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घरेलू उपचार
   
धातुओं में सोना, चांदी के बाद तीसरे स्थान पर तांबा आता है। मगर गुणों में तांबा नंबर एक है। भले ही आज स्टील का बोलवाला है। चम्मच, कटोरी, गिलास, थाली, कलछी, पतीला, ट्रे आदि बर्तन रसोई घर की शान हैं। ये चमचमाते बर्तन दुकानों पर हाथों-हाथ बिकते हैं। साथ ही आपकी सेहत के लिए भी फायदेमेंद है। 
 
  • विदेशों में हुए शोध से यह बात सामने आई है कि तांबा पेट के रोगों की अचूक दवा है।
  • तांबे के बर्तन में पका खाना और तांबे के लोटे में रात्रि को रखा पानी प्रात: उठकर पीने से पेट के कृमि समाप्त हो जाते हैं तथा पेट से संबंधित रोग दूर हो जाते हैं।
  • तांबा ऊष्मा का सुचालक है। इस धातु के पात्र में भोजन जल्दी पकता है और ईधन की भी बचत होती है अर्थात् आम के आम गुठलियों के दाम वाली कहावत यहां चरितार्थ होती है।
  • तांबे के पात्र में पकाए भोजन में तांबे का कुछ भाग हमारे पेट में जाता है जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।
  • तांबे के पात्र में रखे भोजन को हर ओर से समान ताप मिलता है। इससे भोजन का स्वाद बढ़ जाता है तथा यह अधपका नहीं रहता।
  • त्वचा को अल्ट्रावॉयलेट किरणों से बचाने के लिए मेलानिन के निर्माण में तांबा अहम भूमिका निभाता है। मेलानिन त्वचा, आंखों एवं बालों के रंग के लिए जिम्मेदार तत्व होता है।
  • अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार तांबे कैंसर की शुरुआत को रोकने में मदद करता है और इसमें कैंसर विरोधी तत्व मौजूद होते है।
  • तांबे में मस्तिष्‍क को उत्तेजित करने वाले और विरोधी ऐंठन गुण होते हैं। इन गुणों की मौजूदगी मस्तिष्‍क के काम को तेजी और अधिक कुशलता के साथ करने में मदद करते है।
  • तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से त्वचा पर किसी प्रकार की समस्याएं नहीं होती। फोड़े, फुंसी, मुंहासे और त्वचा संबंधी अन्य रोगों से भी छुटकारा मिलता है जिससे आपकी त्वचा साफ और चमकदार दिखाई देती है।
  • इस धातु के पात्रों की अन्य धातुओं के पात्रों से अधिक मजबूती की गारंटी रहती है। इन बर्तनों का कई वर्षों तक उपयोग किया जा सकता है।
  • तांबे का पानी पाचनतंत्र को मजबूत कर बेहतर पाचन में सहायता करता है। रात के वक्त तांबे के बर्तन में पानी रखकर सुबह पीने से पाचन क्रिया दुरुस्त होती है। इसके अलावा यह अतिरिक्त वसा को कम करने में भी बेहद मद्दतगार साबित होता है।
 
ध्यान रखें –
 
तांबे के पात्रों में एसिड वाले पदार्थ पकाने से भोजन का जायका खराब हो जाता है। इसलिए अमलीय पदार्थों को तांबे के पात्र में नहीं पकाना चाहिए। कसैला स्वाद आपके भोजन का मजा किरकिरा कर सकता है।
 
ऐसे करें तांबे के बर्तनों को साफ
 
नींबू और नमक से धोने पर तांबे के बर्तन चमक उठेगें। आप चाहें तो बेकिंग सोडा और नमक का प्रयोग करें या फिर चाहे बेकिंग सोडा को अकेले ही प्रयोग कर लें। इससे तांबे के बर्तन एक दम चमक जाते हैं।

(विश्व स्वास्थ्य संगठन ने लोगों से तांबे का अधिकाधिक प्रयोग करने की सिफारिश की है। यदि आप अच्छा स्वास्थ्य व निरोग रहना चाहते हैं तो तांबे के पात्रों का नियमित प्रयोग करें। )