बारिश के दौरान मौसम में अचानक बदलाव होने से सर्दी, जुकाम से परेशान और त्वचा पर चकत्ते से पीड़ित रोगियों की संख्या बढ़ जाती है। साथ ही मौसम में एलर्जी के मामले भी ज्यादा देखने को मिलते हैं। कुछ लोगों को सांस लेने की समस्या और शरीर में खुजली की समस्या का भी सामना करना पड़ता है। मॉनसून में लोग घरों के अंदर इनडोर एलर्जी के शिकार हो जाते हैं, जैसे धूल कण, सूक्ष्म जीवाणु और फफूंदी से जुड़ी एलर्जी क्योंकि इस मौसम में वे ज्यादा समय घरों में रहते हैं। फफूंदी और घरों की गंदगी दमा रोग बढ़ाती हैं। इससे खांसी, गले में घरघराहट और सांस लेने में तकलीफ होती है। शहरों में प्रदूषण के बढ़े स्तर को भी देखा गया है। इस तरह की एलर्जी को रोकने के लिए घर और आसपास की जगह को साफ-सुथरा रखना चाहिए।

एलर्जी को रोकने के संबंध में सुझाव 

  • इस मौसम में खूब पानी पिएं।
  • घर में धूल व गंदगी से कालीन और बिस्तर पर सूक्ष्म रोगाणु पनपने लगते हैं। जो एलर्जी का कारण बनते हैं।  एलर्जी के कारण की पहचान के लिए एक खास खून जांच है, जिसका नाम है कॉम्प्रीहेन्सिव एलर्जी टेस्ट। एक बार एलर्जी का कारण पता चल जाने पर इलाज को शुरू किया जा सकता है।
  • खिड़कियों में पतली जाली लगवाइए और जाली वाली खिड़कियों को बंद रखिए क्योंकि ऐसे में कीड़े और मच्छर घर में प्रवेश कर सकते हैं।
  • धूल कणों और सूक्ष्म रोगाणुओं से बचाव के लिए घर के अंदर हवा के प्रवाह में सुधार लाएं और रसोईघर, गुसलखाने व कमरों को साफ-सुथरा रखें। घर और कालीन की नियमित रूप से सफाई करें।
  • बरसात के मौसम में हमारे चारों ओर के वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ जाती है जिससे हवा रहित दिनों में पराग कणों का स्तर कम होता है। ऐसे दिनों में बाहर कम जाएं।
  • एलर्जी से पीड़ित लोग खुद को धूल और गंदगी से दूर रखें। दमा और गले की सूजन से पीड़ित लोगों को डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। त्वचा की एलर्जी या चकत्ते से पीड़ित लोगों को भी डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

बालों की देखभाल के नुस्खे

  • अगर आप अपने बालों को टूटने से बचाना चाहते हैं तो बालों में ज्यादा केमिकल्स का प्रयोग न करें। अपने बालों को किसी सौम्य शैम्पू से धोएं।
  • बरसात के समय अपने बालों और त्वचा को पोषण देने के लिए प्रोटीन और विटामिन युक्त भोजन करें। अपने भोजन में अधिक मात्रा में फल और सब्जियां शामिल करें।
  • बालों की देखभाल कैसे करें, अपने बाल कैसे धोएं जिससे बालों में ज्यादा नमी और चिपचिपेपन से छुटकारा मिल सके।
  • बालों और त्वचा के स्वास्थ्य के लिए रोजाना काफी मात्रा में पानी पियें।
  • बालों को बेजान होने से बचाने के लिए अच्छे ब्रांड का कंडीशनर इस्तेमाल करें।

