1. संतरा-संतरे में काफी मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है इस वजह से यह स्किन के लिए काफी अच्छा माना जाता है, लेकिन एक रिसर्च के अनुसार यदि उचित प्रकार से विटामिन सी का सेवन किया जाए तो वह हमारी हड्डियों को मजबूत बनाता है जिससे जोड़ों के दर्द की समस्या नहीं होती है।

2. हरी सब्जियां-चिकित्सकों के अनुसार यदि शरीर में ओमेगा 3 फैटी एसिड का सही बैलेंस हो तो जोड़ों की समस्या उत्पन्न नहीं होती है। इसकी पूर्ति के लिए पालक, ब्रॉक्ली तथा अन्य प्रकार की हरी सब्जियों का सेवन करना अच्छा होता है।

3. प्याज तथा अदरक-प्याज व अदरक का सेवन भी ओमेगा 3 फैटी एसिड को बैलेंस करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करता है जिससे जोड़ों के दर्द से बचा जा सकता है।

4. स्ट्रॉबेरी-स्ट्रॉबेरी के सेवन से भी जोड़ों के दर्द से आराम देता है, क्योंकि इसमें बायोफ्लेवोनाइड पाया जाता है जो जोड़ों के दर्द को काफी कम करता है।

5. ब्लूबेरी-ब्लूबेरी के सेवन से भी जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है, क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जिसके सेवन से जोड़ों का दर्द दूर होता है।

 

6. मेवे-बादाम, अखरोट, काजू आदि मेवों के सेवन से भी ओमेगा 3 फैटी एसिड प्राप्त होता है इसके साथ ही इसमें एंटी ऑक्सीडेंट पाया जाता है जिसकी वजह से जोड़ों के दर्द से मुक्ति मिलती है।

7. साल्मन मछली-साल्मन मछली के सेवन से ओमेगा 3 फैली एसिड पर्याप्त मात्रा में प्राप्त होता है जिस कारण से इसके सेवन से जोड़ों के दर्द से उत्पन्न हुई सूजन में यह लाभदायक है।

8. कद्दू के बीज-कद्दू के बीज में एंटी ऑक्सीडेंट पाया जाता है इस कारण से कद्दू का बीज जोड़ो के दर्द को दूर करने में सहायक खाद्ïय पदार्थ है।

9. ऑलिव ऑयल-ऑलिव ऑयल की खासियत यह है कि इसमें वसा बहुत कम तथा एंटीऑक्सीडेंट बहुत ही उच्च मात्रा में पाया जाता है जो न सिर्फ हमारी हड्डिïयों और जोड़ों के दर्द के लिए अच्छा होता है बल्कि इससे मोटापा भी कम होता है।

जोड़ों के दर्द की समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए आवश्यक है कि ऐसे आहार का सेवन किया जाए जिससे हड्डियां मजबूत हों।

मजबूत हड्डी पाने के लिये आहार 

अपनी डायट में नियमित रूप से कैल्शियम शामिल करने और अन्य उपायों से आप अपनी हड्डियों को कमजोर होने से बचा सकते हैं। यहां पर कुछ ऐसे तरीके बताए जा रहे हैं, जिनसे आप अपनी हड्डियों में मजबूती ला सकते हैं, तो जरा गौर करें।

 

हरी सब्जियां

अपने आहार में गहरे हरे रंग की पत्तेदार सब्जियां, ब्रोकली, डेयरी प्रोडक्ट शामिल करें, क्योंकि यह विटामिन डी का अच्छा विकल्प होती हैं और हड्डियों के लिये कमाल कर सकती हैं।

लहसुन-प्याज 

लहसुन और प्याज सल्फर के अच्छे स्त्रोत हैं तो इनका सेवन जरूर करें।

मिलावटी ड्रिंक

क्या आप जानते हैं कि कोल्ड्रिंक का सेवन अधिक करने से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और इनमें से कैल्शियम गलने लगता है।

मांस 

हाई प्रोटीन मांस का सेवन ज्यादा न करें, क्योंकि इससे शरीर से कैल्शियम खत्म होने लगता है।

कॉफी और चाय 

कॉफी और चाय का सेवन कम कर के दूध का सेवन करें। इसमें खूब सारा कैल्शियम, विटामिन डी, प्रोटीन, फॉस्फोरस और पोटैशियम होता है जो कि हड्डियों के लिये अच्छा माना जाता है।

सप्लीमेंट का सेवन करें

यदि आपको लगता है कि आपको भोजन द्वारा पूरा पोषण नहीं मिल रहा है तो आप सप्लीमेंट या जड़ी-बूटी का सेवन कर सकते हैं, पर इसको लेने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह ले लें।

जड़ी-बूटियां खाएं 

जौ घास, अल्फाअल्फा, धनिया और आदि कुछ ऐसी जड़ी बूटियां हैं जो आपको हड्डी मजबूत करने में सहायता प्रदान करेंगी।

हड्डियों की समस्याओं में सबसे ज्यादा तकलीफदेह है गठिया। इससे मुक्ति पाने के लिए आवश्यक है सही आहार का सेवन।

गठिया की आहार चिकित्सा

किसी भी प्रकार की गठिया हो, आहार से रोगी की पीड़ा कम हो सकती है तथा यदि रोग अधिक पुराना नहीं है, तो पूरी तरह ठीक हो सकता है। आहार चिकित्सा एक महीने तक लेना चाहिए और यदि आवश्यक हो तो आगे भी चलाई जा सकती है, नीचे दिए गए चार्ट के अनुसार प्रात:काल जल्दी उठकर शुरू करना हमेशा ठीक रहता है, लेकिन उसके लिए समय पर सोना भी आवश्यक है।

प्रात:काल 5 बजे

एक नींबू का रस, दो चम्मच शहद तथा चार कली लहसुन की कुचली हुई एक गिलास गर्म पानी में मिलाकर लें।

प्रात:काल 6.30 बजे

25 ग्राम मेथी एक रात पहले पानी में भिगोई हुई। उसका पानी गर्म करके पीएं।

प्रात:काल 9 बजे

मौसमी सब्जियों का रस विशेषतौर से गाजर का रस आधा गिलास लें।

प्रात:काल 11 बजे

गेहूं के संपूर्ण आटे की दो रोटी, उबली हुई हरी सब्जियां, अंकुरित मेथी तथा सलाद लें। जिस भीगी हुई मेथी का पानी पिया था, उसे ही अंकुरित किया जा सकता है। इसका स्वाद बढ़िया करने के लिए इसमें खीरा, टमाटर, गाजर आदि मिलाए जा सकते हैं।

दोपहर 2 बजे

4 मौसमी फल तथा एक गिलास रस।

शाम 4 बजे

नींबू का रस तथा शहद गर्म पानी में।

शाम 6.30 बजे

फल तथा अंकुरित अनाज। लौकी, तोरई आदि अनाज में शामिल की जा सकती है। फल विशेष तौर से पपीता, आम तथा खट्टे फल और उनका रस लेना चाहिए। इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आहार चिकित्सा में बिना पकाई हुई सब्जी तथा फल अधिक मात्रा में लेने चाहिए। 

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