Ingredients
Method
स्टेप 1: साग की सफाई और कटिंग
- सबसे पहले पालक और खट्टे पालक को अच्छी तरह 2–3 बार पानी से धो लें ताकि सारी मिट्टी निकल जाए। फिर इन्हें बारीक काटकर अलग रख दें।

स्टेप 2: दाल भिगोना
- चना दाल को साफ पानी से धोकर 10–15 मिनट के लिए भिगो दें। इससे दाल जल्दी गलती है और भाजी का टेक्सचर बढ़िया बनता है।

स्टेप 3: सब्जियों की तैयारी
- आलू, बैंगन, प्याज और टमाटर को पतला-पतला काट लें। हरी मिर्च बारीक काटें और अदरक को कद्दूकस कर लें। सारी सामग्री पहले से तैयार रखने से पकाने में आसानी होगी।

स्टेप 4: तड़का लगाना
- प्रेशर कुकर में तेल गरम करें। तेल गरम होने पर राई और जीरा डालें और उन्हें तड़कने दें, इससे भाजी में शानदार खुशबू आएगी।

स्टेप 5: मसालों को भूनना
- अब कटी हरी मिर्च और अदरक डालकर हल्का सा भूनें। फिर प्याज डालकर 1–2 मिनट तक पकाएँ, जब तक वह हल्का नरम न हो जाए।

स्टेप 6: सब्जियाँ और मसाले मिलाना
- अब आलू और बैंगन डालकर 2–3 मिनट भूनें। इसके बाद टमाटर, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर सब कुछ अच्छी तरह मिला लें।

स्टेप 7: साग और दाल पकाना
- अब कटा पालक, खट्टा पालक और भीगी हुई चना दाल कुकर में डालें। लगभग 1½ गिलास पानी डालकर अच्छी तरह मिलाएँ और कुकर का ढक्कन बंद करके 3–4 सीटी आने तक पकाएँ।

स्टेप 8: भाजी को मसल लें
- प्रेशर अपने आप निकलने दें। फिर ढक्कन खोलकर मथनी या करछी से भाजी को हल्का घोट लें, ताकि दाल और सब्जियाँ अच्छे से मिलकर गाढ़ी बनावट दे दें।

स्टेप 9: परोसना
- अब गरमागरम साई भाजी को ब्राउन राइस या सादे चावल के साथ परोसें।

Notes
कुछ अतिरिक्त टिप्स
- साई भाजी बनाते समय साग हमेशा बहुत अच्छी तरह धोएँ। पत्तेदार सब्जियों में अक्सर मिट्टी छिपी रह जाती है, इसलिए कम से कम दो–तीन बार पानी बदलकर साफ करें, तभी स्वाद और टेक्सचर अच्छा आएगा।
- चना दाल को थोड़ा भिगोना फायदेमंद रहता है। इससे दाल जल्दी गलती है और भाजी में दाने सख्त नहीं लगते, बल्कि बाकी सब्जियों के साथ अच्छे से मिल जाते हैं।
- खट्टे साग की मात्रा संतुलित रखें। अगर ज़्यादा डाल देंगे तो स्वाद बहुत खट्टा हो सकता है, इसलिए पालक के मुकाबले इसकी मात्रा थोड़ी कम रखना बेहतर रहता है।
- भाजी को पकने के बाद हल्का सा घोटना ज़रूरी होता है। इससे दाल, साग और सब्जियाँ आपस में मिलकर क्रीमी और गाढ़ी बनावट देती हैं, जो साई भाजी की खास पहचान है।
- मसाले बहुत तेज़ न रखें। साई भाजी का असली स्वाद साग और दाल का होता है, इसलिए हल्के मसाले ही इस्तेमाल करें ताकि प्राकृतिक फ्लेवर बना रहे।
- अगर चाहें तो आखिर में थोड़ा सा घी मिला सकते हैं। इससे खुशबू बढ़ती है और स्वाद और भी रिच लगता है, खासकर जब इसे गरम चावल के साथ परोसा जाए।
