Which mantra is for Lord Vishnu?

सृष्टि की रचना हुई तो ब्रह्मा, विष्णु और महेश देव त्रयी के रूप में जाने गए। इनमें से ब्रह्नम देव ने रचनाकार का भार संभाल लिया तो वहीं महादेव शिव ने संहारक की भूमिका निभाई, लेकिन महाविष्णु ने संतों, सज्जनों, साधु लोगों और समस्त सृष्टि जो पाप रहित हो उसके पालन.पोषण और रक्षक की जिम्मेदारी ली। इस भूमिका को निभाने के लिए वह युगों.युगों में अवतार भी लेते हैं, जगत के पालनहार विष्णु जी की पूजा गुरुवार के दिन की जाती है। शादीशुदा जिंदगी में परेशानी आने के कई कारण हो सकते हैं लेकिन ये रिश्ता इतना नाजुक होता है कि अक्सर कुछ बनाने की कोशिश में बहुत कुछ बिगड़ जाता है इसलिए शादीशुदा रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए कोई भी उपाय करने से पहले समस्या को बारीकी से समझ लेना चाहिए तो आइए पहले जान लेते हैं कि इतने कुंडली मिलान और जांच.परख के बावजूद आखिर शादीशुदा जिंदगी में बाधाएं आती क्यों हैं।

वैवाहिक जीवन क्यों आती हैं बाधाएं

ज्योतिष के लिहाज से शुक्र या बृहस्पति के कमजोर होने से वैवाहिक जीवन में समस्याएं आती हैं।

कभी कभी जाने अनजाने छोटी.छोटी गलतियां भी वैवाहिक जीवन में मुश्किलें पैदा कर देती हैं।

दो लोगों के सपनों और महत्वाकांक्षाओं में टकराव भी अक्सर शादीशुदा जिंदगी खराब करने का कारण बनता है।

और कुछ मामलों में किसी तीसरे का दखल भी शादीशुदा रिश्तों में दरार पैदा कर देता है।

जब दो लोग उम्र भर साथ चलने की कसमें खाते हैं तब कोई नहीं सोचता कि इस खूबसूरत रिश्ते में परेशानियां भी आ सकती हैं लेकिन अगर दुर्भाग्य से आपकी शादीशुदा जिंदगी में कुछ परेशानियां आ ही गई हैं तो तनाव ना लें क्योंकि कुछ उपायों से आपकी इस समस्या का भी समाधान हो सकता है, लेकिन उन उपायों को करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

बृहस्पति देव की पूजा का महत्व

हिंदू मान्यता के अनुसार बृहस्पति केवल एक ग्रह नहीं, बल्कि जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रभावित करने वाले देवता हैं। पूरे विधि.विधान से बृहस्पति देवता की पूजा करने पर मनवांछित जीवनसाथी मिलता है। वैवाहिक संबंध सफल रहते हैं और करियर में भी सफलता मिलती है, जिन लोगों का बृहस्पति कमजोर हो, उन्हें ये पूजा फल देती है। माता.पिता से अच्छे संबंधों के लिए भी इस दिन पूजा की मान्यता है।

पूजन विधि

गुरुवार के दिन बृहस्पति देव और भगवान विष्णु की पूजा इस मंत्र के जाप से करें. ऊं नमो नारायणा, यह मंत्र जाप 108 बार करने से परिवार में सुख.समृद्धि आती है और करियर में भी सफलता मिलती है। पूजा में दूध, दही और घी से बने पीले व्यंजनों का भोग लगाएं। भगवान विष्णु की पूजा कर रहे हों तो दिन में एक ही बार पूजा के बाद उपवास का पारण करें और केवल मीठी चीजों का ही सेवन करें।

 

रखें इन बातों का ध्यान

गुरुवार की पूजा करते हुए कुछ बातों का ध्यान रखने से पूजा का पूरा फल मिलता है।

गुरुवार के रोज केले के पेड़ की पूजा का महत्व है क्योंकि इसे भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है।

इस दिन पीले वस्त्र पहनकर पूजा करें, पीली वस्तुओं का दान करें, इससे दान का सौ गुना पुण्य मिलता है।

 

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