बच्चों के दांत निकलने की प्रक्रिया आमतौर पर 7-8 महीने से शुरू हो जाती है। ये एक ऐसी अवस्था होती है जब बच्चों को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ता है जैसे कि बच्चे चिढ़चिढ़े हो जाते हैं, बच्चों को लूज़ मोशन होने लगता है , मसूढ़ों में सूजन आने लगती है। कुछ समय के लिए बच्चे का वजन भी कम होने लगता है क्योंकि बच्चा ठीक से खाना भी नहीं खाता। ऐसे में बच्चे को किसी चीज़ को मसूढ़ों से  काटने में आराम मिलता है। बच्चा बार-बार हाथ मुंह में डालता है और गंदे हाथ मुँह में जाने की  वजह से इन्फेक्शन तक हो जाता है। कुछ आसान उपायों को अपनाकर हम बच्चों के दांत निकलनते समय आने वाली समस्याओं से आराम दिला सकते हैं। 
 
शहद से मसूढ़ों की मसाज करें 
बच्चे के मसूढ़ों में हल्के हाथों से मसाज करें जिससे बच्चों को आराम मिलता है और उसका चिढ़चिढ़ापन भी काम होता है। 

 

 
अंगूर का रस पिलाएं 
बच्चे के दांत निकलते समय अगर बच्चे को  अंगूर का रस पिलाएं। इससे बच्चे को दर्द से राहत मिलेगी और दांत मजबूत निकलेंगे। इसके अलावा उनको अंगूर के रस में शहद मिलाकर पिलाने से भी दांत जल्दी निकल आते हैं।

 

 
तुलसी का रस 
अगर  बच्चे को दांत निकलते समय मसूढ़ों में दर्द हो रहा हो, तो ऐसे में आप तुलसी के पत्तों का रस शहद में मिक्स करके बच्चों के मसूढ़ों पर मसाज करें।   इससे बच्चे को मसूढ़ों के दर्द से राहत मिलेगी।
 

 

बच्चे को टीथर दें 
बच्चे को मसूढ़ों में दर्द और खुजली होती ही जिससे वो कुछ काटने की कोशिश करता है और अपना हाथ मुँह में डालता है। टीथर देने से बच्चा वही काटेगा और दांत जल्दी निकलेंगे।   आप अपने बच्चों को नेचुरल टीथर जैसे गाजर, मूली, चुकंदर का एक पीस चबाने के लिए दें सकते हैं। 
 
बच्चों को कैल्शियम दें 
कैल्शियम टेबलेट्स या सिरप दें इससे भी दांत जल्दी निकल आते हैं। इसके अलावा पाचन ठीक करने के लिए सौंफ का पानी पिलाएं।