फेंगशुई के आधार पर किया गया संशोधन किसी भी आम मनुष्य के भाग्य को ठीक करने का सबसे सरल इलाज है। इसे भाग्य का त्रित्त्व कहते हैं भाग्य तीन प्रकार का होता है- 1. पृथ्वी से प्राप्त भाग्य, 2. मनुष्य का अपने द्वारा प्राप्त किया गया भाग्य 3. स्वर्ग द्वारा प्राप्त किया या भाग्य।

प्रत्येक व्यक्ति अपनी-अपनी सामर्थ्य के अनुसार पूरी शक्ति के साथ काम करता है। फेंगशुई अपनाएं खुशहाली लाएं फेंगशुई में जिस पद्धति का सर्वाधिक उपयोग होता है वह है कम्पास पद्धति जो मुख्य रूप से लो-शु (चमत्कार वर्ग) पा-कुआ चौखट पर आधारित है। फेंगशुई के उपयोग में हम अपने फ्लैट को घर की अनुभूति दे सकते हैं तथा उसे सामंजस्यपूर्ण बनाकर स्वयं को पहले से ज्यादा प्रसन्न, स्वस्थ तथा जीवन के प्रत्येक पक्ष को ज्यादा सफल बना सकते हैं। चीन के अधिकांश महत्त्वपूर्ण भवनों का निर्माण फेंग शुई के सिद्धांतों के अनुसार किया गया है।

फेंगशुई की उपयोगी वस्तुएं

बागुआ-इसको मुख्य शयन कक्ष के द्वार पर बाहर की ओर लगाना चाहिए। कार्यालय के द्वार पर भी लगा सकते हैं। इसे लगाने से नकारात्मक ऊर्जा भवन व कक्ष में नहीं आती।

पाकुआ-मुख्य द्वार के सामने किसी भी प्रकार का द्वार वेध या अशुभ स्थान होने पर इसे द्वार से ऊपर बाहर लगाया जाता है। जिससे नकारात्मक ऊर्जा अन्दर नहीं आती।

क्रिस्टल बॉल-क्रिस्टल ऊर्जावर्धक होते हैं। पूर्व दिशा में लगाने से स्वास्थ्य लाभ होता है। उत्तर-पश्चिम दिशा में लगाने से परिवार में आपसी प्रेम बढ़ता है। पश्चिम में लगाने से संतान सुख व दक्षिण पश्चिम में लगाने से दाम्पत्य संबंधों में सुधार होता है।

विंड चाईम-विंड चाईम अर्थात्ï हवा से जिसमें झंकार हो, ऐसी पवन घंटी घर व व्यापार के वातावरण को मधुर बनाती है। वास्तु और फेंगशुई के पांच तत्त्वों को दर्शाने वाली पांच रॉड की विंड चाईम शुभ मानी जाती है। ब्रह्मस्थान पर लगाने से स्वास्थ्य लाभ व उत्तर-पश्चिम में लगाने से जीवन में नये सुअवसर प्राप्त होते हैं।

लाफिंग बुद्धा-हंसते हुए बुद्ध की मूर्ति धन दौलत के देवताओं में से एक मानी जाती है। इससे घर में संपन्नता, सफलता और समृद्धि आती है। यह मूर्ति शयन कक्ष तथा भोजन कक्ष में नहीं रखनी चाहिए।

तीन टांग का मेंढक-मुंह में सिक्का लिए तीन टांग का मेंढक भी इस प्रकार ही लगाना चाहिए जिससे यह लगे कि यह धन लेकर घर के अंदर आ रहा है। इसे रसोई या शौचालय में कभी नहीं रखना चाहिए।

धातु का कछुआ-यह आयु को बढ़ाने वाला व धन समृद्धि देने वाला है। इसे भगवान विष्णु का कच्छप अवतार माना गया है।

लव बर्ड्स-पति-पत्नी के आपसी संबंधों को मधुर बनाने के लिए शयन कक्ष में लगाया जाता है।

मेनडेरियन डक-कुंवारे लड़के या लड़की की शादी के लिए मेनडेरियन डक का जोड़ा उस लड़के या लड़की के कमरे के दक्षिणपश्चिम भाग में लगवाया जाता है, जिससे उसकी शादी जल्दी हो जाए।

एजुकेशन टावर-विद्यार्थियों को सामने रखकर पढ़ने में पढ़ाई में ध्यान एकाग्रचित होता है। इच्छाशक्ति व तर्क शक्ति में वृद्धि होती है। अधिक पढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

मिस्टिक नॉट सिम्बल-रहस्यमय गांठ अर्थात् जिसका न प्रारंभ पता न अंत। इस चिन्ह को घर व आफिस की उत्तर दिशा में लगाने से धन व स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।

