मोदी सरकार ने युवाओं के लिए एक खास योजना शुरू की है। इसके लिए कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में शिक्षा मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत संरक्षण के सुव्यवस्थित चरणों के तहत इस योजना के चरणबद्ध निष्पादन को सुनिश्चित करेगा। पहले जान लीजिए क्या है राष्ट्रीय पुस्तक न्यास।

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत जो अपनी पुस्तकों की वितरण प्रणाली के लिए जाना जाता है, उनके डायरेक्टर हैं- श्री युवराज मलिक। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास प्रत्यक्ष तौर पर शिक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाला विभाग है। हाल ही में मलिक जी से हमारा संवाद हुआ है। वे स्वयं बहुत अच्छे पाठक हैं और किताबों की दुनिया को लेकर बहुत उत्साहित रहते हैं। विभिन्न सरकारी एजेंसियों में 16 साल तक प्रशासनिक कार्य कर चुके हैं। 

जैसा कि आप सब जानते हैं कि भारत अपनी आजादी का 75वां वर्षगांठ मनाने जा रहा है। इसी के उपलक्ष्य में अपने राष्ट्रीय आंदोलन के अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए केंद्रीय सरकार ने युवा लेखकों के लिए एक योजना बनाई है, जिसका नाम है- ‘प्रधानमंत्री की युवा योजना।’ योजना से जुड़ी बातों पर आदरणीय युवराज मलिक जी ने प्रकाश डाला। 

पढ़ेगा भारत तो बढ़ेगा भारत

शिक्षा एक मात्र ऐसा रास्ता है जो देश को उन्नति की तरफ ले जाता है और हमारी सोच को सही दिशा में प्रभावित करता है। देश में कई ऐसी जगह है जहां लोग शिक्षा से वंचित हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह योजना बनाई है।

क्या है प्रधानमंत्री की युवा योजना? 

यह योजना लेखकों का एक वर्ग विकसित करने में मदद करेगी जो भारतीय विरासत, संस्कृति और ज्ञान-प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए विविधवर्णी विषयों पर लिख सकते हैं। इसके अलावा, यह योजना इच्छुक युवाओं को अपनी मातृभाषा में स्वयं को व्यक्त कर सकने और वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए एक माध्यम भी प्रदान करेगी। देश भर से युवा, उदीयमान और प्रतिभाशाली लेखकों को वैश्विक मंच पर भारत के साहित्यिक प्रतिनिधियों के रूप में तैयार करने के लिए यह योजना शुरू की गई है।

योजना का उद्देश्य

यह योजना एक ज्ञान आधारित समाज के लिए सामाजिक निवेश होगी जो रचनात्मक युवाओं के बीच साहित्य और भाषा की सराहना के विचार को परिमार्जित करेगी। युवा लेखकों के रचनात्मक कौशल के मार्गदर्शन के माध्यम से यह योजना उन्हें सांस्कृतिक और साहित्यिक दृष्टिकोण के लिए प्रशिक्षण प्रदान करेगी। उन्हें भविष्य के लेखक और रचनात्मक नेतृत्वकारी के तौर पर तैयार करते हुए, यह योजना संचित प्राचीन भारतीय ज्ञान की समृद्ध विरासत को केंद्र में लाने को सुनिश्चित करेगी।

इस योजना की नियम व शर्तं

कोई भी भारतीय नागरिक जिसकी उम्र 30 वर्ष या उससे कम है व पीआईओ या भारतीय पासपोर्ट रखने वाले एनआरआई इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। सिर्फ उन्ही प्रविष्टियों को चयन के लिए स्वीकारा जाएगा जिनके प्रमुख विषय होंगे अज्ञात नायक (अनसंग हीरो), राष्ट्रीय आंदोलन के बारे में अल्प ज्ञात तथ्य राष्ट्रीय आंदोलन में विभिन्न स्थानों की भूमिका, राष्ट्रीय आंदोलन आदि के राजनीतिक, सांस्कृतिक, आर्थिक या विज्ञान संबंधी पहलुओं से संबंधित नए दृष्टिकोण।

