स्वाति कुमारी
अगर आपने एक बार तीज के व्रत रख लिया है, तो इसे बीच में नहीं छोड़ना चाहिए।
आप व्रत रख रही हैं, तो पहले नहाकर मां की प्रतिमा को रेशमी वस्त्र और गहनों से सजाएं।
तीज के दिन तृतीया तिथि में ही भगवान शिव व माता पार्वती का पूजन करना चाहिए।
पूजा के बाद व्रती महिलाओं को किसी महिला को सुहाग का सामान भेंट करना चाहिए।
महिलाओं को इस दिन दुल्हन की तरह कपड़े और जेवर पहनकर तैयार होना चाहिए।
ये व्रत निर्जला होता है। ऐसे में ध्यान रखें कि गलती से भी जल या अनाज का सेवन न करें।
इस पूजा में कथा का विशेष महत्व है। इसलिए हरियाली तीज व्रत कथा जरूर सुनें।
व्रत के दौरान सोना वर्जित माना जाता है। ऐसे में ध्यान रखें कि आप पूरे समय जगी ही रहें।
स्वाति कुमारी