एनीमल सेट-इसे ड्रॉइंग रूम की चारों दिशाओं में लगाया जाता है। ड्रैगन पूर्वी दीवार पर, टाईगर पश्चिमी दीवार पर, फिनिक्स दक्षिणी दीवार पर तथा कछुआ उत्तर की दीवार पर लगाया जाता है। इसे लगाने से व्यक्ति की चहुंमुखी उन्नति होती है।

भाग्यशाली सिक्के-तीन भाग्यशाली चीनी सिक्के घर के मुख्य द्वार के अंदर के हैंडल पर बांधे जाते हैं। इसे लगाने से घर में धन की वृद्धि होती है। परिवार के सभी सदस्य इससे लाभान्वित होते हैं। इन्हें पर्स में रखने से जेब में धन की वृद्धि होती है।

रत्नों का पेड़-घर में सुख, शांति व धन को बढ़ाने के लिए इसे घर में लगाया जाता है। हरे रंग का उत्तर दिशा में तथा मिश्रित रंगों का दक्षिण-पश्चिम दिशा में लगाना चाहिए।

बांसुरी-बीम के प्रभाव को कम करने के लिए बांसुरियों पर लाल रिबन लपेटकर बीम के साथ इस प्रकार लटकाते हैं कि बांसुरी का मुंह नीचे की ओर रहे और आपस में त्रिकोण बनाएं।

सुनहरी मछली-सुनहरी मछली धन और समृद्धि की वृद्धि करती है। इनको घर की उत्तर दिशा में पूर्व की ओर मुंह करके लगाना चाहिए।

ड्रैगन के मुंह वाली बोट-संयुक्त परिवार का एकजुट बनाये रखने के लिए इसको घर के दक्षिणी पश्चिमी कोने में रखना चाहिए।

क्रिस्टल ग्लोब-क्रिस्टल ग्लोब को घर या व्यापारिक स्थल पर इस प्रकार रखना चाहिए कि यह आपके सामने रहे और दिन में कम से कम तीन बार इसे घुमाना चाहिए। यह कॅरियर व व्यापार की सफलता में सहायक सिद्ध होगा।

झाड़-फानूस-ची-घर में दक्षिण पश्चिम दिशा पृथ्वी तत्त्व से संबंध रखता है। यह विवाह एवं आपसी संबंधों से जुड़ा है। प्रतिदिन दो घंटे शाम के समय जला कर रखने से परिवार के सदस्यों में मेल-जोल की भावना बलवती होगी और साथ ही अविवाहित व्यक्तियों के विवाह होने की संभावनाएं भी बढ़ेगी।

पवन घंटी-यह मुख्य दरवाजे के पास लटकायी जाती है। बैठक या कार्यालय में लगाने से यह समृद्धि प्रदान करती है। इसकी पवित्र ध्वनि नकरात्मक ऊर्जा को कम करके सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देती है। मंत्रों की ध्वनि और पवित्र धुन से वास्तु दोष नष्ट होकर सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। पवनघंटी हर क्षेत्र में नहीं लटकानी चाहिए। इनके लटकाने का स्थान अत्यधिक महत्त्वपूर्ण होता है।

फीनिक्स-फेंगशुई के अनुसार यह इच्छा पूरी होने वाले भाग्य का प्रतीक है। भाग्य को क्रियाशील करने के लिए फीनिक्स के प्रतीक के रूप में उसके चित्र या पेंटिंग दक्षिण कोने में लगाएं।

फुक, लुक और साउ-ये क्रमश: समृद्धि उच्च श्रेणी एवं दीर्घायु के देवता हैं। इनकी उपस्थिति केवल प्रतीकात्मक होती है, इनकी पूजा नहीं की जाती है। घर में इनकी उपस्थिति अत्यंत भाग्यशाली मानी गई है। फुक समृद्धि के देवता हैं, वे अन्य दोनों देवताओं से कद में ऊंचे हैं। आमतौर पर उन्हें बीच में रखा जाता है। कुक, लुक, साउ तीनों मिलकर अत्यंत महत्त्वपूर्ण सौभाग्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनकी उपस्थिति समृद्धि, प्रभुत्व, सम्मान, दीर्घायु एवं अच्छे स्वास्थ्य को सुनिश्चित करती है।

ड्रैगन-ड्रैगन उत्तम योग ऊर्जा का प्रतीक है। इसका संबंध पूर्व दिशा से जुड़ा हुआ है। इस दिशा का तत्त्व काष्ठ है। इसलिए लकड़ी की नक्काशी वाला ड्रैगन अच्छा रहता है। मिट्टी व स्फटिक से बना हुआ भी रख सकते हैं, पंरतु धातु का कभी मत रखें, क्योंकि पूर्व दिशा में धातु काष्ठ को नष्ट कर देती है। ड्रैगन यांग ऊर्जा का प्रतीक होने के कारण रेस्टोरेंट, दुकानें, डिपार्टमेंटल स्टोर्स जहां पर ऊर्जा की अधिक आवश्यकता होती है, लोगों कआना-जाना अधिक रहता है वहां पर भी पूर्व दिशा में चित्र रखना बहुत अच्छा होता है। इसे शयनकक्ष में न लगाएं, क्योंकि वहां यांग ऊर्जा की जरूरत नहीं होती है।

