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फायदे
इस आसन में शरीर की स्थिति दहाड़ते हुए शेर के समान हो जाती है इसलिए इस आसन को लायन पोज कहते हैं। इस आसन को करने के इतने सारे फायदे हैं कि इसे सर्व रोगहरण आसन भी कहा जाता है। इसे हर कोई व्यक्ति चाहे वह स्वस्थ हो या रोगी हर कोई कर सकता है। आइये जानते हैं इसको करने की विधि और लाभों के बारे में –
 
ऐसे करें : 
 
  • पैरों को घुटनों से मोड़ते हुए वज्रासन की स्थिति में बैठें। दोनों घुटनों के बीच जितना हो सके उतनी दूरी रखें। 
  • अब दोनों हाथों को घुटनों के बीच में इस तरह से रखें कि हाथों की उंगलियां हमारे शरीर की तरफ रहें। 
  • हाथों को सीधा रखते हुए थोड़ा आगे की तरफ झुकें और श्वास लेते हुए सिर को ऊपर की ओर उठाकर मुंह को जितना खोल सकते हों, खोलें। जीभ को बाहर की ओर निकालकर दोनों आँखों से अपनी दोनों आईब्रो के बीच में देखने की कोशिश करें। 
  • फिर धीरे- धीरे मुंह से शेर के दहाड़ने जैसी आवाज निकालते हुए श्वास को बाहर छोड़ दें। 
  • इस तरह से लगातार 8-10 बार इस अभ्यास को करें। अभ्यास हो जाने पर इस आसन को कम से कम 15-20 बार करें। 
 
सिंहासन से होने वाले फायदे : 
 
  • जिन बच्चों को हकलाने या तुतलाने की समस्या होती है, वे यदि रोजाना इस आसन को करें तो कुछ ही समय में यह समस्या समाप्त हो जाती है। इस समस्या का यह रामबाण इलाज है। साथ ही आवाज भी मधुर और स्पष्ट होती है। 
  • यदि आपको टॉन्सिल की समस्या है या गले में दर्द और जकड़न है, तो सिंहासन के नियमित अभ्यास से इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है।
  • अगर आपको छोटी- छोटी बातों से डर लगता है या बहुत जल्दी घबरा जाते हैं या आत्म-विश्वास की कमी महसूस करते हैं, तो यह आसन आपके अंदर आत्म-विश्वास जगाएगा। साथ ही आपका भय भी खत्म होगा और आपके अंदर हिम्मत आएगी। 
  • थाइराइड की समस्या में भी यह आसन लाभ देता है। जब हम गले से आवाज निकालते हैं तो स्वर यंत्र में कंपन होने से थाइराइड ग्लैंड उत्तेजित होती है और सही ढंग से कार्य करती है। 
  • बढ़ती उम्र के साथ पड़ने वाली चेहरे की झुर्रियों को इस आसन के रोजाना अभ्यास से समाप्त किया जा सकता है। इसलिए इस आसन को एक तरह का एंटि एजिंग योग भी कह सकते हैं। 
  • इस आसन को करने से आँखों की रोशनी बढ़ती है, साथ ही चेहरे के बाकी अंग जैसे- नाक, कान, गला, जबड़ा, जीभ, दांत सभी में ऊर्जा आती हैं और वे पुष्ट होते हैं। 
 
इसका रखें खास ध्यान :
 
  • यदि आपके घुटनों में दर्द हो तो इस आसन को जमीन में न करके चेयर में बैठकर कर सकते हैं। 
  • यदि गले में ज्यादा दर्द हो तो उस समय इस आसन को न करें।