योजना का एक्शन प्लान 

इस योजना को निष्पादित करने के लिए राष्ट्रीय पुस्तक न्यास को क्रियान्वयन एजेंसी के रूप में स्थापित किया गया है। योजना को 3-3 महीनों के 2 चरणों में बांटा गया है। पहला चरण प्रशिक्षण पर आधारित होगा और दूसरा प्रोत्साहन पर। योजना के आयोजन में इस बात का $खास तौर पर ध्यान रखा गया है कि प्रतियोगियों को प्रकाशन के इको-सिस्टम की हर छोटी से छोटी जानकारी प्रदान की जाये।

कम से कम और अधिकतम आयु सीमा 

प्रतिभा की कोई उम्र नहीं होती है। इस योजना के लिए वे सभी युवा अपना नामांकन कर सकते हैं जिनकी उम्र 1 जून 2021 को 30 साल या उससे कम है। इस योजना की कोई न्यूनतम आयु नहीं रखी गई है, जिससे किसी भी आयु के बच्चे, अगर उनमें क्षमता है और वे प्रतिभाशाली हैं तो वह योजना का लाभ उठा सकते हैं।

क्या योजना सफल होगी 

इस योजना की परिकल्पना इस आधार पर की गई है कि इक्कीसवीं सदी के भारत को, युवा लेखकों की एक ऐसी पीढ़ी तैयार करने की आवश्यकता है, जिसे भारतीय साहित्य का राजदूत बनाया जा सके। भारत युवा जनसंख्या हिस्सेदारी में कुल आबादी का 65त्न होने से युवा आबादी में चार्ट में सबसे ऊपर है। यह योजना हमें युवा भारतीय दिमाग की क्षमता का उपयोग करने में मदद करेगा और इसके सदुपयोग से राष्ट्र-निर्माण की ओर ले जाएगा। हमारे पास काफी आवेदन आने भी शुरू हो गए हैं। बहुत से इच्छुक युवा लेखक इसमें दिलचस्पी दिखा रहे हैं। जैसा की आप जानते हैं इस योजना को पूर्ण रूप से तैयार कर के ही युवाओं के समक्ष लाया गया है। योजना के शार्ट टर्म, मिड टर्म और लॉन्ग टर्म गोल्स अच्छे और स्पष्ट तरीके से परिभाषित किये गए हैं। ऐसी कोई भी सम्भावना नहीं है कि योजना अपना लक्ष्य नहीं छू पाएगी और हमें भरोसा है कि योजना के अंत में जो हमारे युवा लेखक प्रशिक्षित होकर आएंगे उन पर पूरे देश को गर्व होगा।

योजना का लाभ 

निदेशक महोदय ने बताया इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए युवा लेखकों को nbtindia.gov.in/MyGov.in के द्वारा आयोजित की गई अखिल भारतीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेना होगा। जिसके तहत वे अपने लेखन का एक 5000 शब्दों का मैनुस्क्रिप्ट प्रस्तुत करेंगे। उस मैनुस्क्रिप्ट के आधार पर राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा गठित एक समिति 75 प्रतियोगियों का चयन करेगी, जिन्हें फिर आगे प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जाएगा।

कितने लेखकों का होगा चयन

nbtindia.gov.in/MyGov.in के माध्यम से आयोजित की जाने वाली अखिल भारतीय प्रतियोगिता के माध्यम से कुल 75 लेखकों का चयन किया जाएगा। चयनित लेखकों के नामों की घोषणा 15 अगस्त 2021 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर की जाएगी।

प्रकाशित पुस्तकों का विमोचन

मेंटरशिप के आधार पर, चयनित लेखक नामांकित सलाहकारों/मेंटर्स के मार्गनिर्देशन में अंतिम चयन के लिए पांडुलिपियां तैयार करेंगे और विजेताओं की प्रविष्टियां 15 दिसंबर 2021 तक प्रकाशन के लिए तैयार की जाएंगी। प्रकाशित पुस्तकों का लोकार्पण जनवरी 2022 में किया जा सकता है।

