निक्की मिश्रा
प्रेग्नेंसी के पहले ट्राइमेस्टर यानी 1-3 महीने के कई तरह की दिक्कतें होती हैं। ट्रैवल के लिए सेकंड ट्राइमेस्टर यानी 3-6 महीने का वक्त सही रहता है।
ट्रैवल पीरियड सही से चुनें
आप डेस्टिनेशन का चुनाव सोच-समझकर ही करें। कोई पहाड़ी वाली जगह या सुनसान और शांत जगह न चुनें। कोशिश करें आप जहां जा रहे हैं, वहां के हवा की क्वालिटी सही हो।
ध्यान से चुनें डेस्टिनेशन
अपने साथ हेल्दी स्नैक्स और फ्लूइड्स साथ जरूर रखें। प्रेग्नेंसी में लंबे वक्त तक भूखे या प्यासे रहने से शरीर में डिहाइड्रेशन का खतरा हो सकता है।
स्नैक्स और फ्लूइड्स कैरी करें
प्रेग्नेंट महिला का शरीर जल्दी थक जाता है। इसलिएए सूटकेस हल्का रखें और कम सामान पैक करें। प्रेग्नेंसी के दौरान स्ट्रेस फ्री रहना और रिलैक्स करना ज्यादा जरूरी है।
कम सामान पैक करें
ट्रिप प्लान करने से पहले डॉक्टर से पूछना न भूलें।परमिशन मिलने के बाद ही प्रेग्नेंसी में ट्रैवल करने का प्लान बनाएं। अपना मेडिकल किट साथ ले जाना न भूलें।
डॉक्टर से अप्रूवल है जरूरी
आप फॉरेन ट्रिप पर जा रहे हैं, तो ट्रैवल इन्श्योरेंस चेक करना ना भूलें क्योंकि कुछ कंपनियां एक निश्चित समय तक ही प्रेगनेंट महिलाओं के लिए इन्श्योरेंस कवर करती हैं।
फॉरेन ट्रिप में रखें इस बात का ध्यान
ऐसी सीट का चुनाव करें जो आरामदायक तो हो ही साथ ही पैर ठीक से रखने के लिए स्पेस भी हो, जिसमें आराम से खुलकर अपनी स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कर सकें।
सीट का चुनाव
निधि मिश्रा