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इक्विटी फंड

बाजार में कई प्रकार के निवेश विकल्प उपलब्ध हैं जिसमें से एफडी सबसे लोकप्रिय है। एफडी सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प है। वहीं आज के दौर में पीपीएफ, एसआईपी, एमएफ इत्यादि विकल्प अपनी पहचान बनाने की भरसक प्रयास कर रहे हैं। अगर आप की आयु 20 वर्ष के आसपास है और आपने अभी-अभी कमाना शुरू किया है, उनके सामने निवेश एक विकट समस्या है। प्राय: उनको यही समझाया जाता है कि अपने निवेश राशि का 20-30 फीसदी आप एमएफ में निवेश करें बाकी राशि एकदम सुरक्षित विकल्प में निवेश करें, जैसे कि पीपीएफ और एफडी, जहां पीपीएफ एक ओर भारत सरकार की गारंटी के साथ आती है वहीं एफडी बैंक की गारंटी के साथ उपलब्ध होती है। आइए पीपीएफ 

और एफडी में कौन सा विकल्प बेहतर है उसे समझते हैं।

 फिक्स्ड डिपॉजिट क्या है

फिक्स्ड डिपॉजिट का अर्थ एक ऐसे एकाउंट से है जहां पर परिपक्वता अवधि के लिए धनराशि को जमा किया जाता है और जिस पर निवेशकों को निर्धारित ब्याज मिलता है। जिस राशि को फिक्स्ड डिपॉजिट में जमा किया जाता है उस राशि को निर्धारित निश्चित अवधि से पहले नहीं निकाला जा सकता है। किसी वजह से यदि निवेशक अपनी धनराशि को निकालना चाहता है तो उसे सबसे पहले बैंक को सूचना देना होगा, उसके बाद कुछ जुर्माना काटकर उसे वह धनराशि दी जाती है। भारत में कई वित्तीय संस्थाएं और बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट की सुविधाएं देते हैं। बैंकों द्वारा निर्धारित ब्याज दर 4 से 11 प्रतिशत के होते हैं।

म्यूचुअल फंड क्या है

एक म्यूचुअल फंड स्कीम निवेशकों से पैसा एकत्र करती है और एक साथ शेयर खरीदती व बेचती है। चलिये हम आपको एक उदाहरण देते हैं। मान लीजिये एक म्यूचुअल फंड स्कीम है सुपर रिटन्र्स फंड, जिसे सुपर रिटर्न एसेट मैनेजमेंट कंपनी लॉन्च करती है। यह कंपनी नये ऑफर के साथ बाजार में आयेगी। उस ऑफर का नाम है सुपर रिटर्न मिड कैप स्कीम। निवेशक उसमें निवेश करते हैं और कंपनी 100 करोड़ रुपये इकठ्ठा कर लेती है। अब यही कंपनी इन रुपयों को शेयर बाजार में निवेश करेगी। अगर यह स्कीम इक्वि‍‍टी स्कीम है, तो 100 करोड़ का ज्यादातर भाग शेयर बाजार में लगा देगी। अगर यह डेब्ट स्कीम है तो कंपनी इसी पैसे को सरकारी योजनाओं, बॉन्ड आदि में निवेश करेगी। 

अब अगर कंपनी ने आपको शुरुआत में एक यूनिट की कीमत 10 रुपये ऑफर की थी। यानी आपने 10 रुपये की दर से 1000 यूनिट खरीदीं और आपने 10 हजार रुपये निवेश किये। एक साल बाद सुपर रिटर्न मिड कैप द्वारा जो पैसा शेयर बाजार में निवेश किया गया था वह बढक़र 12 रुपये प्रति यूनिट हो गया। तो आप अपने म्यूचुअल फंड को वापस कंपनी को 12 रुपये की दर से बेच सकते हैं, जिससे 1000 यूनिट पर आपको 12000 रुपये प्राप्त होंगे। दिये गये उदाहरण में हमने इसे साधारण बनाने की कोशिश की है, यह मानकर कि सुपर रिटर्न मिड कैप फंड एक ओपन एंडेड फंड है। हमने यहां पर एंट्री लोड व एक्जि‍‍ट लोड के बारे में जानकारी नहीं दी है। ताकि पाठक कंफ्यूज नहीं हों। आज के दौर में अगर आप की आयु 20 वर्ष के आसपास है और आपने अभी कमाना शुरू किया है, तो आपके सामने निवेश एक विकट समस्या है। आइए कौन सा विकल्प बेहतर है उसे समझते हैं।

