किसी भी घरेलू महिला के लिए किचन एक ऐसी जगह होती है जहां वह अपनी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा गुजारती है। आजकल वॄकग वुमन तो काफी स्मार्ट हो गई हैं जो किचन के सभी काम फटाफट निपटाना जानती हैं। जब घर मालकिन स्मार्ट हो तो उसका किचन भी होना चाहिए स्मार्ट। किचन आमतौर पर तीन शेप के होते हैं- एल शेप, यू शेप व गैली शेप। इसमें काम व स्टोरेज दोनों के लिए ही काफी स्पेस मिल जाती है।

एल शेप किचन
ऐसी डिजाइन वाले छोटे व बड़े दोनों ही तरह के रसोई घर के लिए उपयुक्त होते हैं। इसमें दीवार पर एक प्लेटफार्म बनाया जाता है, जिसमें आवश्यकतानुसार कैबिनेट्स लगाए जाते हैं।

यू शेप किचन
ऐसे किचन के लिए अधिक जगह की आवश्यकता होती है। इस किचन की शेप मॉडर्न लुक देती है जिसमें बर्तन साफ करने और धोकर रखने के लिए सिंक, ह्रश्वलेटफार्म, अवन, मिक्सर, क्राकरी, फ्रिज और गैस चूल्हा रखने के लिए जगह बनाने पर ज्यादा फोकस रहता है।

वन वॉल किचन
अगर किचन में जगह कम है तो वन वाल किचन डिजाइन बेस्ट रहता है। इसमें दीवार के ऊपर एक प्लेटफार्म होता है, जिसमें ऊपर और नीचे रेक बनाए जाते हैं। इनमें आप बर्तन व किचन का अन्य सामान एडजस्ट कर सकती हैं।

पुलआउट ड्रावर
आजकल मॉड्यूलर किचन का चलन है लेकिन मॉड्युलर किचन काफी महंगे पड़ते हैं। इतना खर्च वहन करना हर किसी के बस की बात नहीं होती। हां, ऐसे में आप मॉड्युलर किचन की तरह के स्लाइडर और पुलआउट ड्रॉवर जरूर लगवा सकती हैं जिसमें कैबिनेट की किवाड़ खोलने के बजाय स्लाइड कर सामान रखना और निकालना संभव हो। ऐसे ड्रॉवर जगह भी कम घेरते हैं और इनमें सामान भी अधिक आता है।

स्टोरेज के लिए बॉक्स
किचन में रोजमर्रा के सामान के स्टोरेज के लिए टप्परवेयर के डिब्बों का इस्तेमाल करें। इनकी खासियत यह है कि यह कम जगह घेरते हैं जबकि सामान ज्यादा आता है। इसके अलावा स्वास्थ्य और हाईजीन की दृष्टि से भी यह अच्छे रहते हैं। बड़े बर्तन जैसे- गेहूं, चावल और अन्य राशन रखने के बड़े कंटेनर्स के लिए भी स्लाइडिंग ड्रॉवर लगवाएं, ताकि किचन खाली-खाली रहे।

हल्के प्लास्टिक कंटेनर
अक्सर महिलाएं कहीं से आये हल्की प्लास्टिक के कंटेनर का इस्तेमाल सामान रखने के लिए करने लगती है, इससे किचन सुंदर नहीं लगता और ऐसे कंटेनर स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक होते हैं। इसलिए बेहतर है कि ऐसे कंटेनर्स का मोह छोड़ दें और जरूरत और स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए ही कंटेनर किचन में रखें।

किचन केबिनेट
किचन के डिजाइन को ध्यान में रखते हुए अगर कैबिनेट बनवाएं जाएं तो किचन अधिक स्पेसी भी हो जाती है और दिखने में भी खुला-खुला लगता है। किचन में कैबिनेट्स हमेशा ऐसी जगह पर लगाने चाहिए जहां आपके हाथ तो पहुंच सकें लेकिन सिर उससे न टकराए। इससे किचन की ज्यादा जगह भी नहीं घिरती और इनमें सामान भी काफी आ जाता है। अपनी किचन में लकड़ी की  जगह ग्लास कैबिनेट बनवाने चाहिए ताकि किचन बड़ी लगे।

दीवारों का उपयोग
किचन छोटा है तो दीवारों पर हैंगर या बर्तन स्टैंड लगाना एक समझदारी भरा उपाय है। इन पर कोई टूटने वाली चीज रखने के बजाय स्टील के बर्तन आदि रखे जा सकते हैं। इनकी ऊंचाई इतनी होनी चाहिए ताकि आपका हाथ आसानी से वहां तक पहुंच सके। इसी तरह सॉस पैन आदि चीजें दीवार पर एक हैंगर लटकाकर उसमें रख सकते हैं।

डाइनिंग स्पेस
किचन छोटा है पर उसके साथ डाइनिंग स्पेस है तो यह आपके लिए बेहतर है। इसका फायदा यह होगा कि आप डाइनिंग टेबल में बॉक्स या स्टैंड बनवा सकते हैं जिसमें क्रॉकरी या रोजाना इस्तेमाल होने वाले बर्तनों को रख सकें।