प्रियंका शर्मा
डार्क टूरिज्म में लोग उन जगहों पर जाते है, जो एतिहासिक रूप से त्रासदी, हमले या युद्ध और मृत्यु से जुड़ी हुई है।
काला पानी, पोर्ट ब्लेयर
सेल्यूलर जेल (काला पानी) यह एक औपनिवेशिक जेल था, जिसका उपयोग स्वतंत्रता सेनानियों को कैद करने और यातनाएं देने के लिए किया जाता था।
डुमस बीच, सूरत
माना जाता है कि डुमस समुद्र तट पर हिंदू दाह संस्कार होता था। ऐसा भी माना जाता है कि यहां आत्माएं वास करती है, इसीलिए यहां की रेत काली है।
जलियावाला बाग, अमृतसर
यह बाग भारत के स्वाधीनता संग्राम का साक्षी है। यहां ब्रिटिश हुकूमत द्वारा दुखद नरसंहार हुआ था। यहां की दीवारें उस जुल्म की दास्तां को बयां करती है।
कुलधरा गांव, जैसलमेर
यह राजस्थान में एक छोड़ा हुआ गांव है, जो रातों-रात वीरान हो गया था। इसका एक रहस्यमय इतिहास है। यह भारत के डार्क पर्यटन स्थलों में से एक है।
शनिवारवाड़ा, पुणे
इस एतिहासिक किले का महत्वपूर्ण हिस्सा आग के कारण नष्ट हो गया था। यह भूत की कहानी के लिए प्रसिद्ध है। माना जाता है यहां एक युवा राजकुमार की हत्या हुई थी।
गुजरी महल म्यूजियम, ग्वालियर
यहां पर कई कांस्य प्रतिमाएं, सिक्के और शिलालेख है, लेकिन इसके पीछे एक बड़ा परिसर है, जहां 1857 की क्रांति में मारे गए अंग्रेजों को दफनाया गया था।
रूपकुंड झील, उत्तराखंड
इसे 'कंकालों की झील' भी कहा जाता है। ये ट्रैकिंग के लिए एक लोकप्रिय स्थल है। झील के किनारे कई प्राचीन मानव कंकाल मिलने के कारण इसका ये नाम पड़ा।
भुज, गुजरात
भुज 2001 में एक बड़े भयानक भूकंप की चपेट में आया था। जिसमें हजारों लोग मारे गए थे। आज भी लोगों को यहां की इमारतों में गहरी दरारें दिखती है।
प्रियंका शर्मा