आमतौर पर महिलाएं अपने स्वास्थ्य को लेकर गंभीर नहीं होती। वे घर गृहस्थी, नौकरी, बच्चे और पारिवारिक जिम्मेदारियों में उलझी रहती हैं। कई बार उन्हें इसके गंभीर परिणाम भी झेलने पड़ जाते हैं। उम्र के साथ उनमें कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। 45 से 55 साल की उम्र की महिलाओं को मेनोपॉज का सामना करना पड़ता है। इस दौरान शरीर में एस्ट्रोजन की कमी होने से उनमें हृदय रोग और हड्डियों की बीमारी की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे बहुत से मेडिकल टेस्ट हैं जिन्हें समय-समय पर करवा कर महिलाएं तनावमुक्त व निश्चिंत जिंदगी जी सकती हैं। कौन से टेस्ट महिलाओं को किस उम्र में करवाने चाहिए, इस बारे में दिल्ली की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीलम गुप्ता ने विस्तार से बताया।

रुटीन चेकअप
आज की महिलाओं को खासे तनाव से गुजरना पड़ता है। 40 से 60 साल की उम्र की महिलाओं के लिए हर वर्ष रुटीन चेकअप कराना जरूरी है।
आऐसे में किसी भी बीमारी का संकेत मिले तो इलाज कराने में देरी नहीं की जानी चाहिए। मोटी महिलाओं को वजन भी घटाने की जरूरत है।

कैंसर
उम्र बढऩे के साथ महिलाओं में कैंसर की समस्या भी बढ़ती जा रही है। इसमें ब्रेस्ट कैंसर, ओवेरियन कैंसर और सर्विक्स कैंसर प्रमुख हैं। 40 वर्ष की उम्र के बाद हर एक-दो साल में महिलाओं को मेमोग्राम करवाना चाहिए। पैप स्मीयर का टेस्ट भी 21 साल की उम्र से लेकर 40 साल के बाद प्रत्येक दो-तीन वर्ष के अंतराल पर करवाना चाहिए।

ब्लड प्रेशर चेकअप
40 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं को वर्ष में एक बार ब्लड प्रेशर चेक करा लेना चाहिए। ब्लड प्रेशर होने की स्थिति लिपिड प्रोफाइल चेकअप कराना जरूरी हो जाता है। पांच वर्ष में एक बार लिपिड प्रोफाइल चेकअप के जरिये शरीर में कोलेस्ट्रॉल के लेवल की जानकारी मिल जाती है।

ब्लड शुगर टेस्ट
डायबिटीज के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए प्रत्येक तीन वर्ष में फास्टिंग और ब्लड शुगर टेस्ट करवाना चाहिए। एचआईवी टेस्ट की सलाह उन महिलाओं को दी जाती है जिसका संबंध एक से अधिक पार्टनर के साथ हो।

ऑस्टियोपोरोसिस
महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस की आशंका होने पर डेक्सा स्कैन टेस्ट करवाना बेहद जरूरी है।

आंखों का चेकअप
40 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं को हर दो वर्ष में एक बार आंखों की जांच करानी चाहिए। इस उम्र में आंखें कमजोर होने लगती हैं जिससे निकट व दूरदृष्टि की परेशानियां होने लगती हैं। इसी तरह 45 वर्ष से ऊपर की औरतों के लिए दो वर्ष में एक बार ग्लूकोमा टेस्ट कराना जरूरी है।

दांतों का चेकअप
गाजियाबाद की डेंटिस्ट डॉ. सोनल ने बताया कि महिलाओं को वर्ष में दो बार अपने दांतों का चेकअप कराना चाहिए। कई बार उन्हें पता भी नहीं चलता है कि दांतों में कैविटी है। इसी तरह दांतों में गंदगी होने की वजह से पायरिया हो सकता है। इस स्थिति में रूट कैनाल करवाने पड़ते हैं, दांतों को खोने का भी डर रहता है।

वैक्सीन भी हैं जरूरी
सर्वाइकल कैंसर का टीका लगाने की उपयुक्त उम्र 13 वर्ष है। यदि इस उम्र में यह टीका नहीं लगवाया है तो इसे 40 की उम्र तक लगवाया जा सकता है।