके साथ खेलना। पकड़ने वाला खेल खेलिए और एक- दूसरे को पकड़ने की कोशिश कीजिए। जैसे ही वह आपकी तरफ तेजी से आएगा, उसे अपने पैरों की मजबूती का अहसास होगा और संभव है कि वह आगे खिसकना शुरू कर दे। उसके साथ खिलौने खेलिए, ऐसे खिलौने जो शोर करते हों। खिलौने को देखने से वह उसे लेने के लिए आगे बढ़ेगा और इसी दौरान यह सीखेगा कि उसे किस तरह खुद को आगे बढ़ाना है। उसके सामने उसकी पसंदीदा खाने की चीज रख दें। उसे लेने के लिए कहें, उस चीज को लेने के लिए वह आगे बढ़ेगा ही। यदि वह पीछे की ओर खिसकता है तो उसे आगे बढ़ने का महत्व पता चलेगा।

आप भी करें मदद

आपका यह भी काम है कि आप उसे उसकी बांहों और पैरों का सही प्रयोग करना सिखाएं। शुरुआती दौर में आप उसकी जिस तरह से मालिश करती थीं, उसे करते रहिए। इस दौरान उसके पैरों की मालिश भी कीजिए और उसे बताइए कि वह किस तरह अपने शरीर को सहारा देने के लिए पैरों का प्रयोग कर सकता है। जब आपका बच्चा खिसक रहा होता है, उस समय उसके रास्ते में मत आइए। चाहें तो उसके पैरों के पीछे या हिप के पीछे हाथ रख सकते हैं ताकि वह गिरने से बचे। उसे सामने खुद भी आगे खिसकें ताकि वह आपको देखकर सीख सके।

 

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