हर्निया तब होता है जब कोई इंटरनल ऑर्गन आपके किसी मसल के बहुत कमजोर भाग में पुश करने लग जाता है। हर्निया के विभिन्न प्रकार होते हैं जिनके बारे में आज हम बात करेंगे। अगर आपको हर्निया हो जाता है तो इसका उपचार भी आपको पता लगने के तुरंत बाद करवा लेना चाहिए नहीं तो यह अधिक गंभीर हो सकता है। अधिकतर हर्निया एब्डोमिनल कैविटी में ही होता है जोकि छाती और हिप्स के बीच में होता है। आज हम हर्निया जैसी स्थिति के बारे में विस्तार से जानेंगे और पता करेंगे की अगर आपको यह स्थिति होती है तो आप किन किन लक्षणों को देख कर इसका अंदाजा लगा सकते हैं और क्या है इसके कारणों में शामिल होता है।

हर्निया के कुछ मुख्य प्रकार

  • इंगिनल हर्निया: यह पुरुष और महिलाओं में पाया जाने वाला हर्निया का सबसे मुख्य प्रकार होता है और इंगिनल हर्निया के दौरान आपका फैटी टिश्यू या फिर आंत का कोई हिस्सा आपकी जांघ के ऊपरी हिस्से में घुस जाता है। 
  • फेमोरल हर्निया :यह हर्निया ऊपर लिखित प्रकार से थोड़ा कम कॉमन होता है और यह अधिकतर बूढ़ी महिलाओं को ही प्रभावित करता है। इस प्रकार के हर्निया में आंत का कोई हिस्सा या फिर फैटी टिश्यू आपकी जांघ के ऊपरी हिस्से ग्रोइन को फैला देता है।
  • अम्बिलिकल हर्निया: इस हर्निया में फैटी टिश्यू या आंत का कोई हिस्सा आपके एब्डोमेन को आपकी नाभी की ओर पुश करने लग जाता है।
  • हाइटल हर्निया :  इस प्रकार के हर्निया में डायाफ्राम के माध्यम से आपके पेट का हिस्सा ऊपर की ओर यानी आपकी छाती की दिशा में खुद को पुश करने लग जाता है।

अन्य प्रकार के हर्नियास में शामिल हैं:

इंसीजनल हर्निया: पेट के किसी दूरस्थ या पेल्विक ऑपरेशन से पेट के निशान की जगह से ऊतक बाहर निकलता है।

अधिजठर हर्निया: वसा ऊतक नाभि और उरोस्थि के निचले हिस्से (ब्रेस्टबोन) के बीच उदर क्षेत्र से बाहर निकलता है।

स्पिगेलियन हर्निया:आंत पेट के माध्यम से पेट की मांसपेशियों के किनारे, नाभि के नीचे धक्का देती है।

डायाफ्रामिक हर्निया: पेट में अंग डायाफ्राम में एक उद्घाटन के माध्यम से छाती में चले जाते हैं।

हर्निया कितना अधिक कॉमन होता है?

जितने भी हर्निया के प्रकार होते हैं उनमें से 75 से 80% इंगिनल या फेमोराल हर्निया ही होते हैं।

हर्निया क्या है? जानें इसके लक्षण

2% हर्निया इंसीजनल और वेंट्रोल होते हैं, 3 से 10% हर्निया अम्बिलिकल होते हैं और एक से तीन % बचे हुए प्रकारों में से आते हैं।

हर्निया किन कारणों से होता है?

इंगिनल और फेमोरल हर्निया कमजोर मसल्स के कारण उत्पन्न होते हैं और यह आपकी यह मसल्स बचपन से ही ऐसी होती है या फिर उम्र बढ़ने के साथ साथ ऐसी हो जाती हैं। 

अम्बिलिकल हर्निया के कारणों में अधिक वजन बढ़ना, डिलीवरी के बाद लंबे समय तक महिलाओं में खांसी या जुखाम जैसे लक्षणों का रहना और एब्डोमिनल भाग में स्ट्रेनिंग होना होते हैं।

हाइटल हर्निया के कारणों में आपके डायाफ्राम का कमजोर हो जाना या फिर आपकी उम्र की वजह से आपके एब्डोमेन पर प्रेशर पड़ना भी इसका कारण हो सकता है।

हर्निया के कुछ लक्षण

ग्रोइन और स्क्रोटम जैसे भागों पर सूजन आना।

बुल्ज आदि के भाग पर अधिक दर्द होना।

लिफ्टिंग के दौरान दर्द होना।

बाउल गतिविधियों में किसी तरह की बाधा उत्पन्न होना।

कुछ लोगों को हार्ट बर्न, पाचन से जुड़ी समस्याएं और खाना न निगल पाना जैसे भी लक्षण दिखाई देते हैं।

पेट या कमर में हर्निया एक गांठ या उभार उत्पन्न कर सकता है। जिसे वापस अंदर धकेला जा सकता है या जो लेटने पर गायब हो सकता है। हंसने, रोने, खांसने, मल त्याग के दौरान तनाव, या शारीरिक गतिविधि से गांठ अंदर धकेलने के बाद फिर से उभर सकता है।

हर्निया को किस तरह पहचाना जा सकता है?

