Renuka Goswami
बच्चे गीली मिट्टी की तरह होते हैं। और मिट्टी की तरह ही बचपन में उन्हें जिस आकार में ढाला जाता है। वे हमेशा के लिए उसी ढांचे में आसानी से ढल जाते हैं।
इसलिए उन्हें विनम्र और संस्कारी बनाने के लिए पेरेंट्स को शुरू से ही बच्चों पर ध्यान देकर उन्हें शिष्टाचार सीखना चाहिए। आइए बच्चों को सिखाने के लिए कुछ सबसे जरूरी बाते जानते हैं।
छोटे बच्चों को बचपन से ही यह सीखना बेहद जरूरी है, कि बातचीत के समय सब्र रखें और अपनी बारी आने तक इंतजार करें। इससे व्यक्ति के सुनने का कौशल बढ़ता है।
करुणा भाव से बोला गया हर शब्द सुनने वालों को कोमल और खूबसूरत लगता है। पेरेंट्स को हमेशा उन्हें कोमल शब्दों का चयन करना सीखाना चाहिए। इससे उनका संचार कौशल बेहतर होगा।
आजकल न्यूक्लियर फैमिली का चलन है। इसीलिए बच्चे आजकल अपनी बातें किसी से बांटना नहीं जानते हैं। ऐसे में बचपन से ही उन्हें अपनी भावनाओं को आपके साथ साझा करना सिखाएं।
बचपन से सिखाई गई छोटी आदतें जिंदगी भर काम आती है। बच्चे को अपनी बारी का इंतजार करना सीखना चाहिए। ऐसा करने से बच्चे बचपन से ही धैर्यवान बनते हैं और दूसरों को भी प्रेरित करते हैं।
बचपन से ही बच्चों को छोटे-छोटे काम सौंप देने चाहिए। जैसे खेलने के बाद खिलौने को इकट्ठा करना और होमवर्क करने के बाद किताबों को जगह पर रखना आदि। ऐसा करने वे अपना काम स्वयं करना सीखेंगे।
बच्चे अक्सर कुछ भी करने से पहले पेरेंट्स की इजाजत को जरूरी समझते हैं। लेकिन वही बड़े हो जाते हैं तो इस आदत को भूलने लगते हैं। ऐसे में उन्हें बताएं कि हमेशा जरूरी काम करने से पहले बड़ों की सलाह लेना जरूरी है।