नेहा अपने काम के साथ-साथ वह बेटी की परवरिश के लिए भी भरपूर वक्त निकाल रही हैं। नेहा का मां बनना अधिक उम्र में मां बनने वाली महिलाओं के लिए प्रेरणा है। मां बनने के क्षेत्र में उन्होंने उम्र को कभी भी बाधक नहीं माना। नेहा को रूढ़िवादिता तोड़ने के लिए भी जाना जाता है, क्योंकि वह समाज के लिए नहीं बल्कि अपने हिसाब से जिंदगी जीती हैं। इंटरनेशनल ब्रेस्टफीडिंग वीक के मौके पर नेहा धूपिया ने इन्स्टा ग्राम पर एक स्पेशल वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में उन्होंने कहा है कि इंडिया में सार्वजनिक जगहों पर ब्रेस्टफीडिंग को लेकर अभी और काम किए जाने की जरूरत है।

आपको बता दे 10 मई 2018 को नेहा और अंगद ने गुपचुप तरीके से दिल्ली के गुरुद्वारे में सात फेरे ले लिए थे। उन्हें जल्दबाजी में शादी करनी पड़ी क्योंकि नेहा शादी से पहले ही प्रेग्नेंट हो गई थीं। शादी के 6 महीने बाद 18 नवंबर को नेहा मां बन गई थीं। उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया जिसका नाम मेहर हर धूपिया बेदी है।

मां बनने का अहसास ही खास है
मां बनने के एहसास के बारे में नेहा कहती हैं कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं जिंदगी में किसी से इतना ज्यादा प्यार करूंगी। मां बनना एक फुल टाइम जॉब है, लेकिन सबसे बड़ा काम भी यही है और इसे हर कोई कर भी सकता है। मेहर की छोटी-छोटी उंगलियां जब मेरी उंगलियों को छूती है तो मुझे बहुत ही सुखद अनुभव मिलता है। मेहर के साथ समय बिताना मुझे बहुत खुशी देती है। मेरे लिए बेटी मेहर ही पहली प्राथमिकता है। जब नन्ही सी मेहर हंसती है तो मेरा दिन बन जाता है। मैं अपनी बेटी मेहर की परवरिश में कोई कमी नहीं रखना चाह रही है वो उसे कुछ न कुछ सिखाती जा रही हूं जिससे आने वाले समय में उसको इन दैनिक बातों की फिक्र हो।

दैनिक चीजों का उपयोग करना सिखाया
मैंने अपने दैनिक कार्यक्रम में कई सारी चीजों को शामिल किया है, जिसमें कम पानी का उपयोग करना और ऊर्जा यानि बिजली की खपत कम से कम करना। मेहर को नहलाते समय इस बात का ध्यान रखती हूं कि कम पानी का उपयोग किया जाए, जिसके लिए वो एक बिंदु बनाती ड्डहै, ताकि बच्चा भी आगे चलकर पानी बचाने के महत्व को समझे। इसके अलावा जब भी टहलने जाते हैं, तो मेहर अक्सर रस्ते में पड़ा छोटा कूड़ा उठाती है और फेंकती है। बेटी मेहर को ‘बसÓ कहना इसलिए सिखाया क्योंकि वह सोचती हैं कि मेहर को पता होना चाहिए कि उसे कब और कहां क्या कहना है।

खुद को न भूले
मैं मां बनने वाली सभी महिलाओं से कहना चाहती हूं कि बच्चे होने के बावजूद अपनी जॉब पर जरूर जाएं, मां बनने के बाद अपने आपको न भूलें। इसके साथ अपनी सेहत का ध्यान अवश्य रखें। सब से बातचीत करें। खुश रहें। कोई समस्या हो तो डाक्टर की सलाह लें। हाइजीन का ध्यान रखें ताकि कोई बीमारी न हो। अपनेआप से अधिक प्यार करें।
नेहा अब तक जूली, दे दना दन, क्या कूल हैं हम, कयामत जैसी कई हिट फिल्मों में काम कर चुकी हैं। नेहा समय के साथ चलना पसंद करती हैं। और वह लोगों को भी नसीहत देती हैं कि सभी को समय के साथ चलना चाहिए।

बहुत बड़ी जिम्मेवारी है मां बनना
मां बनने के बाद पता चलता है की ये कितनी बड़ी जिम्मेवारी का काम है, मां बनने के बाद रातों की नींद उड़ जाती है। ऐसी स्थिति में भी बहुत $खुशी मिलती हैं। कोई भी मां अच्छी या बुरी नहीं होती। बल्कि हर मां अद्भूत होती हैं। मां बनने के बाद मैं अपनी बेटी मेहर, घर व अपने काम को बड़ी सहजता के साथ संभाल रही हूं। बेटी के जन्म के कुछ सप्ताह बाद ही मैंने फिर से काम शुरू कर दिया था। जब मैं काम में लगी रहती हूं तो अपना काम बेहतर तरीके से करती हैं, लेकिन जब घर पर होती हूं तो मेरा ध्यान सिर्फ घर पर ही होता है।