Ingredients
Method
स्टेप 1: छोले उबालना
- काबुली चनों को रातभर भिगोकर रख दें। सुबह कुकर में चने, नमक, चायपत्ती की पोटली और पानी डालकर अच्छे से उबाल लें।

स्टेप 2: पिंडी छोले मसाला बनाना
- कड़ाही में थोड़ा तेल गरम करें और उसमें तेजपत्ता, दालचीनी, बड़ी इलायची डाल दें। अब सभी सूखे मसाले—लाल मिर्च, धनिया पाउडर, अमचूर, अनारदाना और पिंडी छोले मसाला डालकर भूनें।

स्टेप 3 : गुजिया का आटा तैयार करना
- मैदा में तेल/मोयन और नमक मिलाकर हाथों से अच्छी तरह मसलें। थोड़ा सख्त आटा पानी डालकर तैयार करें और ढककर थोड़ी देर रख दें।

स्टेप 4: गुजिया भरना और आकार देना
- आटे की छोटी लोइयाँ बनाकर पतला बेलें। बीच में 1–2 चम्मच पिंडी छोले भरें। गुजिया की तरह मोड़कर किनारों को अच्छी तरह दबाएँ और सील कर दें।

स्टेप 5: गुजिया तलना
- कढ़ाही में तेल गरम करें और गुजिया को मध्यम आँच पर डालें। धीरे-धीरे सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें।

स्टेप 6: सर्विंग
- गरम-गरम पिंडी छोले गुजिया को हरी चटनी, दही या इमली चटनी के साथ परोसें। यह स्नैक चाय के साथ भी बहुत स्वादिष्ट लगता है।

Notes
कुछ अतिरिक्त टिप्स
- पिंडी छोले गुजिया बनाते समय ध्यान रखें कि चने अच्छी तरह भिगोए हुए हों। जितने अच्छे से चने फूलेंगे, उतनी ही बढ़िया उनकी टेक्सचर बनेगी और भरावन स्वादिष्ट आएगी।
- मसालों को भूनते समय आँच मध्यम रखें। मसाले ज्यादा जल गए तो छोले का फ्लेवर कड़वा हो सकता है, इसलिए हल्का-सा भूनना ही सबसे अच्छा रहता है।
- टी बैग या चायपत्ती की पोटली का इस्तेमाल ज़रूर करें। इससे छोले को वह गहरा रंग और सुगंध मिलती है जो पिंडी छोले को खास बनाती है।
- गुजिया का आटा थोड़ा सख्त गूँथें। आटा नरम होगा तो गुजिया तले समय फट सकती है, और भरावन बाहर निकल सकती है।
- गुजिया भरते समय किनारों को अच्छी तरह सील करें। चाहे कांटे से दबाएँ या हाथ से मोड़ बनाकर, किनारे बिल्कुल टाइट होने चाहिए ताकि तलते समय तेल अंदर न जाए।
- तेल गरम हो लेकिन बहुत ज्यादा नहीं। बहुत गर्म तेल में गुजिया बाहर से तुरंत लाल हो जाती है लेकिन अंदर तक कुरकुरी नहीं बनती, इसलिए मध्यम आँच सबसे सही रहती है।
- तली हुई गुजिया को वायर रैक या टिश्यू पेपर पर रखें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए और गुजिया लंबे समय तक क्रिस्पी बनी रहे।
