• मसाज फीड के तुरंत बाद या जब शिशु नींद में हो तब ना करें, बल्कि तब करें जब बच्चा जाग रहा हो।
  • पहले शिशु के शरीर पर थोड़ा सा तेल लगाकर देखें कि कोई एलर्जी तो नहीं है, अगर है तो तेल बदल लें।
  • जमीन पर अपने पैर के तलवों को जोड़कर बैठें फिर शिशु का सिर पैर पर रखें और हल्के से शिशु के सिर से लेकर पैरों तक मसाज करें।
  • शिशु की आइब्रो के बीच अपने अंगूठों को रखकर हल्के से मसलें, फिर अंगूठों से शिशु की आंखों को हल्के-हल्के मलें।
  • अगर शिशु चिड़चिड़ाने और रोने लगे तो शरीर के किसी और हिस्से पर मसाज करें।
  • शिशु के पेट पर अपनी उंगलियों से क्लॉकवाइज मोशन में मसाज करें।
  • शिशु के पैर और घुटनों को पकड़कर उन्हें हल्के से पेट की तरफ मोड़ें।
  • अपने हाथों को शिशु के पेट पर रखकर धीरे-धीरे सहलाएं।
  • उसके सिर को अपने हाथ में पकड़कर दूसरे हाथ की उंगलियों से उसके सिर की मसाज करें।
  • शिशु के कान को अंगूठे और इंडेक्स फिंगर के बीच रख हल्के से मसाज करें।
  • चेहरे पर दिल के आकार में और उसकी ठुड्डी पर अपने हाथों को मिलाते हुए मसाज करें। 
  • अपने हाथों को शिशु की छाती पर रखकर उसकी छाती की हड्डी से लेकर कंधों तक मसाज करें।
  • नाक से लेकर गालों तक मसाज करें। अपनी उंगलियों से हल्के से शिशु के जबड़े की मसाज करें।
  • छाती की हड्डïी से शुरू होकर कंधों से लेकर नीचे तक दिल का आकार बनाएं।
  • अपने एक हाथ ये शिशु की कलाई को पकड़े और उसके हाथ के ऊपर की तरफ को हल्के से थपथपाके आराम दें।
  • अपने दोनों हाथों के बीच शिशु के हाथों को रोल करें।
  • शिशु की मसाज 10 से 30 मिनट तक करें।
  • इसके बाद शिशु को अपने सामने पीठ के बल लिटाएं और उसके हाथ साइड में नहीं उसके सिर के आगे रखें।
  • शिशु के दोनों हाथों को पीछे लाकर गर्दन से लेकर हिह्रश्वस तक मालिश करें।
  • शिशु के एक पैर को टखने से पकड़कर ऊपर जांघों को मसलकर आराम दें।
  • क्रिसक्रॉस तरीके से एक हिप से लेकर उल्टी तरफ करते हुए कंधे तक मसाज करें।
  •  इस प्रक्रिया को कुछ समय ऐसे ही दोहराते रहें।

 

(एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, फरीदाबाद के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल बत्रा से बातचीत के आधार पर)