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इक्विटी फंड

 भारत में म्यूचुअल फंड के प्रकार

1. इक्विटी फंड

वो स्कीम होती है, जिसमें कंपनी निवेशकों से इकठ्ठा हुए धन का ज्यादातर भाग इक्विटी शेयर में निवेश कर देती है। ये हाई रिस्क स्कीम होती हैं, जिनमें निवेशकों को घाटा भी हो सकता है।

 

2. डेब्ट फंड

डेब्ट फंड स्कीम के अंतर्गत इकठ्ठा हुआ ज्यादातर कॉरपोरेट ऋण स्कीम, सरकारी स्कीम, आदि में निवेश किया जाता है। इस प्रकार का म्यूचुअल फंड उन निवेशकों के लिये उपयुक्त रहता है, जो रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। इसमें पैसा वापस होने की लगभग गारंटी रहती है।

 

3. बैलेंस फंड

इसमें कंपनी निवेशकों से प्राप्त धन को इक्विटी और डेब्ट दोनों में निवेश करती है। इसका मकसद भी अंत में भारी मात्रा में धन कमाना होता है। जाहिर है कंपनी बाजार के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए शेयर मार्केट में पैसा डालती है, ताकि ज्यादा से ज्यादा धन कमा कर निवेशकों को उनका रिटर्न दिया जा सके।

4. मनी मार्केट म्यूचुअल फंड

इसको लिक्वि‍‍ड फंड भी कहते हैं। उसमें कंपनी निवेशकों से लिया हुआ पैसा सुरक्ष‍‍ित व शॉर्टटर्म स्कीम में लगाती हैं, जैसे सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट, ट्रेज़री एंड कमर्श‍‍ियाल पेपर, आदि। ऐसे निवेश कम सीमा समय के होते हैं।

5. गिल्ट फंड

इसको सबसे ज्यादा सुरक्षि‍‍त निवेश माना जाता है। इसमें कंपनी निवेशकों से लिया हुआ सारा पैसा सरकारी योजनाओं में लगा देती हैं। चूंकि उसमें सरकार का बैकअप रहता है, इसलिये पैसा डूबने का खतरा नहीं के समान होता है। इसीलिये यह सबसे सुरक्ष‍ित म्यूचुअल फंड है।

कुछ उदाहरण

आईसीआईसीआई प्रूडेंश‍‍ियल म्यूचुअल फंड, आईडीएफसी म्यूचुअल फंड, रिलायंस म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, एक्सि‍‍स म्यूचुअल फंड, एसबीआई म्यूचुअल फंड, बिड़ला म्यूचुअल फंड, सुंदरम म्यूचुअल फंड, टाटा म्यूचुअल फंड।

डाकघर बचत योजनाएं

डाकघर बचत खाता : देय ब्‍याज, दरें, अवधि आदि: वर्ग व्‍यक्तिगत/संयुक्‍त खाते पर 4.0% निवेश सीमा और मूल्‍य: न्‍यूनतम 50/- रु. कर रियायत सहित विशेषताए: चेक सुविधा उपलब्‍ध है। ब्‍याज करमुक्‍त है।

5 वर्षीय डाकघर आवर्ती जमा खाता

देय ब्‍याज, दरें, अवधि आदि: ब्‍याज दर 8.40 प्रतिशत। 10 रु. के मासिक जमा के साथ 1.4.2012 को अथवा इसके पश्‍चात् खोले गए पांच वर्षीय आवर्ती जमा खातों का परिपक्‍वता मूल्‍य 746.51 रु. होगा। वर्ष-दर-वर्ष आधार पर अन्‍य पांच वर्षों के लिए जारी रखा जा सकता है।

निवेश सीमा और मूल्‍य: प्रतिमाह न्‍यूनतम 10/- रुपए अथवा 5/- रुपये के गुणज में कोई राशि। कोई अधिकतम सीमा नहीं।

कर रियायत सहित विशेषताए: एक वर्ष के पश्‍चात् शेष के 50% तक एक आहरण अनुमेय। कुछ शर्तें पूरी करने के अध्‍यधीन जमाकर्ता की मृत्‍यु के मामले में 50/- रुपये के मूल्‍यवर्ग तक सीमित आवर्ती जमा खातों पर पूर्ण परिपक्‍वता मूल्‍य की अनुमति। 6 और 12 महीने के अग्रिम जमा पर रियायत।

डाकघर सावधि जमा खाते

देय ब्‍याज, दरें, अवधि आदि: 1 वर्षीय खाता 8.20%, 2 वर्षीय खाता 8.30%, 3 वर्षीय खाता 8.40%, 5 वर्षीय खाता 8.50%