अगर आप लक्षणों को देख कर डॉक्टर के पास जाते हैं तो डॉक्टर किसी भी चेकअप के द्वारा आपके बल्ज को पहचान सकते हैं। लेकिन अगर फिर भी इसमें साफ पता नहीं चलता तो सीटी स्कैन का प्रयोग किया जाता है। इस तरीके के माध्यम से इसका अच्छे से पता चल जाता है।

उपचार

हर्निया आमतौर पर अपने आप ठीक नहीं होते और सर्जरी ही उन्हें ठीक करने का एकमात्र तरीका हो सकता है। हालांकि, आपका डॉक्टर आपके हर्निया को ठीक करने के लिए सबसे अच्छी चिकित्सा की सलाह दे सकते हैं। या आपको एक सर्जन के पास भेज सकता है। यदि सर्जन को लगता है कि आपके हर्निया को ठीक करना आवश्यक है, तो वह उसको आपरेट कर सकते हैं।

एक बच्चे में अम्बलिकल हर्निया के मामले में, सर्जरी  की जा सकती है। यदि हर्निया बड़ा है या यदि यह 4 से 5 वर्ष की आयु तक ठीक नहीं हुआ है। इस उम्र तक, एक बच्चा आमतौर पर सर्जिकल जटिलताओं से बच सकता है।

यदि किसी वयस्क को अम्बलिकल हर्निया है, तो आमतौर पर सर्जरी की सलाह दी जाती है। क्योंकि इस स्थिति में अपने आप सुधार नहीं होगा और जटिलताओं का खतरा अधिक होता है।

अगर आपको हर्निया है तो आपके डॉक्टर आपकी ओपन सर्जरी कर सकते हैं जिसमें आपके शरीर पर कट लगा कर टिश्यू को वापिस से सही जगह पर रख दिया जाता है।

आपकी लेप्रोस्कोपिक सर्जरी भी की जा सकती है जिसमें कट की बजाए छोटी छोटी इंसीजिन का प्रयोग किया जाता है।

तीन प्रकार की हर्निया सर्जरी में से एक की जा सकती है:

ओपन सर्जरी, जिसमें हर्निया के स्थान पर शरीर में एक कट लगाया जाता है। उभरे हुए ऊतक को वापस अपनी जगह पर सेट कर दिया जाता है और कमजोर मांसपेशियों की दीवार को वापस एक साथ जोड़ दिया जाता है। 

कभी-कभी अतिरिक्त सहायता प्रदान करने के लिए इस जगह में एक प्रकार का डायाफ्राम लगाया जाता है।

लैप्रोस्कोपिक सर्जरी में उसी प्रकार का इलाज शामिल है। हालांकि, पेट या कमर के बाहरी हिस्से में कट के बजाय, प्रक्रिया को पूरा करने के लिए शल्य चिकित्सा उपकरणों  से छोटे चीरे लगाए जाते हैं।

लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की तरह रोबोटिक हर्निया का इलाज भी लैप्रोस्कोप से करते हैं। रोबोटिक सर्जरी के साथ, सर्जन ऑपरेटिंग रूम में एक कंसोल पर बैठा होता है, और कंसोल से सर्जिकल उपकरणों को संभालता है। जबकि रोबोटिक सर्जरी का उपयोग कुछ छोटे हर्निया या कमजोर जगह के लिए किया जा सकता है। अब इसका उपयोग पेट की दीवार के पुनर्निर्माण के लिए भी किया जा सकता है।

अगर हर्निया का इलाज न किया जाए तो क्या हो सकता है?

शिशुओं में अम्बलिकल हर्निया के अलावा, हर्निया अपने आप गायब नहीं होंगे। समय के साथ, यह हर्निया बड़ा और अधिक दर्दनाक हो सकता है या परेशानी विकसित कर सकता है।

रुकावट (कैद): आंत का एक हिस्सा इनग्युइनल कैनाल में फंस जाता है, जिससे मतली, उल्टी, पेट में दर्द और कमर में दर्द होता है।

स्टैनग्युनल-आंत का हिस्सा इनग्युइनल कैनाल में इस तरह से फंस जाता है जिससे उसकी रक्त आपूर्ति बंद हो जाती है। ऐसे मामलों में, ऊतक मृत्यु को रोकने के लिए आपातकालीन सर्जरी (होने के कुछ घंटों के भीतर) आवश्यक है।

हर्निया को कैसे रोका जा सकता है?

स्वस्थ आहार खाना और व्यायाम करके, शरीर के वजन को बनाए रखें।

कब्ज से बचने के लिए पर्याप्त फल, सब्जियां और साबुत अनाज खाएं।

वजन या भारी वस्तुओं को उठाते समय सही फॉर्म का प्रयोग करें। ऐसी कोई भी चीज उठाने से बचें जो आपकी क्षमता से परे हो।

जब आप लगातार खांसी या छींक से बीमार हों तो डॉक्टर से मिलें।

धूम्रपान न करें, क्योंकि आदत से खाँसी हो सकती है जो हर्निया को ट्रिगर करती है।

हर्निया के लिए सर्जिकल उपचार के बाद 

सर्जरी के बाद आपको निर्देश दिए जाएंगे। इनमें शामिल हैं कि किस आहार का पालन करना है, चीरा वाली जगह की देखभाल कैसे करनी है, और शारीरिक तनाव से बचने के लिए कैसे ध्यान रखना है। सर्जरी के बावजूद हर्निया की पुनरावृत्ति हो सकती है। यह कभी-कभी अंतर्निहित ऊतक की कमजोरी या लंबी चिकित्सा के कारण होता है। धूम्रपान और मोटापा भी हर्निया की पुनरावृत्ति के प्रमुख जोखिम कारक हैं।

हर्निया से बचने के लिए आपको अपना वजन नियंत्रित करना चाहिए, हेल्दी डाइट लेनी चाहिए और अगर आपको यह हो भी जाता है तो आपको डॉक्टर के पास जाने में देर नहीं करनी चाहिए।

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