कॉमेडी छोड़कर सीरियल करने की क्या वजह है?
कॉमेडी छोड़ी नहीं है, वो पहले की तरह जारी रहेगी। ‘देव एक ट्वेंटी सिक्स एपिसोड की सिरीज़ है। यह कोई क्राइम थ्रिलर नहीं है, बल्कि रियल स्टोरी पर बेस्ड है। यह फिक्शन शो है जिसमें मिस्ट्री, ड्रामा, रोमैन्स सब है। मेरा किरदार प्रोफेशनल साइकिक का है, जो सिंगल मदर भी है। मुझे इस किरदार में एक्टिंग का बहुत स्कोप नजऱ आया, इसलिए मैंने एक्सेप्ट कर लिया।
 
आपके अब तक के करियर में विभिन्नताएं नजर आती हैं। अपने रोल का चुनाव आप कैसे करती हैं?
मेरा एक कॉनशस रहा है कि अलग-अलग तरह के रोल करूं, जो मैं पहले कर चुकी हूं उसे दोबारा करने में मजा नहीं आता है। जब पहली बार कॉमेडी की, तब पता नहीं था कि मैं वो कर सकती हूं। ट्रैवल शो किए, उसका अपना-अलग मजा था। अब एक सिंगल मां का रोल कर रही हूं, जो मैंने पहले कभी नहीं किया है। अपने आपको प्रूव करना है, जस्टीफाई करना है।
 
एक एक्टर के रूप में अपने आप में कितनी ग्रोथ महसूस करती हैं?
मैं तो हमेशा से अपना 100% देती आ रही हूं मुझ में क्या ग्रोथ हुई है वो तो ऑडीयन्स ही बता सकती है। वैसे मैं लकी हूं, जो भी करती हूं उसे ऑडीयन्स पसंद करती है चाहे वो मुझे पसंद आए या ना आए। मैं चाहती हूं कि दर्शक मुझे इसी तरह प्यार करते रहें, मुझे जितना प्यार मिलेगा, मेरी उतनी ही ग्रोथ होगी।
 
 
आप हमेशा लाइम लाइट से दूर रहती है?
मैं हमेशा से ऐसी ही हूं, निजी जि़ंदगी में बहुत सिक्योर हूं। ऐसी नहीं कि किसी से कुछ कहना है तो रूफटॉप पर जाकर चिल्लाऊंगी या सोशल मीडिया पर जाकर ट्वीट कर दूंगी। अगर मुझे किसी से नाराजगी है या कॉमि्पलेमेंट देना है तो मैं उसे पर्सनली कॉल करूंगी। मैं इस प्रोफेशन में इसलिए नहीं आई कि मुझे लाइम लाइट में आना था या सेलिब्रिटी बनना था। मुझे एक्टिंग करना, कैमरा के आगे आना पसंद है, लकी हूं कि जो काम पसंद था वही प्रोफेशन बन गया। उसमें मुझे सफलता, प्यार, इज़्ज़त मिल रही है और लाइम लाइट तो ऐडेड बोनस है।
 
आजकल कॉमेडी का मतलब किसी का अपमान करना हो गया है। आपके शो में भी ऐसा ही कुछ दिखता है?
नहीं, ऐसा नहीं है, किसी को अपमानित करने के लिए मज़ाक नहीं किया जाता और शो में जो कुछ भी होता है वो सेट पर स्क्रिप्ट के दायरे में होता है। वो रियल नहीं है। वहां मैं एक किरदार होती हूं। जो भी मज़ाक किया जाता है वो उस किरदार के साथ होता है। अपने आप पर हंसना मुश्किल होता है, फिर इसमें क्या प्रॉब्लम है। शो पसंद नहीं है तो मत देखो, एक लाइफ मिली है, उसे एन्जॉय करना सीखो।
 
 
तब फिर आपकी नज़र में अपमानित होना क्या है?
मुझे तब अपमानित महसूस होता है जब मुझसे कोई पूछता है कि मैं कब सेटल हो रही हूं? एक औरत के लिए सेटल डाउन का मतलब सिर्फ शादी क्यूं होता है? अगर इसका मतलब है कि मैं फाइनेंशियली, इमोशनली और फिज़िकली सिक्योर हो जाऊं, तो मैं बिना शादी के ही सेटल डाउन हूं। मैं ये नहीं कह रही कि शादी करना ज़रूरी नहीं है, कंपेनियन भी जरूरी है, एक साथी जिसके साथ आप जि़ंदगी बिताना चाहे।
 
आपके लिए सफलता के मायने?
मैं यहां सिर्फ काम करने आई हूं, सफलता, असफलता, तारीफ या सिलेब्रिटी होना मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता है। यह सब आज है। हो सकता है, कल नहीं हो। इन सब को अपने सिर पर नहीं चढऩे देना चाहिए। मैंने देखा है कि पुराने एक्टर- एक्ट्रेस को लोग कैसे भूल जाते हैं, उन्हें पहचानते ही नहीं हैं, इसलिए मैं इस पल भर की पहचान को तवज्जो नहीं देती और सिर्फ काम के पीछे भागना मेरी फितरत नहीं है, अपने लिए भी समय निकालना जरूरी होता है। 
 
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