कौन निभाएगा नोडल एजेंसी की भूमिका 

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत (पुस्तक प्रोन्नयन प्रभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन) कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में मेंटरशिप/मार्गदर्शन के सुपरिभाषित चरणों के तहत योजना के चरणबद्ध निष्पादन को सुनिश्चित करेगा।

विभिन्न भारतीय भाषाओं में अनुवाद

इच्छुक उम्मीदवार प्रतियोगिता अंग्रेजी के अलावा देश की 22 आधिकारिक भाषाओं में भी अपना मैनुस्क्रिप्ट भेज सकते हैं। चयनित लेखकों की पुस्तकों का अन्य भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया जाएगा, जिससे भारत के विभिन्न राज्यों के बीच संस्कृति और साहित्य का आदान प्रदान सुनिश्चित होगा। 

‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ को बढ़ावा मिलेगा

यह योजना लेखकों का एक वर्ग विकसित करने में मदद करेगी जो भारतीय विरासत, संस्कृति, और ज्ञान-प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए विविध वर्णी विषयों पर लिख सकते हैं। चयनित लेखकों की पुस्तकों का अन्य भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया जाएगा, जिससे भारत के विभिन्न राज्यों के बीच संस्कृति और साहित्य का आदान-प्रदान सुनिश्चित होगा और इस तरह एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को बढ़ावा दिया जाएगा।

लेखकों को प्रशिक्षण 

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत चयनित उम्मीदवारों के लिए दो सप्ताह का लेखकों का ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित करेगा। इस दौरान युवा लेखकों को राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के निपुण लेखकों और रचनाकार के पैनल से दो प्रख्यात लेखकों/मार्गदर्शकों द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके अलावा, विभिन्न भाषाओं के राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के सलाहकार समिति के तहत प्रख्यात लेखक/मार्गदर्शक उन्हें अपने साहित्यिक कौशल का अभ्यास करने के तरीके के बारे में सलाह और मार्गदर्शन देंगे।

छात्रवृत्ति की भी है योजना 

चयनित लेखकों को समेकित छात्रवृत्ति दी जाएगी। मेंटरशिप योजना के तहत प्रति लेखक को छह महीने की अवधि के लिए रुपये 50,000 प्रति माह का भुगतान किया जायेगा। इसके अलावा मेंटरशिप प्रोग्राम के अंत में लेखकों को उनकी पुस्तकों के सफल प्रकाशन पर 10% रॉयल्टी भी देय होगी।

क्या अन्य लेखकों के लिए भी हैं विकल्प

विकल्प सभी के लिए हैं। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास ने 55 से अधिक भारतीय भाषाओं और बोलियों में पुस्तकों का प्रकाशन और अनुवाद जारी रखा है। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास केवल लेखन के मूल तत्व को आंकता है। अगर आपकी कहानी ऐसी है जो समाज को कुछ नया और अच्छा सिखाने का काम करती है तो हम उसे ज़रूर मौका देंगे।

आप कैसे सुनिश्चित करेंगे कि प्रस्तुत की गई कहानियां मौलिक हों

योजना के तहत 75 प्रतियोगियों को चुनने के लिए उचित जांच प्रक्रिया तय की गई है। मैनुस्क्रिप्ट के सबमिशन के बाद प्रतियोगियों का इंटरव्यू उस भाषा के विशेषज्ञों द्वारा लिया जाएगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि उनकी कहानी ओरिजिनल है और न कि किसी और के द्वारा लिखी हुई।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (nep) 

भारत सरकार ने नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 आरंभ की है, जिसके अंतर्गत सरकार ने एजुकेशन पॉलिसी में काफी सारे मुख्य बदलाव किए हैं। नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के माध्यम से भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाना है। अब नई शिक्षा नीति के अंतर्गत 5+3+3+4 का पैटर्न फॉलो किया जाएगा।

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