त्वचा की देखभाल के नुस्खे

  • मॉनसून के समय हफ्ते में कम से कम दो बार त्वचा पर स्क्रब का प्रयोग करें। इससे त्वचा की सारी मृत कोशिकाएं निकल जाएंगी और आपकी त्वचा साफ सुथरी हो जाएगी।
  • ऐसे मॉइश्चराइजर्स से परहेज करें जो कि काफी भारी होते हैं और जो तेल आधारित होते हैं। किसी हल्के मॉइश्चराइजर का प्रयोग करें जिससे आपकी त्वचा स्वस्थ रहे।
  • क्रीम आधारित मेकअप करने से बचें। इसके बदले कैलामाइन लोशन आधारित मेकअप आपके लिए अच्छा रहेगा। आप बरसात के मौसम में कैलामाइन लोशन के ऊपर हल्का चमकरहित कॉम्पैक्ट लगा सकते हैं।
  • फलों के अंश युक्त फेस वॉश का इस्तेमाल करके अपनी त्वचा को तरोताजा रखें। क्योंकि बरसात के मौसम में त्वचा में नमी जम जाती है, अत: फलों के अंश वाले फेस वाश से रोजाना मुंह धोने से आपकी त्वचा को अतिरिक्त तेल और अन्य अशुद्धियों से छुटकारा मिलेगा।
  • क्लीन्जर के साथ त्वचा को चमक देने वाले टोनर का भी इस्तेमाल करें। इससे त्वचा के रोमछिद्र बंद होंगे और त्वचा का स्तर सही रहेगा।
  • बरसात के मौसम के दौरान हम पानी के प्रदूषण के बारे में सुनते हैं। बच्चे पानी से होने वाली बीमारियों के सबसे ज्यादा शिकार होते हैं। इस मौसम में दस्त तथा आंतों के संक्रमण जैसी बीमारियां हो सकती हैं। इस मौसम में नल के पानी की बजाय उबला हुआ पानी पियें।

तैलीय त्वचा पर प्रभाव

बरसात के मौसम के साथ आने वाली नमी तैलीय त्वचा के लिए अच्छी नहीं होती। क्लीन्जर का रोजाना दो बार प्रयोग करके अतिरिक्त तेल को चेहरे से हटाएं। अपने चेहरे को ज्यादा धोएं क्योंकि इससे भी अतिरिक्त तेल की सृष्टि होती है। ठन्डे पानी की जगह गुनगुने पानी से अपना मुंह धोएं।

अपने चेहरे की त्वचा में और पैरों में नमी रोकने के लिए किसी टेल्कम पाउडर का प्रयोग करना चाहिए जिससे आपकी त्वचा सूखी रहे।

सूखी त्वचा का उपचार

अगर आपकी त्वचा सूखी है तो बरसात के मौसम में आपकी त्वचा को नुकसान ही होगा। इस मौसम में त्वचा को ठीक करने वाले विटामिन्स की गैर मौजूदगी में आपकी त्वचा सूखी ही रहेगी। इस मौसम में अपनी त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए क्रीम आधारित क्लीन्जर का प्रयोग करें।

सूखी और तैलीय त्वचा का मिश्रण

यह एक अजीब सी त्वचा होती है जिसमें किसी व्यक्ति का बरसात का मौसम में गालों के अलावा पूरा चेहरा तैलीय रहता है। ऐसी त्वचा वाले लोग सौम्य क्लीन्जर का इस्तेमाल करें। रोजाना त्वचा को मॉइश्चराइस करना भी अति आवश्यक है।

मॉनसून के कपड़े

इन मौसम में त्वचा को शुष्क बनाए रखना ही संक्रमण से निपटने का एकमात्र उपाय है। इस मौसम में रेशमी शिफॉन और जॉर्जेट जैसे कपड़े से बचना चाहिए। साथ ही इस मौसम में सूती कपड़े ही पहनने चाहिए। क्योंकि बरसात का मौसम हवा में अतिरिक्त नमी ले आता है, अत: इस समय आपकी त्वचा और बाल बेजान, उलझे और खराब हो जाते हैं। अत: यह काफी आवश्यक है कि आप बरसात में बालों और त्वचा की देखभाल करें।

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