प्रियंका शर्मा
30 या 30 की उम्र के बाद स्किन को शाइनी और यंग बनाएं रखने के लिए इन 8 स्किन केयर प्रोडक्ट्स को रूटीन में शामिल करें।
ऐसे क्लिंजर को चुने जो माइल्ड, हाइड्रेटिंग, ग्लिसरीन युक्त हो और अपकी स्किन के नेचुरल ऑयल को छीने बिना गंदगी और मेकअप को हटा दें।
क्लिंजर
एक माइल्ड एक्सफोलीएंट जिसमें ग्लाइकोलिक या लैक्टिक एसिड होता है। ये सेल टर्नओवर को बढ़ावा देता है। इसका हफ्ते में 1-2 बार इस्तेमाल करें।
एक्सफोलीएटिंग सीरम
विटामिन सी एक एंटीऑक्सीडेंट है जो स्किन को शाइनी बनाता है। इससे स्किन टोन इवन होती है।
विटामिन सी सीरम
हयालूरोनिक एसिड एक हाइड्रेटिंग एजेंट है जो स्किन में नमी बनाए रखता है। साथ ही ये स्किन को सॉफ्ट बनाता है और रिंकल्स को कम करता है।
हयालूरोनिक एसिड सीरम
नियासिनमाइड सीरम (विटामिन बी3) स्किन के नेचुरल ऑयल को कंट्रोल करता है। ये स्किन टेक्सचर को भी ठीक करता है।
नियासिनमाइड सीरम
पेप्टाइड रिच मॉइस्चराइज़र कोलेजन को बढ़ावा देता है, इससे स्किन में निखार आता है। ये स्किन को यंग बनाता है।
पेप्टाइड रिच मॉइस्चराइज़र
समय से पहले एजिंग और UV किरणों के डैमेज से बचने के लिए कम से कम SPF 30 वाली ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।
सनस्क्रीन
हयालूरोनिक एसिड और एंटीऑक्सिडेंट वाली आई क्रीम रोजाना लगाने से आखों की सूजन और काले घेरों को ठीक करती है।
आई क्रीम