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पेटू हुँडार-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं झारखण्ड: Demon Hindi Story
Petu Hundaar

भारत कथा माला

उन अनाम वैरागी-मिरासी व भांड नाम से जाने जाने वाले लोक गायकों, घुमक्कड़  साधुओं  और हमारे समाज परिवार के अनेक पुरखों को जिनकी बदौलत ये अनमोल कथाएँ पीढ़ी दर पीढ़ी होती हुई हम तक पहुँची हैं

Demon Hindi Story: एक जंगल में एक हुँडार रहता था। वह बहुत पेटू था एवं दिन रात खाने के जुगाड़ में लगा रहता था। हुँडार जिसको पाता खा जाता था। एक दिन वह भूखे प्यासे इधर-उधर घूम रहा था, उसी समय एक बगुला मिला, जिसे पकड़ कर उसने खा लिया। कुछ देर बाद आगे जाकर रास्ते में उसे एक बकरी मिली। वह हुँडार उसे खाने के लिए आगे बढ़ा और कहने लगा कि वह उसे खा जाएगा। बकरी बोली कि तुम मुझे क्या खाओगे मैं तुम्हें ढूस का मार दूंगी। तब हुँडार बोला मैंने सफेद बगुला खाया है, तुमको नहीं खा सकगा। ऐसा कह के वह उसे धोखे से मारकर खा गया।

दूसरे दिन हुँडार अपने खाने की खोज में निकला तो उसकी भेंट एक भेड़ से हुई। वह उसको बोला कि वह उसे खाएगा। भेड़ कहने लगा कि तुम मुझे क्या खा पाओगे, मैं तुम्हें सिंग से मार-मार कर मार डालूँगी। तब हुँडार कहने लगा, “मैंने सफेद बगुला खाया है, बकरी खाई है इसलिए मैं तुमको खा नहीं पाऊँगा।” ऐसा कहके वह भेड़ को भी जबरदस्ती करके खा गया। एक दिन हुँडार फिर खाना की खोज में निकल पड़ा। उसे रास्ते में एक भैंस का बच्चा मिला। उसे देखकर उसके मुँह में पानी आ गया। वह भैंस के बच्चे को बोला : “मैं तुम्हें मारकर खा जाऊँगा”, जिसपर भैंस का बच्चा बोला तुम मुझे क्या खा पाओगे मैं तुम्हें ढूस कर मार दूंगा। तुम मुझे कैसे खाओगे? हुँडार कहने लगा, “मैंने सफेद बगुला खाया, मैंने बकरी खाई, भेड़ खाई इसलिए तुम्हें नहीं खा पाऊँगा।” ऐसा कहकर वह भेड़ को मारकर खा गया।

वह हुँडार खा-खा कर ऐसा मोटा हो गया कि वह चल नहीं पा रहा था। चलते-चलते उसे प्यास लगी। हुँडार किसी तरह आगे बढ़ा तो एक खूब गहरा पोखर मिला।

हुँडार तालाब के पानी को बोला, “मैं तुमको पी जाऊँगा। इस पर पोखर बोला, तुम मुझे नहीं पी पाओगे। तुम इसी पोखर में डूब मरोगे।” तब हुँडार अपनी बहादुरी बतलाने लगा। मैंने सफेद बगुला खाया, बकरी खाई, भेड़ खाई, भैंस का बच्चा खाया तो मैं तुम्हें पी नहीं पाऊँगा? ऐसा कहके वह हुँडार पोखर में पानी पीने के लिए उतर गया और पेट भर कर पानी पिया। पानी पीकर वह इतना भारी हो गया कि ऊपर चढ़ नहीं सका और गड्ढा में गिरकर मर गया। अहंकार, लालच में आकर दूसरे से ज्यादा स्वयं को नहीं समझना चाहिए।

भारत की आजादी के 75 वर्ष (अमृत महोत्सव) पूर्ण होने पर डायमंड बुक्स द्वारा ‘भारत कथा मालाभारत की आजादी के 75 वर्ष (अमृत महोत्सव) पूर्ण होने पर डायमंड बुक्स द्वारा ‘भारत कथा माला’ का अद्भुत प्रकाशन।’

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