फेंगशुई के टिप्स

  • घर में कैक्टस के पौधे ना रखें। कैक्टस का पौधा नकारात्मक ऊर्जा प्रवाहित करता है। द्य सूखे हुए फूल नकारात्मक ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्हें मुरझाते ही फेंक दें। ताजे फूल सौभाग्यवर्द्धक होते हैं।
  • बंद पड़ी घड़ियां नकारात्मक ऊर्जा की प्रतीक होती हैं। उन्हें तुरंत ठीक कराएं।
  • घर में हिंसात्मक तस्वीरें ना लगवाएं। घर के सदस्य तनाव में रहते हैं।
  • रात को बाहर सुखाये गए कपड़े पहनने से मन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। द्य शौचालय का दरवाजा खुला नहीं रखना चाहिए। नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है।
  • दरवाजे के ऊपर कैलेंडर अथवा घड़ी ना लगाएं। यह दीर्घायु के लिए बुरा है।
  • कैश बॉक्स, बैंक पास बुक, कैश रजिस्टर पर 3 फेंगशुई सिक्के चिपकाने से आय में वृद्धि होती है।
  • बीम के दोषों से छुटकारा पाने के लिए लकड़ी के बांसुरियों को लाल फीते की सहायता से बांधकर इसके मुख की ओर करके बीम से 45 डिग्री के कोण पर लटकाएं।
  • लाल धागे में बंधे 3 फेंगशुई सिक्के एवं 3 छोटी घंटियां दरवाजे में लटकाने से समृद्धि आती है। पर ये उन दरवाजों के पीछे नहीं लगाने चाहिए, जो बाहर की ओर खुलते हैं।
  • मुंह में सिक्का लिए 3 टांगों वाला मेढ़क घर में इस तरह रखें कि लगे वह घर में प्रवेश कर रहा है। इससे प्रतीत होता है है कि मेढ़क घर में धन ला रहा है। यदि इसका मुंह बाहर की तरफ कर दें, तो प्रभाव उल्टा हो जाएगा। इसे ड्रॉइंगरूम में रखना शुभ है। शौचालय में नहीं रखना चाहिए।
  • सौभाग्य वृद्धि के लिए घर में ड्रैगन रखें। इसे ड्रॉइंगरूम में लगाते हैं पर इसे शयनकक्ष में नहीं रखना चाहिए।
  • ड्रैगन के मुंहवाला यान घर में रखें। यह इस बात का प्रतीक है कि हमारा परिवार लंबे समय तक सुख समृद्धि से चलता रहेगा।
  • धन-समृद्धि के लिए घर में कैश- ज्वेलरी रखने की जगह पर सोने की नाव रखें। इसे दक्षिण-पूर्व दिशा में रखते हैं।
  • कॅरियर एजुकेशन तथा व्यापार में सफलता के लिए क्रिस्टल ग्लोब कमरे में रखें। इसे दिन में तीन बार घुमाएं। इससे ग्लोब से निकली सकारात्मक ऊर्जा पूरे क्षेत्र में फैल जाती है। प्रयोग से पहले इस ग्लोब को स्टैंड से उतार कर नमक के पानी में धोकर कांच के बरतन में रखकर 2-3 घंटे सुबह की धूप में रखते हैं।
  • पश्चिम तथा उत्तर-पश्चिम दिशा में धातु से बने सिक्कों का कटोरा या पौधा रखने से मित्रों की संख्या बढ़ती है।
  • घोड़े ऊर्जा प्रवाहित करते हैं। इनका चित्र प्रवेश द्वार पर लगाने से व्यक्ति सफलता की ओर अग्रसर रहता है।
  • पति-पत्नी के शयनकक्ष में लव बर्ड लगाने से उनके बीच रोमानी संबंध बने रहते हैं। लव बर्ड खरीदते समय ध्यान रखें कि उसमें 2 ही परिदें हो।
  • जिन बच्चों का पढ़ाई में मन ना लगता हो, उनके स्टडी टेबल पर एजुकेशन टॉवर रखने से लाभ मिलता है। इसे उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए।
  • चांद की रोशनी या चंद्रमा का चित्र भी अविवाहित कन्याओं के कमरे में लगाने से उन्हें योग्य वर मिलता है।
  • 2 लोगों के बीच रिश्ते की गरमाहट बरकरार रखने के लिए 2 डॉल्फिन का चित्र लगाएं। अगर आप बिजनेस पार्टनरशिप में है, तो भी डॉल्फिन का चित्र लगा सकते हैं।
  • चील सुरक्षा की प्रतीक है। इसकी मूर्ति घर में रखने से बिमारियों तथा दुश्मनों से रक्षा होती है।

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