एंटी-एजिंग सीटीएमपी

40 साल के बाद त्वचा ड्राय हो जाती है। ऐसे में क्लींजिंग के लिए नॅरिशिंग क्लींजिंग मिल्क या फिर क्लींजिंग क्रीम का इस्तेमाल करना चाहिए। यह त्वचा को रूखा किए बिना डीप क्लीन करता है। बढ़ती उम्र की निशानियों में आम समस्या ओपन पोर्स यानी खुले रोम छिद्रों की होती है। समय के साथ पोर्स बढ़ जाते हैं जिसके चलते स्किन पर एजिंग दिखती है। इन पोर्स को कम करने के लिए क्लींजिंग के बाद टोनिंग जरूर करें। ध्यान रहे कि एल्कोहल युक्त टोनिंग प्रोडक्ट त्वचा से नमी चुरा लेता है। इससे बचने के लिए लाइकोपीन युक्त टोनर्स का इस्तेमाल करें। नमी की कमी से चेहरे पर झुर्रियां दिखती हैं। इसकी रोकथाम के लिए त्वचा पर मॉयश्चराइजर की परत जरूर लगाएं। सूर्य की हानिकारक किरणें न केवल आपकी त्वचा को झुलसा देती है, बल्कि सूर्य की यू.वी.ए. किरणों से त्वचा में झुर्रियां, ब्राउन स्पॉट्स आदि एजिंग की निशानियां दिखाई देने लगती हैं। इसलिए धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाकर त्वचा को सूर्य की तेज किरणों से बचाएं।

मेकअप ट्रिक्स

एक उम्र के बाद आईब्रोज नीचे की तरफ झुकने और हल्की होने लग जाती हैं। ऐसे में आंखों को उठाने के लिए आप आईपेंसिल की मदद से आर्क बना लें और अगर आर्क बना हुआ है तो उसे पेंसिल से डार्क कर लें। इससे आंखें उठी हुई और बड़ी नजर आएंगी। उम्र बढऩे के साथ-साथ आंखों के आकार में भी बदलाव आता है। त्वचा में कुदरती नमी और लचीलेपन में कमी आने के कारण आंखें पहले से थोड़ी छोटी हो जाती हैं। ऐसे में लिक्विड आईलाइनर के बजाय पेंसिल आईलाइनर या फिर आईलैश ज्वॉइनर का इस्तेमाल करना ठीक रहता है। आईलाइनर की एक पतली सी लाइन लगाकर स्मज कर लें और ध्यान रखें कि वो गिरी हुई न हो, बल्कि ऊपर की ओर उठी हुई हो। वॉटरलाइन पर वाइट पेंसिल लगाएं, क्योंकि इससे आंखें बड़ी नजर आती हैं। होठों पर ब्राइट शेड की लिपस्टिक लगाकर आप दस साल ज्यादा जवा दिख सकती हैं।

नाइट रिजीम

जितना जरूरी दिन में सी.टी.एम.पी. यानी क्लींजिंग, टोनिंग, मॉयश्चराइजिंग एंड प्रोटेक्शन है, उतना ही जरूरी रात में सी.टी.एम.एन. यानी नॅरिशमेंट भी है। अपनी त्वचा को रोज रात में क्लीन करने के बाद नॅरिश करने के लिए ए.एच.ए. सीरम या ऑल्मण्ड ऑयल का इस्तेमाल करें। ए.एच.ए. यानी अल्फा हाईड्रॉक्सी एसिड फलों से निकाले गए एसिड होते हैं, जो त्वचा में तेजी से कोलाजन बनाकर झुर्रियां पडऩे से बचाते हैं और आंखों के नीचे का कालापन दूर करने में भी मदद करते हैं। इस सीरम के रोजाना इस्तेमाल से साइन ऑफ एजिंग कम होंगे। फिर चेहरे पर बादाम तेल से मसाज करें।

पोषणयुक्त आहार

स्वस्थ त्वचा के लिए स्वास्थ्यवर्धक भोजन सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। खूबसूरत त्वचा के लिए प्राकृतिक पौष्टिक तत्व युक्त भोजन है, मेवे, मछली, सफेद मीट, कुट्टू का आटा, ब्राउन राइस, हरी फूलगोभी, चुकंदर, टमाटर आदि। इसके अतिरिक्त भरपूर मात्रा में फल व सब्जियों के सेवन से त्वचा विकार रहित होती है।

सूर्य से बचें

सूर्य की रोशनी विटामिन डी का मुख्य स्रोत है। लेकिन सुबह 7 से 9 बजे तक की धूप त्वचा के लिए अच्छी होती है इसके बाद धूप से बचना चाहिए। क्योंकि यूवीरेज न सिर्फ त्वचा की सतह को नुकसान पहुंचाती है बल्कि त्वचा कैंसर का खतरा भी रहता है। इसलिए त्वचा चाहे सामान्य ही क्यों न हो 10 से लेकर 2 बजे तक की धूप से जरूर बचना चाहिए।