निवेश सीमा और मूल्‍य : न्‍यूनतम 200 रुपये और उसके गुणज में। कोई अधिकतम सीमा नहीं।

कर रियायत सहित विशेषताए: व्‍यक्तिगत तौर पर खाता खोला जा सकता है। पांच वर्षीय सावधि जमा खाते 1.4.2007 से आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80 सी के अंतर्गत छूट के पात्र हैं।

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डाकघर मासिक आय खाता योजना:

देय ब्‍याज, दरें, अवधि आदि: 01.04.2012 से 8.50% प्रतिवर्ष

निवेश सीमा और मूल्‍य: एकल खाते में 1500/- रुपये के गुणज में अधिकतम 4.5 लाख रुपये और संयुक्त खाते में 9 लाख रुपये।

कर रियायत सहित विशेषताए: परिपक्वता अवधि 5 वर्ष है। कुछ शर्तों के साथ, एक वर्ष के पश्चात् परिपक्वता पूर्व भुनाया जा सकता है। 1.12.2011 को अथवा उसके पश्चात खोले गए एमआईएस खातों पर परिपक्वता की स्थिति में कोई बोनस दे।

देय ब्याज, दरें, अवधि आदि: 8.50% प्रतिवर्ष

निवेश सीमा और मूल्‍य: एकल खाते में 1500/- रुपये के गुणज में अधिकतम 4.5 लाख रुपये और संयुक् त खाते में 9 लाख रुपये।

कर रियायत सहित विशेषताए: परिपक्वता अवधि 5 वर्ष है। कुछ शर्तों के साथ, एक वर्ष के पश्चात् परिपक्वता पूर्व भुनाया जा सकता है। 1.12.2011 को अथवा उसके पश्चात् खोले गए एमआईएस खातों पर परिपक्वता की स्थिति में कोई बोनस देय नहीं है।

वरिष्‍ठ नागरिक बचत योजना:

देय ब्याज, दरें, अवधि आदि: 9.30% प्रतिवर्ष, पहली बार में 31 मार्च/30 सितंबर/31 दिसंबर को जमा की तिथि से देय और उसके पश्चात् ब्याज 31 मार्च, 30 जून, 30 सितंबर और 31 दिसंबर को देय होगा।

निवेश सीमा और मूल्‍य: खाते में केवल एक जमा, 1000/- रुपये के गुणज में, अधिकतम पंन्द्रह लाख से अधिक नहीं।

कर रियायत सहित विशेषताए: परिपक्वता अवधि 5 वर्ष है। जमाकर्ता व्‍यक्तिगत क्षमता में अथवा पति/पत्नी के साथ संयुक्त रूप से एक से अधिक खाते प्रचालित कर सकता है। आयु 60 वर्ष अथवा इससे अधिक और खाता खोलने की तिथि को अधिवर्षिता की आयु को प्राप्त होने पर या अन्यथा रूप में सेवानिवृत्त व्‍यक्ति के मामले में आयु 55 वर्ष अथवा अधिक परंतु 60 वर्ष से अधिक न हो, बशर्ते कि यह खाता सेवानिवृत्ति के लाभ प्राप्त होने के एक महीने के अंदर खोला गया हो। परिपक्वता पूर्व खाताबंदी की अनुमति एक वर्ष की अवधि पूरी होने के उपरांत 1.5% ब्याज की कटौती पर तथा 2 वर्ष के उपरांत 1% ब्याज की कटौती के आधार पर दी जाती है। यदि ब्याज की राशि एक वर्ष में 10.000/- रु. से अधिक है तो ब्याज की राशि पर टीडीएस की कटौती की जाती है। योजना के निवेश आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के अंतर्गत लाभ का पात्र है।

राष्‍ट्रीय बचत पत्र :

देय ब्याज, दरें, अवधि : ब्याज दर 8.60%। 1.4.2012 को अथवा उसके बाद खरीदे गए 100 रु. के बचत-पत्र का परिपक्वता मूल्य पांच वर्ष के पश्चात् 152.35 रु. होगा।

निवेश सीमा और मूल्‍य: न् यूनतम 100/-रुपये। अधिकतम सीमा नहीं।

कर रियायत सहित विशेषताए: एकल धारक प्रकार का बचत-पत्र किसी वयस्क व्‍यक्ति द्वारा स्वयं के लिए अथवा किसी अवयस्क की ओर से अथवा अवयस्क के लिए खरीदा जा सकता है। जमाएं आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के अंतर्गत कर में छूट की पात्र हैं। वार्षिक रूप से मिलने वाला ब्याज जिसे पुनर्निवेश किया जाना है, वह भी आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के अंतर्गत कटौती का पात्र है।

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