कोरोना वायरस अब तक 100 से ज्यादा देशों में फैलने के बाद ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ (WHO) ने इसे ‘महामारी’ घोषित कर दिया है। WHO का कहना है कि कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में चिंता का माहौल बना दिया है।
क्या है एपिडेमिक और पैनडेमिक?
जब कोई बीमारी निश्चित दायरे या सीमा में रहते हैं तो उसे ‘एपिडेमिक’ कहा जाता है लेकिन जब वो दूसरे देशों में दाखिल होने लगे और उसके फैलने का खतरा और ज्यादा बढ़ने लगे तो उसे ‘पैनडेमिक’ (महामारी) कहा जाता है।
कब होती है महामारी की घोषणा?
किसी बीमारी के महामारी होने की घोषणा उसके कारण होने वाली मौतों और पीड़ितों की संख्या पर निर्भर करती है। वर्ष-2003 में SARS से 26 देश प्रभावित हुए थे लेकिन फिर भी इसे महामारी घोषित नहीं किया गया था। किसी भी बीमारी को ‘महामारी’ घोषित करने का फैसला WHO ही लेता है।
क्यों पहले ही नहीं की जाती महामारी की घोषणा?
बीमारी को महामारी घोषित करते ही लोगों में डर का माहौल बन जाता है और लोग पलायन करने लगते हैं। ऐसे लोगों के पलायन करने से संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। गौरतलब है कि वर्ष 2009 में ‘स्वाइन फ्लू’ को महामारी घोषित करने के बाद ऐसा ही हुआ था।
चीन, इटली और ईरान समेत करीब 114 देशों में वायरस फैलने के बाद ही इसे महामारी घोषित किया गया है। पूरी दुनिया में अब तक इसके एक लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।