Ingredients
Method
स्टेप 1: दालें भूनना
- सबसे पहले एक भारी तले की कड़ाही को धीमी आंच पर गरम करें। इसमें उड़द दाल डालें और लगातार चलाते हुए सुनहरा और खुशबूदार होने तक भून लें। इसे निकालकर अलग रख दें। अब इसी तरह चना दाल को भी धीमी आंच पर सुनहरा होने तक भूनें और अलग प्लेट में निकाल लें। दालों को धीमी आंच पर ही भूनना ज़रूरी है, वरना बाहर से जल सकती हैं और अंदर से कच्ची रह जाएंगी।

स्टेप 2: लाल मिर्च और धनिया भूनना
- अब पैन में थोड़ा तेल डालें और उसमें सूखी लाल मिर्च डालकर कुरकुरी होने तक भूनें। ध्यान रहे कि मिर्च जली नहीं, वरना पोड़ी कड़वी हो जाएगी। इन्हें निकालकर अलग रख दें। इसके बाद उसी तेल में धनिया बीज डालें और 2–3 मिनट तक भूनें जब तक उनकी खुशबू न आने लगे और रंग हल्का गहरा न हो जाए। इन्हें भी अलग निकाल लें।

स्टेप 3: करी पत्ता और तिल भूनना
- अब पैन में करी पत्ते डालें और धीमी आंच पर कुरकुरा होने तक भून लें। जब यह आसानी से टूटने लगे, तो समझ लीजिए तैयार हैं। इसके बाद पैन में तिल डालें और 1–2 मिनट तक चटकने और हल्का सुनहरा होने तक भूनें। ध्यान रखें कि तिल बहुत जल्दी जल जाते हैं, इसलिए इन्हें लगातार चलाते रहें।

स्टेप 4: मसालों को ठंडा करना
- सारी भुनी हुई सामग्री को एक बड़ी प्लेट में फैला दें और 15–20 मिनट के लिए पूरी तरह ठंडा होने दें। यह स्टेप बहुत ज़रूरी है क्योंकि अगर आप गरम सामग्री को पीसेंगे तो पोड़ी में नमी आ जाएगी और वह जल्दी खराब हो जाएगी।

स्टेप 5: मसालों को पीसना
- जब सारी सामग्री ठंडी हो जाए, तो इसे मिक्सर में डालें। अब इसमें नमक और एक चुटकी हींग डालें। मिक्सर को पल्स मोड में चलाते हुए सामग्री को दरदरा पीसें। ध्यान दें कि पाउडर बिल्कुल बारीक न हो, बल्कि थोड़ा दानेदार रहे। यही इसकी असली टेक्सचर और स्वाद है।

स्टेप 6: मिलागई पोडी को स्टोर करने का तरीका
- पिसी हुई पोडी को फिर से प्लेट में फैला कर ठंडा कर लें। इसके बाद इसे एयरटाइट डिब्बे में भरकर स्टोर करें। यह कमरे के तापमान पर कई हफ्तों तक सुरक्षित रहती है। अगर लंबे समय तक स्टोर करना हो तो फ्रिज में भी रख सकते हैं।

Notes
कुछ अतिरिक्त टिप्स
- दालें हमेशा धीमी आंच पर भूनें ताकि बाहर से जलें और अंदर से कच्ची न रहें।
- सूखी लाल मिर्च भूनते समय ध्यान रखें कि वह जल न जाए, वरना पोड़ी कड़वी हो जाती है।
- धनिया बीज भूनते समय सिर्फ 2–3 मिनट के लिए हल्का सुनहरा और खुशबूदार होने तक रखें।
- करी पत्ते भूनते समय हल्की आंच और लगातार चलाते रहें, ताकि वे कुरकुरे बनें।
- तिल जल्दी जल जाते हैं, इसलिए इसे भूनते समय लगातार हिलाते रहें।
- सभी भुनी सामग्री को पीसने से पहले पूरी तरह ठंडा कर लें, वरना पोड़ी में नमी आ जाएगी।
- पिसी हुई पोडी को एयरटाइट डिब्बे में रखें; कमरे के तापमान पर यह कई हफ्तों तक सुरक्षित रहती है।
