सुनैना
रामचरितमानस की चौपाइयों में ऐसी क्षमता है जिनके जप से ही मनुष्य बड़े-से-बड़े संकट में भी खुद को ऊर्जावान महसूस करेंगे। आइये जानते हैं कौन सी हैं वो चौपाइयां-
"दीन दयालु विरद संभारी। हरहु नाथ मम संकट भारी।" अगर आपको लग रहा है कि आप किसी संकट में फंस रहे हैं तो आप इस चौपाई को पढ़ सकते हैं।
"राजिव नयन धरे धनु सायक। भक्त विपत्ति भंजन सुखदायक।" भगवान श्रीराम भक्तों की विपत्तियों का नाश करके उन्हें सुख प्रदान करने के लिए सदैव हाथ में धनुष धारण किए रहते हैं।
"मोरे हित हरि सम नहि कोऊ। एहि अवसर सहाय सोई होऊ।" अगर आपको लग रहा है कि वर्तमान स्थिति में आपकी सहायता करने वाला कोई नहीं है तो आप इस चौपाई का ध्यान करें।
"मामभिरक्षक रघुकुल नायक। घृत वर चाप रुचिर कर सायक।" भगवान श्रीराम के हाथों में सुंदर धनुष और बाण हैं। वह व्यक्ति की सभी परेशानियों को दूर करते हैं।
"कवन सो काज कठिन जग माही। जो नहीं होइ तात तुम पाहीं।" दुनिया के सभी कठिन कार्य जिनको दूसरों के द्वारा पूरा नहीं किया जा सकता है वो श्रीराम की कृपा से हासिल हो सकता है।
"दैहिक दैविक भौतिक तापा। राम काज नहिं काहुहिं व्यापा।" यह चौपाइ भगवान राम के अधिकार और अस्तित्व के सभी पहलुओं पर उनकी दिव्य संप्रभुता में विश्वास को व्यक्त करता है।
"राम कृपा नाशहिं सव रोगा। जो यहि भांति बनहिं संयोगा।" जो वायरस फैला हुआ है उससे किसी को राहत नहीं मिलने वाली। लेकिन इस चौपाई से आप रोगों की आशंका को दूर कर सकते हैं।
सुनैना