प्रियंका शर्मा
खजुराहो मंदिर हिंदू और जैन मंदिरों का एक समूह है। यह मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से करीब 50 किलोमीटर दूर है।
इन मंदिरों का निर्माण चंदेल वंश के शासकों द्वारा 9वीं और 11वीं शताब्दी के बीच करवाया गया था।
पहले यहां लगभग 85 मंदिर मौजूद थे, जिसमें आज यहां 25 मंदिरों का ही समूह मौजूद है, जिसमें 20 लाख देवी-देवताओं की मूर्तियां मौजूद हैं।
खजुराहो मंदिर समूह को 1986 में यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल घोषत किया था। ये मंदिर अपनी शानदार और जटिल नक्काशी के लिए बहुत प्रसिद्ध हैं।
जिसमें अनेकों देवी-देवताओं, पौराणिक जीव और जीवन के अलग-अलग पहलुओं को दर्शाया गया है।
यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासतों में से एक है। इसके निर्माण में बलुआ पत्थर और ग्रेनाइट के संयोजन का इस्तेमाल किया गया है।
साथ ही यहां जटिल नक्काशी वाले पत्थर और खंभे हैं, जो उस समय के शिल्पकारों के कलात्मक कौशल को दर्शातें हैं। इनमें ज्यादातर मूर्तियां कामुक कला की हैं।
इस मंदिर परिसर में कंदरिया महादेव मंदिर सबसे बड़ा और शानदार मंदिर है और मतंगेश्वर मंदिर एकमात्र ऐसा मंदिर है जो सक्रिय पूजा स्थल है।
यह मध्य प्रदेश के सबसे लोकप्रिय पर्यटक स्थलों में से एक है। ये भारत के सबसे अच्छी तरह से संरक्षित किए गए मंदिरों में से हैं।
स्वाति कुमारी